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लोकसभा चुनाव 2019: सनी देओल को प्रत्याशी बनाने पर भाजपा में बगावती सुर, विरोधी खेलेंगे बड़ा दांव
Thu, 25 Apr 2019 10:31 AM IST
खुशबू गोयल
मनन सैनी, अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब)
मनन सैनी, अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 25 Apr 2019 10:31 AM IST
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सनी देओल
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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए हलका गुरदासपुर से भाजपा की ओर से अभिनेता सनी देओल को उम्मीदवार बनाए जाने पर पार्टी में बगावती सुर उठने लगे हैं। हलके में कांग्रेस के किले को ध्वस्त करने वाले विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना और स्वर्ण सलारिया ने जल्द ही कोई बड़ा फैसला लेने के संकेत दिए हैं।
कयास लगाए जा रहे हैं कि कविता खन्ना आजाद उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भर सकती हैं। कविता खन्ना ने फोन पर बातचीत में बताया कि वह दिल्ली में हैं और वीरवार या शुक्रवार को समर्थकों के साथ प्रेस कांफ्रेंस करके रणनीति के संबंध में खुलासा करेंगी।
उनका कहना है कि हलके के लोग उन्हें और विनोद खन्ना को दिल में बसाते हैं और उन्हें प्यार करते हैं। वह लोगों की भावनाओं की कदर करती हैं और उनकी सहमति पर ही अपनी मोहर लगाएंगी। वह खुलकर बोलने की हिम्मत रखती हैं और किसी से डरती नहीं हैं। जो भी होगा आने वाले दिनों में पत्ते खोल दूंगी।
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दूसरी तरफ स्वर्ण सलारिया ने कहा कि 27 अप्रैल को वह प्रेस कांफ्रेंस करके सबको अगली रणनीति बताएंगे। कई भाजपा नेताओं और वर्करों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि विनोद खन्ना के निधन के बाद कविता खन्ना और स्वर्ण सलारिया ही हलके में भाजपा का झंडा लहरा रहे हैं। लेकिन हाईकमान ने पैराशूट प्रत्याशी सनी देओल को मैदान में उतार दिया। पार्टी की हालत इतनी खस्ता नहीं थी कि उन्हें कोई बाहर से उम्मीदवार उतारना पड़ता।
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कयास लगाए जा रहे हैं कि कविता खन्ना आजाद उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भर सकती हैं। कविता खन्ना ने फोन पर बातचीत में बताया कि वह दिल्ली में हैं और वीरवार या शुक्रवार को समर्थकों के साथ प्रेस कांफ्रेंस करके रणनीति के संबंध में खुलासा करेंगी।
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उनका कहना है कि हलके के लोग उन्हें और विनोद खन्ना को दिल में बसाते हैं और उन्हें प्यार करते हैं। वह लोगों की भावनाओं की कदर करती हैं और उनकी सहमति पर ही अपनी मोहर लगाएंगी। वह खुलकर बोलने की हिम्मत रखती हैं और किसी से डरती नहीं हैं। जो भी होगा आने वाले दिनों में पत्ते खोल दूंगी।
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दूसरी तरफ स्वर्ण सलारिया ने कहा कि 27 अप्रैल को वह प्रेस कांफ्रेंस करके सबको अगली रणनीति बताएंगे। कई भाजपा नेताओं और वर्करों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि विनोद खन्ना के निधन के बाद कविता खन्ना और स्वर्ण सलारिया ही हलके में भाजपा का झंडा लहरा रहे हैं। लेकिन हाईकमान ने पैराशूट प्रत्याशी सनी देओल को मैदान में उतार दिया। पार्टी की हालत इतनी खस्ता नहीं थी कि उन्हें कोई बाहर से उम्मीदवार उतारना पड़ता।
कविता खन्ना निराश, कहा- छला हुआ महसूस कर रही हूं
कविता खन्ना ने कहा है कि वह अभिनेता सनी देओल को गुरदासपुर लोकसभा सीट से टिकट मिलने से छला हुआ महसूस कर रही हैं और निर्दलीय चुनाव लड़ने सहित दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहीं हैं। भाजपा ने मंगलवार शाम गुरदासपुर से देओल को पार्टी प्रत्याशी बनाने की घोषणा की थी। इस फैसले से कविता की उम्मीदें टूट गईं क्योंकि वह खुद यहां से पार्टी का टिकट पाना चाहती थीं।
उन्होंने कहा कि मैं यह भी महसूस करती हूं कि जो लोग मुझे सांसद बनना देखना चाहते थे, उनकी उम्मीदों को अनदेखा किया गया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर गुरदासपुर संसदीय सीट पर उतरेंगी, तो उन्होंने कहा, ‘मैं सारे विकल्पों पर विचार कर रही हूं। मैंने (अभी तक) कोई फैसला नहीं किया है। मैंने किसी मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं किया है।’
उन्होंने बताया कि दिवंगत विनोद खन्ना के साथ उन्होंने गुरदासपुर के लोगों की 20 साल सेवा की है। मुझे ईश्वर में विश्वास है। जीवन एक यात्रा है। मैंने यहां 20 साल कार्य किया है। जब विनोद जी अस्वस्थ थे, तो मैं लोगों से मिलती थी। लोग मुझे सांसद बनते देखना चाहते हैं। टिकट पाने की आशा से ही कविता गुरदासपुर के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से पिछले कई सप्ताहों से बैठक कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि मैं यह भी महसूस करती हूं कि जो लोग मुझे सांसद बनना देखना चाहते थे, उनकी उम्मीदों को अनदेखा किया गया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर गुरदासपुर संसदीय सीट पर उतरेंगी, तो उन्होंने कहा, ‘मैं सारे विकल्पों पर विचार कर रही हूं। मैंने (अभी तक) कोई फैसला नहीं किया है। मैंने किसी मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं किया है।’
उन्होंने बताया कि दिवंगत विनोद खन्ना के साथ उन्होंने गुरदासपुर के लोगों की 20 साल सेवा की है। मुझे ईश्वर में विश्वास है। जीवन एक यात्रा है। मैंने यहां 20 साल कार्य किया है। जब विनोद जी अस्वस्थ थे, तो मैं लोगों से मिलती थी। लोग मुझे सांसद बनते देखना चाहते हैं। टिकट पाने की आशा से ही कविता गुरदासपुर के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से पिछले कई सप्ताहों से बैठक कर रही थीं।