लोकसभा चुनाव 2019: सनी के ‘गदर’ में दांव पर कांग्रेस की साख
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सूबे में सबसे वीआईपी मानी जा रही गुरदासपुर सीट पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। स्टार सनी देओल के चुनाव लड़ने के कारण उनकी हर छोटी से छोटी बात सुर्खियां बन रही है। एक तरफ प्रधान सुनील जाखड़ के चुनाव लड़ने से कांग्रेस की साख दांव पर लगी है, वहीं सनी के लिए कांग्रेस के चार विधायकों और तीन मंत्रियों के गढ़ में झंडा बुलंद करना बड़ी चुनौती रहेगी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से भी गुरदासपुर में रैली की गई है। केवल राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा की गैर मौजूदगी ही विरोधियों के लिए मुद्दा बनी रही। पठानकोट क्षेत्र में भाजपा की मजबूती को देखते हुए कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को बुलाकर किला सेंध लगाने की कोशिश की।
सनी को प्रचार के लिए समय कम मिला, तो उन्होंने रैली के बजाय रोड शो का ही सहारा लेना बेहतर समझा। उनके भाई बाॅबी देओल और पिता धर्मेंद्र गुरदासपुर में डेरा डाले हैं। सनी के प्रचार से अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल नदारद हैं। सनी आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से दूर दिखे। आम आदमी पार्टी से पीटर मसीह उम्मीदवार हैं, लेकिन इस चुनाव में उनकी भूमिका केवल नाममात्र की है।
पीटर मसीह जो वोट भी लेंगे, वह उनके समुदाय से ही संबंधित हो सकते हैं। आम आदमी पार्टी का गुरदासपुर हलके में ज्यादा आधार नहीं है और न ही उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में कोई बड़ी रैली की है या किसी बड़े नेता को बुलाया है। पीडीए की ओर से लालचंद कटारुचक्क मैदान में है। उन्हें अकाली दल (टकसाली), पंजाबी एकता पार्टी (सुखपाल खैरा), बसपा आदि का समर्थन प्राप्त है और वह डोर टू डोर प्रचार व छोटी मीटिंग कर लोगों का समर्थन प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं।