पंजाब की 11 लोकसभा सीटों में प्रत्याशियों की लंबी लिस्ट, आयोग ने की दो ईवीएम की व्यवस्था
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पंजाब में लोकसभा की 13 सीटों के लिए 19 मई को होने वाले मतदान को लेकर 42,689 ईवीएम की व्यवस्था की गई है। लेकिन 11 संसदीय सीटों पर इतने प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं कि एक ईवीएम में उन्हें सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग ने इन सीटों पर डबल ईवीएम लगाने की व्यवस्था की है। राज्य में केवल होशियारपुर और गुरदासपुर ही ऐसी सीटें हैं जहां क्रमश: 8 और 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
इस संबंध में पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. एम. करुणा राजू का कहना है कि एक ईवीएम मशीन में कुल 16 बटन की व्यवस्था है, जिनमें से 16वां बटन नोटा के लिए है। पंजाब में 11 संसदीय सीटों पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की संख्या 15 से अधिक है। ऐसे में दो ईवीएम का इस्तेमाल करते हुए 15+15 प्रत्याशियों के नाम व चिह्न वोटरों को उपलब्ध कराया जाएगा।
जिन 11 सीटों पर 15 से अधिक प्रत्याशी हैं, उनमें सबसे अधिक 30 प्रत्याशी अमृतसर संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जबकि बठिंडा सीट से 27, श्री आनंदपुर साहिब सीट पर 26, पटियाला और संगरूर सीटों पर 25-25, फिरोजपुर और लुधियाना सीटों पर 22-22, फतेहगढ़ साहिब और फरीदकोट सीटों पर 20-20 और खडूर साहिब व जालंधर सीटों पर 19-19 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
12002 पोलिंग बूथों पर वेब कास्टिंग
पंजाब में चुनाव आयोग की तरफ से 12002 पोलिंग बूथों पर वेब कास्टिंग की व्यवस्था की गई है। यानी इन बूथों पर मतदान का लाइव प्रसारण चंडीगढ़ स्थित पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय में लगाए गए स्क्रीन पर दिखाई देगा। डॉ. राजू का कहना है कि वेब कास्टिंग के लिए लगभग सारे संसदीय क्षेत्रों के 50 फीसदी पोलिंग बूथों को कवर कर लिया गया है। इस उद्देश्य से उन्हीं पोलिंग बूथों को शामिल किया गया है, जहां मोबाइल कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है।
पंजाब में चुनाव खर्च के मामले में संवेदनशील
डा. राजू के अनुसार, लुधियाना, गुरदासपुर, जालंधर, पटियाला, बठिंडा और फिरोजपुर ऐसे संसदीय क्षेत्र हैं जहां प्रत्याशियों के पास इतना पैसा है कि वह वोटरों को लालच देकर प्रभावित कर सकते हैं। जहां तक कानून-व्यवस्था का प्रश्न है, उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है लेकिन पोलिंग बूथों पर बड़ी हिंसा जैसी वारदात पंजाब के चुनावी इतिहास में देखने को नहीं मिलती।
सिर्फ 8.63 फीसदी महिला प्रत्याशी
देश के सभी राजनीतिक दल भले ही आधी आबादी यानी महिलाओं को राजनीति में 33 फीसदी भागीदारी देने का जोरशोर से समर्थन करते हैं लेकिन चुनाव के दौरान कोई भी दल महिलाओं को टिकट देने में दरियादिली दिखाने को तैयार नहीं है। पंजाब की 13 संसदीय सीटों के लिए इस बार 278 प्रत्याशी मैदान में है, जिनमें महिला प्रत्याशियों की संख्या केवल 24 यानी 8.63 फीसदी ही है।
कांग्रेस ने केवल एक महिला प्रत्याशी परनीत कौर को पटियाला से टिकट दिया जबकि शिअद ने 2 महिला प्रत्याशी हरसिमरत कौर बादल को बठिंडा से और बीबी जागीर कौर को खडूर साहिब से टिकट दिया है। भाजपा ने किसी महिला को प्रत्याशी नहीं बनाया।
हालांकि आम आदमी पार्टी ने 2 महिलाओं- नीना मित्तल को पटियाला से और प्रो. बलजिंदर कौर को बठिंडा सीट से चुनाव में उतारा है। इनके अलावा सीपीआई ने दसविंदर कौर को अमृतसर से और पंजाब एकता पार्टी ने खडूर साहिब से परमजीत कौर खालड़ा को टिकट दिया है।