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लोकसभा चुनाव 2019: ‘लालों’ और हुड्डा के गढ़ होंगे ध्वस्त या भाजपा को मात, बस दस दिन की बात
Mon, 13 May 2019 11:20 AM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 13 May 2019 11:20 AM IST
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मनोहर लाल और भूपेंद्र सिंह हुड्डा
- फोटो : File Photo
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हरियाणा के तीन ‘लालों’ और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ 2019 में बचेंगे या ध्वस्त होंगे, ये जानने के लिए दिल थामकर दस दिन तक इंतजार करिए। ताऊ देवीलाल, बंसीलाल व भजन लाल के साथ ही पूर्व सीएम हुड्डा के गढ़ों में इस बार सबसे अधिक मतदान हुआ है। अधिक मतदान किस करवट बैठेगा, इसे लेकर सियासी गलियारों में कयासबाजी शुरू हो गई है। 23 मई को ईवीएम खुलने के बाद स्थिति साफ हो जाएगी। जाट बहुल के साथ ही एससी सीट सिरसा पर ज्यादा मतदान किसके पक्ष में रहेगा, इसका हिसाब किताब राजनीतिक विश्लेषक लगा रहे हैं।
हिसार, सिरसा और रोहतक के गढ़ 2014 में कांग्रेस और इनेलो ने मोदी लहर में बचा लिए थे। उस समय देश में कांग्रेस विरोधी लहर थी। बीते चुनाव में प्रदेश की सभी दस लोकसभा सीटों पर जमकर मतदान हुआ था, जिसमें सिरसा मतदान प्रतिशत में टॉप पर था। उसके बाद हिसार, कुरुक्षेत्र, अंबाला, गुरुग्राम, करनाल, भिवानी-महेंद्रगढ़, सोनीपत, रोहतक और फरीदाबाद का नंबर था। इस बार सिरसा फिर मतदान प्रतिशत को लेकर अव्वल है, लेकिन पिछले चुनाव की तुलना लगभग छह फीसदी वोट कम पड़े हैं।
इस बार जाट बहुल सीटों रोहतक, सोनीपत, हिसार, कुरुक्षेत्र और भिवानी-महेंद्रगढ़ में करनाल, अंबाला, फरीदाबाद व सोनीपत की तुलना अच्छी-खासी वोटिंग हुई है। सीएम सिटी करनाल में इस बार सबसे कम मतदान हुआ है। गुरुग्राम और फरीदाबाद ने भी मतदान में निराश किया है। पिछली बार गुरुग्राम में मतदान प्रतिशत 72 पार तो फरीदाबाद में 65 फीसदी से अधिक था। इस बार ये दोनों शहर पैंसठ फीसदी से नीचे हैं। जाट बहुल सीटों पर अधिक मतदान होने से कांग्रेस को जहां वापसी की उम्मीद जगी हैं, वहीं भाजपा अबकी बार ऐतिहासिक प्रदर्शन का दावा कर रही है। इनेलो और जजपा को चमत्कार की आस हैं।
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हिसार, सिरसा और रोहतक के गढ़ 2014 में कांग्रेस और इनेलो ने मोदी लहर में बचा लिए थे। उस समय देश में कांग्रेस विरोधी लहर थी। बीते चुनाव में प्रदेश की सभी दस लोकसभा सीटों पर जमकर मतदान हुआ था, जिसमें सिरसा मतदान प्रतिशत में टॉप पर था। उसके बाद हिसार, कुरुक्षेत्र, अंबाला, गुरुग्राम, करनाल, भिवानी-महेंद्रगढ़, सोनीपत, रोहतक और फरीदाबाद का नंबर था। इस बार सिरसा फिर मतदान प्रतिशत को लेकर अव्वल है, लेकिन पिछले चुनाव की तुलना लगभग छह फीसदी वोट कम पड़े हैं।
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इस बार जाट बहुल सीटों रोहतक, सोनीपत, हिसार, कुरुक्षेत्र और भिवानी-महेंद्रगढ़ में करनाल, अंबाला, फरीदाबाद व सोनीपत की तुलना अच्छी-खासी वोटिंग हुई है। सीएम सिटी करनाल में इस बार सबसे कम मतदान हुआ है। गुरुग्राम और फरीदाबाद ने भी मतदान में निराश किया है। पिछली बार गुरुग्राम में मतदान प्रतिशत 72 पार तो फरीदाबाद में 65 फीसदी से अधिक था। इस बार ये दोनों शहर पैंसठ फीसदी से नीचे हैं। जाट बहुल सीटों पर अधिक मतदान होने से कांग्रेस को जहां वापसी की उम्मीद जगी हैं, वहीं भाजपा अबकी बार ऐतिहासिक प्रदर्शन का दावा कर रही है। इनेलो और जजपा को चमत्कार की आस हैं।
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इनेलो-जजपा के सामने खुद को साबित करने की चुनौती
इनेलो और चौटाला परिवार के दोफाड़ होने के बाद जहां इनेलो को सिरसा तो जींद उपचुनाव से पहले अस्तित्व में आई जजपा को हिसार सीट बचानी होगी। इसके अलावा इनेलो की प्रतिष्ठा कुरुक्षेत्र व जजपा की सोनीपत में भी दांव पर है। कुरुक्षेत्र में अभय चौटाला के बेटे अर्जुन चौटाला मैदान में हैं तो सोनीपत से अजय चौटाला के बेटे दिग्विजय चुनाव लड़ रहे हैं।
कम मतदान को अपने पक्ष में मानकर चल रही भाजपा
2014 की तुलना कम मतदान को भाजपा अपने पक्ष में मानकर चल रही है। पार्टी थिंक टैंक का मानना है कि इस बार सत्ता विरोधी लहर नहीं थी। कांग्रेस व अन्य पार्टियों के मुकाबले भाजपा का मतदाता बूथ पर वोट डालने ज्यादा पहुंचा है। लोगों ने मोदी के नाम पर वोट दिया है, जिससे कांग्रेस और इनेलो के गढ़ भी भाजपा जीतेगी।
मतदाताओं ने मोदी-मनोहर की नीतियों पर लगाई मुहर: जैन
सीएम के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों पर मतदाताओं ने मुहर लगाई है। पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम मनोहर लाल के कामों पर भरोसा जताया है। चुनाव नतीजे भाजपा के पक्ष में होंगे।
कांग्रेस के पक्ष में मतदान के लिए निकले मतदाता: हुड्डा
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से जनता तंग आ चुकी थी। मतदाताओं ने घर से निकलकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है। कांग्रेस इस चुनाव में 2009 का प्रदर्शन दोहराने की ओर बढ़ चुकी है।
कम मतदान को अपने पक्ष में मानकर चल रही भाजपा
2014 की तुलना कम मतदान को भाजपा अपने पक्ष में मानकर चल रही है। पार्टी थिंक टैंक का मानना है कि इस बार सत्ता विरोधी लहर नहीं थी। कांग्रेस व अन्य पार्टियों के मुकाबले भाजपा का मतदाता बूथ पर वोट डालने ज्यादा पहुंचा है। लोगों ने मोदी के नाम पर वोट दिया है, जिससे कांग्रेस और इनेलो के गढ़ भी भाजपा जीतेगी।
मतदाताओं ने मोदी-मनोहर की नीतियों पर लगाई मुहर: जैन
सीएम के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों पर मतदाताओं ने मुहर लगाई है। पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम मनोहर लाल के कामों पर भरोसा जताया है। चुनाव नतीजे भाजपा के पक्ष में होंगे।
कांग्रेस के पक्ष में मतदान के लिए निकले मतदाता: हुड्डा
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से जनता तंग आ चुकी थी। मतदाताओं ने घर से निकलकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है। कांग्रेस इस चुनाव में 2009 का प्रदर्शन दोहराने की ओर बढ़ चुकी है।