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लोकसभा चुनाव: कांग्रेस का 33 फीसदी आरक्षण देने का वादा, फिर भी पंजाब में एक महिला बनी प्रत्याशी
Thu, 25 Apr 2019 02:53 PM IST
खुशबू गोयल
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 25 Apr 2019 02:53 PM IST
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parneet kaur
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सभी सियासी दल महिलाओं को हर क्षेत्र में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की हिमायत कर रहे हैं। लेकिन लोकसभा चुनाव में महिला उम्मीदवारों के मामले में पंजाब पिछड़ गया है। कांग्रेस ने सत्ता में आने पर स्थानीय निकाय में महिलाओं के लिए पचास प्रतिशत आरक्षण का एलान किया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव प्रचार के दौरान राजनीति में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा कर रहे हैं।
कांग्रेस ने शुरुआत में यह संतुलन बैठाने को माथापच्ची भी की थी। इसके तहत पंजाब से तीन महिलाओं को टिकट देने की योजना बनाई गई थी। लेकिन आखिरकार सिर्फ एक ही महिला को टिकट दिया गया। परनीत कौर पटियाला से चुनाव मैदान में हैं। शिरोमणि अकाली दल ने दो महिलाओं को टिकट दिए हैं। हरसिमरत कौर बादल बठिंडा और जागीर कौर खडूर साहिब से चुनाव लड़ रही हैं।
आम आदमी पार्टी और पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस ने भी एक-एक उम्मीदवार उतारा है। आप से बलजिंदर कौर बठिंडा और पीडीए से परमजीत कौर खालड़ा खडूर साहिब से चुनावी मैदान में हैं। पहली बार भाजपा से गुरदासपुर में महिला को टिकट की उम्मीद थी, लेकिन कविता खन्ना का टिकट कट गया। पांच महिला उम्मीदवारों में से दो जगह ये खुद ही आमने-सामने हैं। 2014 में प्रमुख पार्टियों से पांच महिलाएं लड़ी थीं।
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कांग्रेस-शिअद ने दो-दो और आप ने एक महिला को टिकट दिया था। जिनमें से सिर्फ एक हरसिमरत कौर बादल ही संसद पहुंच सकी थीं।
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कांग्रेस ने शुरुआत में यह संतुलन बैठाने को माथापच्ची भी की थी। इसके तहत पंजाब से तीन महिलाओं को टिकट देने की योजना बनाई गई थी। लेकिन आखिरकार सिर्फ एक ही महिला को टिकट दिया गया। परनीत कौर पटियाला से चुनाव मैदान में हैं। शिरोमणि अकाली दल ने दो महिलाओं को टिकट दिए हैं। हरसिमरत कौर बादल बठिंडा और जागीर कौर खडूर साहिब से चुनाव लड़ रही हैं।
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आम आदमी पार्टी और पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस ने भी एक-एक उम्मीदवार उतारा है। आप से बलजिंदर कौर बठिंडा और पीडीए से परमजीत कौर खालड़ा खडूर साहिब से चुनावी मैदान में हैं। पहली बार भाजपा से गुरदासपुर में महिला को टिकट की उम्मीद थी, लेकिन कविता खन्ना का टिकट कट गया। पांच महिला उम्मीदवारों में से दो जगह ये खुद ही आमने-सामने हैं। 2014 में प्रमुख पार्टियों से पांच महिलाएं लड़ी थीं।
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कांग्रेस-शिअद ने दो-दो और आप ने एक महिला को टिकट दिया था। जिनमें से सिर्फ एक हरसिमरत कौर बादल ही संसद पहुंच सकी थीं।
दस साल पहले कायम की थी सरदारी
महिलाओं को संसद भेजने के मामले में पंजाब ने 2009 में सरदारी कायम की थी। पंजाब के लोगों ने 13 सीटों में से चार महिला सांसदों को जिताया था। यह पंजाब का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन था। प्रमुख पार्टियों की चारों महिला उम्मीदवार जीत गई थीं। कांग्रेस से परनीत कौर और संतोष चौधरी और शिअद से हरसिमरत कौर बादल व परमजीत कौर गुलशन जीती थीं। सीटों के मुकाबले महिलाओं की जीत के लिहाज से मेघालय के बाद देश भर में यह सबसे अच्छा प्रदर्शन था। मेघालय 50 प्रतिशत, तो पंजाब 30.76 फीसदी पर रहा था।
1967 में पहली बार जीतीं दो महिलाएं
पंजाब की महिलाओं ने पहली बार 1967 के लोकसभा चुनाव में संसद में दस्तक दी थी। कांग्रेस से पटियाला से राजघराने की महिंदर कौर, तो संगरूर से अकाली दल की निरलेप कौर ने जीत हासिल की थी। 1980 में फिर कांग्रेस टिकट पर गुरदासपुर से सुखबंस कौर भिंडर व फरीदकोट से गुरबिंदर कौर चुनाव जीत कर संसद पहुंचीं। भिंडर 1996 तक लगातार पांच बार जीतीं। 1989 में पहली बार तीन महिलाएं जीतीं। कांग्रेस की संतोष चौधरी को वोटरों ने तीन बार जिताया। वहीं, कांग्रेस की परनीत कौर ने 1998 से 2014 और शिअद की परमजीत कौर गुलशन ने 2004 से 2014 तक लगातार जीत हासिल की।
1967 में पहली बार जीतीं दो महिलाएं
पंजाब की महिलाओं ने पहली बार 1967 के लोकसभा चुनाव में संसद में दस्तक दी थी। कांग्रेस से पटियाला से राजघराने की महिंदर कौर, तो संगरूर से अकाली दल की निरलेप कौर ने जीत हासिल की थी। 1980 में फिर कांग्रेस टिकट पर गुरदासपुर से सुखबंस कौर भिंडर व फरीदकोट से गुरबिंदर कौर चुनाव जीत कर संसद पहुंचीं। भिंडर 1996 तक लगातार पांच बार जीतीं। 1989 में पहली बार तीन महिलाएं जीतीं। कांग्रेस की संतोष चौधरी को वोटरों ने तीन बार जिताया। वहीं, कांग्रेस की परनीत कौर ने 1998 से 2014 और शिअद की परमजीत कौर गुलशन ने 2004 से 2014 तक लगातार जीत हासिल की।