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पूर्व रेलमंत्री बंसल की अब तक की बड़ी हार

Fri, 16 May 2014 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 16 May 2014 11:43 PM IST
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lok sabha election: biggest defeat of pawan Bansal

शहर से सातवीं बार चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी हार है। शहर में इतने वोट से अब तक कोई नहीं हारा है।

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बंसल शहर से तीसरी बार चुनाव हारे हैं। लेकिन इस बार वे सबसे ज्यादा मतों से चुनाव हारे हैं। इससे यह स्पष्ट है कि चंडीगढ़ में कांग्रेस का वोट बैंक कम हुआ है।
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बंसल को 69642 वोटों से हार का सामना करना पड़ा है। पहली हार का सामना बंसल ने 1996 में किया था। उस वक्त वह भाजपा के उम्मीदवार सत्यपाल जैन से 23969 वोटों से हारे थे।

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बंसल चार बार चुनाव जीते हैं चंडीगढ़ से

lok sabha election: biggest defeat of pawan Bansal

इसके बाद 1998 में बंसल को जैन ने फिर से हराया था और बंसल 10366 वोटों से चुनाव हारे थे। बंसल चंडीगढ़ से चार बार चुनाव जीते हैं और 1999 को छोड़कर हर बार उनकी जीत का मार्जिन 15 हजार वोट से अधिक था।

1991 में बंसल ने चंडीगढ़ से पहला लोकसभा चुनाव लड़ा था और उन्होंने 15095 वोटों से चुनाव जीता था। इसके बाद 1999 में वह दूसरी बार चुनाव लड़े थे और उन्होंने 5449 वोटों से चुनाव जीता था।

इसके बाद उन्होंने 2004 में 45248 वोटों से चुनाव जीता। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में बंसल ने 58967 वोटों से चुनाव जीता।

जन्नत जहां समेत 14 उम्मीदवारों की जमानत जब्त

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इस बार चुनाव मैदान में 17 उम्मीदवार थे। इनमें से तीन को छोड़कर अन्य 14 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। जमानत जब्त होने वाले उम्मीदवारों में बसपा की उम्मीदवार जन्नत जहां के अलावा जदयू और सीपीआई (एमएल) के उम्मीदवार भी शामिल हैं।

इनके अलावा सभी नौ निर्दलीय उम्मीदवारों और इंकलाब विकास दल के उम्मीदवार की जमानत भी जब्त हो गई।  2009 में हुए लोकसभा चुनाव में 14 उम्मीदवार मैदान में थे, इनमें से 11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।

जबकि 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में 17 उम्मीदवार मैदान में थे, इनमें से 15 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।

खेर को 42 फीसदी लोगों के वोट मिले

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चंडीगढ़ में इस बार रिकार्ड तोड़ मतदान हुआ था। इस साल मतदान का प्रतिशत 73.84 था। शहर में कुल 6,13,939 मतदाता थे जिनमें से 4,53,324 ने मतदान में हिस्सा लिया था।

ऐसे में भाजपा उम्मीदवार किरण खेर को 42.20 फीसदी लोगों से वोट मिले। वहीं 1984 में सबसे ज्यादा अंतर से चुनाव जीतने का रिकार्ड बनाने वाले जगन्नाथ कौशल को 66.02 फीसदी लोगों के वोट मिले थे।

ऐसे में किरण खेर ने चाहे चंडीगढ़ से चुनाव जीता हो, लेकिन उन्हें शहर के 42.20 लोगों के ही वोट मिले। पिछले लोकसभा चुनाव में बंसल 58967 वोटों से चुनाव जीते थे और उन्हें 46.88 फीसदी लोगों के वोट मिले थे। जबकि वर्ष 2004 के चुनाव में उन्हें 52.06 वोट मिले थे।

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