{"_id":"6636ed4d3f66fcf0d20ead19","slug":"lok-sabha-election-2024-elections-have-become-a-question-of-credibility-for-party-chief-in-political-battle-2024-05-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Election: सियासी रण में पार्टी प्रधानों के लिए साख का सवाल बना चुनाव, सुनील जाखड़ के लिए इसलिए है बड़ा एलेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Election: सियासी रण में पार्टी प्रधानों के लिए साख का सवाल बना चुनाव, सुनील जाखड़ के लिए इसलिए है बड़ा एलेक्शन
Sun, 05 May 2024 08:37 AM IST
शाहरुख खान
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़।
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़।
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 05 May 2024 08:37 AM IST
सार
पंजाब के सियासी रण में पार्टी प्रधानों के लिए चुनाव साख का सवाल बन गया है। कांग्रेस से वड़िंग, शिअद अमृतसर से मान व बसपा से गढ़ी खुद उतरे मैदान में हैं। सुनील जाखड़ के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद पहला बड़ा चुनाव है।
विज्ञापन
Lok Sabha Election 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए स्टेज सज चुकी है। आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी व शिरोमणि अकाली दल ने सभी 13 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। वहीं कांग्रेस ने 12 व भारतीय जनता पार्टी ने 9 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
आने वाले दिनों में बाकी सीटों पर भी राजनीतिक दलों की तरफ से अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे। लोकसभा चुनाव में इस बार राजनीतिक दलों के प्रधानों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। उनके लिए चुनाव साख का सवाल बन गया है। यहां तक कि तीन राजनीतिक दलों कांग्रेस, शिअद अमृतसर व बसपा के प्रधान खुद ही इस इस बार चुनाव मैदान में उतर चुके हैं।
इसी तरह शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल बठिंडा और आप प्रधान भगवंत मान की सीट संगरूर से कैबिनेट मंत्री मीत हेयर को चुनाव मैदान में उतारा गया है। ऐसे में आने वाले चुनाव परिणाम इन नेताओं का सियासी भविष्य भी तय करेंगे।
विज्ञापन
कांग्रेस की तरफ से पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग लुधियाना सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वह गिद्दड़बाहा से विधायक हैं। 2012, 2017 और 2022 में जीत चुके हैं। वह भारतीय युवा कांग्रेस के प्रधान भी रह चुके हैं और साथ ही पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सबसे युवा प्रधान हैं।
विज्ञापन
आने वाले दिनों में बाकी सीटों पर भी राजनीतिक दलों की तरफ से अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे। लोकसभा चुनाव में इस बार राजनीतिक दलों के प्रधानों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। उनके लिए चुनाव साख का सवाल बन गया है। यहां तक कि तीन राजनीतिक दलों कांग्रेस, शिअद अमृतसर व बसपा के प्रधान खुद ही इस इस बार चुनाव मैदान में उतर चुके हैं।
विज्ञापन
इसी तरह शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल बठिंडा और आप प्रधान भगवंत मान की सीट संगरूर से कैबिनेट मंत्री मीत हेयर को चुनाव मैदान में उतारा गया है। ऐसे में आने वाले चुनाव परिणाम इन नेताओं का सियासी भविष्य भी तय करेंगे।
विज्ञापन
कांग्रेस की तरफ से पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग लुधियाना सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वह गिद्दड़बाहा से विधायक हैं। 2012, 2017 और 2022 में जीत चुके हैं। वह भारतीय युवा कांग्रेस के प्रधान भी रह चुके हैं और साथ ही पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सबसे युवा प्रधान हैं।
पहले बठिंडा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन हार गए थे। ये चुनाव उनके लिए अहम हैं, क्योंकि उनका मुकाबला कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए रवनीत सिंह बिट्टू से है। इसी तरह शिअद अमृतसर के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान संगरूर से चुनाव लड़ रहे हैं।
हरसिमरत चौथी बार मैदान में
शिअद प्रधान सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल इस बार भी बठिंडा से ही चुनाव लड़ रही हैं। इसी सीट पर उन्होंने पिछला चुनाव 21,722 मतों से जीता था और कांग्रेस प्रत्याशी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को मात दी थी। हरसिमरत के लिए चौथी बार लोकसभा चुनाव जीतना बहुत जरूरी है। अगर वह हार जाती हैं, तो बादल परिवार के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव के नतीजे भी पार्टी व बादल परिवार दोनों के लिए अच्छे नहीं रहे थे।
शिअद प्रधान सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल इस बार भी बठिंडा से ही चुनाव लड़ रही हैं। इसी सीट पर उन्होंने पिछला चुनाव 21,722 मतों से जीता था और कांग्रेस प्रत्याशी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को मात दी थी। हरसिमरत के लिए चौथी बार लोकसभा चुनाव जीतना बहुत जरूरी है। अगर वह हार जाती हैं, तो बादल परिवार के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव के नतीजे भी पार्टी व बादल परिवार दोनों के लिए अच्छे नहीं रहे थे।
संगरूर : मीत हेयर पर दारोमदार
सीएम भगवंत मान के लिए संगरूर सीट भी काफी अहम हैं। उपचुनाव में पार्टी को ये सीट गंवानी पड़ गई थी और इस बार भी संगरूर लोकसभा सीट पर कड़ा मुकाबला है। आप ने कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि उनके सामने कांग्रेस से सुखपाल सिंह खैरा चुनाव मैदान में हैं। खैरा पहले ही कह चुके हैं कि उनका मुकाबला मीत हेयर से नहीं है, बल्कि उनका सीधा मुकाबला सीएम भगवंत मान से है।
सीएम भगवंत मान के लिए संगरूर सीट भी काफी अहम हैं। उपचुनाव में पार्टी को ये सीट गंवानी पड़ गई थी और इस बार भी संगरूर लोकसभा सीट पर कड़ा मुकाबला है। आप ने कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि उनके सामने कांग्रेस से सुखपाल सिंह खैरा चुनाव मैदान में हैं। खैरा पहले ही कह चुके हैं कि उनका मुकाबला मीत हेयर से नहीं है, बल्कि उनका सीधा मुकाबला सीएम भगवंत मान से है।