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लोकसभा चुनाव 2019: गठबंधन के लिए आतुर 'आप' को बड़ा झटका, आजाद-हुड्डा ने कर लिया किनारा
Thu, 18 Apr 2019 11:42 AM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 18 Apr 2019 11:42 AM IST
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गुलाम नबी आजाद
- फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली के साथ हरियाणा में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन को लालायित आम आदमी पार्टी को फिलहाल निराशा हाथ लगी है। हरियाणा कांग्रेस ने आप को जोर का झटका धीरे से दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सीधे तौर पर आप के साथ गठबंधन से किनारा कर लिया।
इससे पहले राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस, आप और जेजेपी के बीच दिल्ली, हरियाणा व चंडीगढ़ में गठबंधन होने की अटकलें जोरों पर रहीं। हरियाणा में तो सोशल मीडिया पर कांग्रेस, आप और जेजेपी के बीच सात, दो और एक सीटों का बंटवारा भी कर दिया गया। उधर, जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने कांग्रेस के साथ किसी भी सूरत में गठबंधन न करने की बात दोहराई है।
चूंकि, इनेलो से अलग होकर अस्तित्व में आई जेजेपी के लिए कांग्रेस के साथ लोकसभा के चुनावी रण में उतरना आत्मघाती फैसला होगा। हरियाणा कांग्रेस शुरू से ही आप के साथ प्रदेश में गठबंधन का विरोध करती आ रही है। प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर व एआईसीसी मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी इससे इंकार कर चुके हैं।
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गठबंधन को लेकर आखिरी फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को करना है। जिन्होंने हरियाणा में आप के साथ गठबंधन को लेकर अभी तक न तो राज्य प्रभारी गुलाम नबी आजाद, न ही पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अन्य नेताओं से विचार-विमर्श किया है।
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इससे पहले राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस, आप और जेजेपी के बीच दिल्ली, हरियाणा व चंडीगढ़ में गठबंधन होने की अटकलें जोरों पर रहीं। हरियाणा में तो सोशल मीडिया पर कांग्रेस, आप और जेजेपी के बीच सात, दो और एक सीटों का बंटवारा भी कर दिया गया। उधर, जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने कांग्रेस के साथ किसी भी सूरत में गठबंधन न करने की बात दोहराई है।
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चूंकि, इनेलो से अलग होकर अस्तित्व में आई जेजेपी के लिए कांग्रेस के साथ लोकसभा के चुनावी रण में उतरना आत्मघाती फैसला होगा। हरियाणा कांग्रेस शुरू से ही आप के साथ प्रदेश में गठबंधन का विरोध करती आ रही है। प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर व एआईसीसी मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी इससे इंकार कर चुके हैं।
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गठबंधन को लेकर आखिरी फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को करना है। जिन्होंने हरियाणा में आप के साथ गठबंधन को लेकर अभी तक न तो राज्य प्रभारी गुलाम नबी आजाद, न ही पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अन्य नेताओं से विचार-विमर्श किया है।
गठबंधन की चर्चा दिल्ली प्रभारी तक सीमित: आजाद
हरियाणा कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि आप के साथ गठबंधन को लेकर राहुल गांधी के साथ उनकी कोई चर्चा नहीं हुई है। न ही गठबंधन की हरियाणा में कोई जरूरत है। आप के साथ गठबंधन की चर्चा पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली प्रदेश प्रभारी व वहां के नेताओं के साथ ही की है।
कांग्रेस हरियाणा में मजबूत, गठबंधन की जरूरत नहीं: हुड्डा
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस छह सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार चुकी है। बाकी बची चार सीटों पर भी जल्दी उम्मीदवार घोषित हो जाएंगे। कांग्रेस हरियाणा में मजबूत है और अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी।
कांग्रेस के साथ जाने का सवाल ही नहीं: दुष्यंत चौटाला
जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में उनका गठबंधन लोकसभा चुनाव को लेकर आप के साथ हुआ है। आप के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का सवाल ही नहीं उठता। 1971 में ताऊ देवीलाल ने कांग्रेस को अलविदा कहकर उनकी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। ऐसे दल के साथ उनका गठबंधन किसी सूरत में नहीं होगा।
कांग्रेस के साथ गई जजपा को बड़ा नुकसान
हरियाणा में इनेलो के विघटन के बाद जेजेपी अस्तित्व में आई है। इनेलो का बड़ा तबका टूटकर जेजेपी के साथ आया है। जेजेपी भी शुरू से कांग्रेस विरोध की राजनीति करती रही है। दुष्यंत प्रदेश के यूथ ऑइकन हैं। अगर जेजेपी, कांग्रेस के साथ जाती है तो दुष्यंत और दिग्विजय की राजनीति प्रदेश में शुरू होने से पहले खत्म होने की ओर बढ़ जाएगी। जेजेपी में शामिल एक बड़ा तबका भी उससे छिटक सकता है।
कांग्रेस हरियाणा में मजबूत, गठबंधन की जरूरत नहीं: हुड्डा
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस छह सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार चुकी है। बाकी बची चार सीटों पर भी जल्दी उम्मीदवार घोषित हो जाएंगे। कांग्रेस हरियाणा में मजबूत है और अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी।
कांग्रेस के साथ जाने का सवाल ही नहीं: दुष्यंत चौटाला
जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में उनका गठबंधन लोकसभा चुनाव को लेकर आप के साथ हुआ है। आप के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का सवाल ही नहीं उठता। 1971 में ताऊ देवीलाल ने कांग्रेस को अलविदा कहकर उनकी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। ऐसे दल के साथ उनका गठबंधन किसी सूरत में नहीं होगा।
कांग्रेस के साथ गई जजपा को बड़ा नुकसान
हरियाणा में इनेलो के विघटन के बाद जेजेपी अस्तित्व में आई है। इनेलो का बड़ा तबका टूटकर जेजेपी के साथ आया है। जेजेपी भी शुरू से कांग्रेस विरोध की राजनीति करती रही है। दुष्यंत प्रदेश के यूथ ऑइकन हैं। अगर जेजेपी, कांग्रेस के साथ जाती है तो दुष्यंत और दिग्विजय की राजनीति प्रदेश में शुरू होने से पहले खत्म होने की ओर बढ़ जाएगी। जेजेपी में शामिल एक बड़ा तबका भी उससे छिटक सकता है।