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लोकसभा चुनाव 2019: होशियारपुर में गुटबाजी से जूझ रही भाजपा को अब पीएम मोदी की रैली का सहारा
Tue, 07 May 2019 01:29 PM IST
खुशबू गोयल
डॉ. संजीव कुमार बख्शी, अमर उजाला, होशियारपुर(पंजाब)
डॉ. संजीव कुमार बख्शी, अमर उजाला, होशियारपुर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 07 May 2019 01:29 PM IST
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pm modi
- फोटो : ANI
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पंजाब में होशियारपुर संसदीय सीट से उम्मीदवार तय होने में हुई देरी के चलते भाजपा प्रत्याशी की चुनावी मुहिम हलके में अभी तक ठंडी नजर आ रही है। वहीं भाजपाई दिग्गजों की गैर मौजूदगी और गुटबंदी से निपटना भी भाजपा प्रत्याशी के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। ऐसे में अब भाजपा होशियारपुर में 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली कराने जा रही है। पिछले चुनाव में भी मोदी ने स्थानीय रोशन ग्राउंड में रैली की थी।
टिकट बंटवारे के बाद पहले मौजूदा सांसद विजय सांपला की नाराजगी और फिर दिग्गज नेताओं की मान मनौव्वल के बाद सांपला के पार्टी के निर्णय से सहमति जताने के बाद भाजपा को चुनावी मुहिम के जोर पकड़ने की आस बंधी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद के नेतृत्व वाला एक गुट तो सोम प्रकाश के साथ दिख रहा है, लेकिन तीक्ष्ण के विरोधी माने जाने वाले भाजपा के दिग्गज नेताओं और उनके समर्थकों के नदारद रहने से लगता है कि मामला असल में ‘बेखुदी बेसबब नहीं गालिब, कुछ तो है जिसकी पर्दादारी है’ वाला ही है।
अकाली भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार सोम प्रकाश की चुनाव मुहिम अभी तक ठंडी दिख रही है। पिछले दिनों भाजपा उम्मीदवार सोम प्रकाश ने अपनी चुनावी मुहिम का आगाज करते विभिन्न बाजारों का चक्कर लगाया तो उनके साथ भाजपा के पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद व उनके गुट के कुछ लोग ही थे। भाजपा के पुराने पदाधिकारी व वर्करों के साथ-साथ पूर्व सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना या उनके गुट के समर्थक कहीं भी नजर नहीं आए।
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हालांकि खन्ना ने बाद में सोम प्रकाश के साथ इक्का-दुक्का चुनावी बैठकें की लेकिन वह राजस्थान में अपनी व्यस्तता के चलते होशियारपुर में नहीं हैं और न ही उनके समर्थक चुनावी मुहिम में नजर आते हैं। निवर्तमान सांसद और केंद्रीय राज मंत्री विजय सांपला का अभी तक चुनाव मुहिम से दूरी बनाए रखना भी आने वाले समय में भाजपा उम्मीदवार के लिए मुश्किल का सबब बन सकता है। हालांकि इसके लिए यह स्पष्टीकरण दिया जा रहा हो कि उन्हें पार्टी ने गुरदासपुर का कार्यभार सौंपा है।
राजनीतिक हलकों में अभी तक शिरोमणि अकाली दल भी पूरी तरह भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में नजर नहीं आ रहा। चाहे शिरोमणि अकाली दल के शहरी जिलाध्यक्ष जतिन्दर सिंह लाली बाजवा, बीबी महिंदर कौर जोश, सोहन सिंह ठंडल पूर्व कैबिनेट मंत्री, एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी मैंबर शिरोमणि कमेटी व अन्य अकाली नेता सोम प्रकाश के नामांकन कागज भरने के मौके पर मौजूद रहे लेकिन सोम प्रकाश की चुनाव मुहिम को धार देने में अभी तक अकाली दल भी सरगर्म नजर नहीं आ रहा।
इन हालात में भाजपा की गुटबंदी पर काबू पाना तथा अकाली दल को भी सरगर्म करने के लिए भाजपा नेता किसी बड़े नेता की फेरी की जुगत में थे जो अब 10 मई को होने वाली मोदी की रैली से पूरी होने जा रही है। भाजपाइयों को उम्मीद है कि मोदी के आने से जहां भाजपा का चुनावी माहौल गर्माएगा वहीं रूठे नेताओं को साथ लाने में भी मदद मिलेगी।
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टिकट बंटवारे के बाद पहले मौजूदा सांसद विजय सांपला की नाराजगी और फिर दिग्गज नेताओं की मान मनौव्वल के बाद सांपला के पार्टी के निर्णय से सहमति जताने के बाद भाजपा को चुनावी मुहिम के जोर पकड़ने की आस बंधी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद के नेतृत्व वाला एक गुट तो सोम प्रकाश के साथ दिख रहा है, लेकिन तीक्ष्ण के विरोधी माने जाने वाले भाजपा के दिग्गज नेताओं और उनके समर्थकों के नदारद रहने से लगता है कि मामला असल में ‘बेखुदी बेसबब नहीं गालिब, कुछ तो है जिसकी पर्दादारी है’ वाला ही है।
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अकाली भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार सोम प्रकाश की चुनाव मुहिम अभी तक ठंडी दिख रही है। पिछले दिनों भाजपा उम्मीदवार सोम प्रकाश ने अपनी चुनावी मुहिम का आगाज करते विभिन्न बाजारों का चक्कर लगाया तो उनके साथ भाजपा के पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद व उनके गुट के कुछ लोग ही थे। भाजपा के पुराने पदाधिकारी व वर्करों के साथ-साथ पूर्व सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना या उनके गुट के समर्थक कहीं भी नजर नहीं आए।
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हालांकि खन्ना ने बाद में सोम प्रकाश के साथ इक्का-दुक्का चुनावी बैठकें की लेकिन वह राजस्थान में अपनी व्यस्तता के चलते होशियारपुर में नहीं हैं और न ही उनके समर्थक चुनावी मुहिम में नजर आते हैं। निवर्तमान सांसद और केंद्रीय राज मंत्री विजय सांपला का अभी तक चुनाव मुहिम से दूरी बनाए रखना भी आने वाले समय में भाजपा उम्मीदवार के लिए मुश्किल का सबब बन सकता है। हालांकि इसके लिए यह स्पष्टीकरण दिया जा रहा हो कि उन्हें पार्टी ने गुरदासपुर का कार्यभार सौंपा है।
राजनीतिक हलकों में अभी तक शिरोमणि अकाली दल भी पूरी तरह भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में नजर नहीं आ रहा। चाहे शिरोमणि अकाली दल के शहरी जिलाध्यक्ष जतिन्दर सिंह लाली बाजवा, बीबी महिंदर कौर जोश, सोहन सिंह ठंडल पूर्व कैबिनेट मंत्री, एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी मैंबर शिरोमणि कमेटी व अन्य अकाली नेता सोम प्रकाश के नामांकन कागज भरने के मौके पर मौजूद रहे लेकिन सोम प्रकाश की चुनाव मुहिम को धार देने में अभी तक अकाली दल भी सरगर्म नजर नहीं आ रहा।
इन हालात में भाजपा की गुटबंदी पर काबू पाना तथा अकाली दल को भी सरगर्म करने के लिए भाजपा नेता किसी बड़े नेता की फेरी की जुगत में थे जो अब 10 मई को होने वाली मोदी की रैली से पूरी होने जा रही है। भाजपाइयों को उम्मीद है कि मोदी के आने से जहां भाजपा का चुनावी माहौल गर्माएगा वहीं रूठे नेताओं को साथ लाने में भी मदद मिलेगी।