{"_id":"6a97f6c6b58698bb3f011ee6","slug":"farmers-mahapanchayat-at-the-chandigarh-mohali-border-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर किसानों की महापंचायत: हमें हमारा हक मिलना चाहिए, मांगों को लेकर जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर किसानों की महापंचायत: हमें हमारा हक मिलना चाहिए, मांगों को लेकर जताया रोष
Wed, 02 Sep 2026 03:44 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 02 Sep 2026 03:44 PM IST
सार
महापंचायत के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि लंबे समय से किसानों की मांगों को लेकर सरकार से बातचीत की जा रही है, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकला है।
विज्ञापन
मोहाली में किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : वीडियो ग्रैब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर बुधवार को किसानों की महापंचायत में पंजाब के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में किसान जुटे। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि उनका हक उन्हें हर हाल में मिलना चाहिए। महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा कमेटी के किसान नेता मंजीत सिंह धनेर सहित अन्य किसानों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज बुलंद की। सुबह से ही पंजाब के अलग-अलग जिलों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों से चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर की तरफ पहुंचना शुरू हो गए थे। किसानों के पहुंचने के कारण क्षेत्र में काफी चहल-पहल रही।
महापंचायत के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि लंबे समय से किसानों की मांगों को लेकर सरकार से बातचीत की जा रही है, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकला है। किसानों का कहना था कि बार-बार आश्वासन देने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
महापंचायत में किसानों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं और जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। महापंचायत को देखते हुए चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए। पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग की। किसानों की भीड़ के कारण कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। देर तक किसान अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज बुलंद की। सुबह से ही पंजाब के अलग-अलग जिलों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों से चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर की तरफ पहुंचना शुरू हो गए थे। किसानों के पहुंचने के कारण क्षेत्र में काफी चहल-पहल रही।
विज्ञापन
महापंचायत के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि लंबे समय से किसानों की मांगों को लेकर सरकार से बातचीत की जा रही है, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकला है। किसानों का कहना था कि बार-बार आश्वासन देने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
महापंचायत में किसानों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं और जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। महापंचायत को देखते हुए चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए। पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग की। किसानों की भीड़ के कारण कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। देर तक किसान अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।