लोकसभा चुनाव 2019: कांग्रेस में शामिल हो गए शेर सिंह घुबाया, अकाली दल से दिया था इस्तीफा
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फिरोजपुर लोकसभा सीट से लगातार दो बार सांसद शेर सिंह घुबाया ने सोमवार को अकाली दल की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से त्यागपत्र देते हुए मंगलवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया है। दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पंजाब प्रभारी आशा कुमारी और सांसद सुनील जाखड़ की मौजूदगी में घुबाया को पार्टी में शामिल किया।
उम्मीद है कि कांग्रेस फिरोजपुर लोकसभा क्षेत्र से घुबाया को चुनाव मैदान में उतार सकती है, क्योंकि घुबाया राय सिख बिरादरी से संबंधित है और यहां पर लगभग ढाई लाख वोट राय सिख बिरादरी की हैं। फिरोजपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस पिछले लगभग 25 साल से हारती आ रही है। अकाली दल के साथ पैदा हुए मतभेदों के बाद घुबाया ने साफ तौर पर कहा था कि अगर कांग्रेस उन्हें टिकट देती है तो वे शामिल होंगे।
10 वर्ष तक अकाली सांसद रहते हुए विधानसभा चुनाव में जब घुबाया ने अपने बेटे दविंद्र घुबाया को कांग्रेस में शामिल कर फाजिल्का से विधायक बनाया तो उसी समय यह तय हो गया था कि 2019 के चुनावों से पहले वह अकाली दल छोड़ कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। 2009 लोकसभा चुनाव में अकाली उम्मीदवार शेर सिंह घुबाया ने 450900 वोट हासिल कर कांग्रेस के जगमीत सिंह बराड़ को हराया था।
2014 लोकसभा चुनाव में 487932 वोट लेकर सुनील कुमार जाखड़ को पराजित किया। लगातार दो बार अकाली दल से सांसद रहने के बाद भी घुबाया के संबंध पार्टी के साथ बेहतर नहीं बन पाए और इतना ही नहीं गत वर्ष अक्टूबर माह में एक साक्षात्कार के दौरान घुबाया ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि वह अब शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में कार्य नहीं कर सकते।
फिरोजपुर लोकसभा सीट पर पिछले 25 वर्षों से अकाली दल का कब्जा रहा है। घुबाया से पहले लगातार तीन बार अकाली दल के दिवंगत सांसद जोरा सिंह मान विजयी रहे। इससे पहले वर्ष 1991 और 1996 में लगातार दो बार बसपा के मोहन सिंह फलियांवाला विजयी हुए हैं।