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इनेलो में रारः चाचा-भतीजा में शह और मात के खेल में नेता विपक्ष की कुर्सी पर मंडराया खतरा
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 04 Nov 2018 10:50 AM IST
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इनेलो नेता अभय चौटाला
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इनेलो में चाचा-भतीजा के बीच चल रहे शह और मात के खेल में चाचा अभय चौटाला की नेता विपक्ष की कुर्सी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक नैना चौटाला अजय चौटाला के जेल से बाहर आने के बाद इस्तीफे का ऐलान कर सकती है।
इनेलो विधायक नागेंद्र भड़ाना का नाम मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भाजपा खेमे में शामिल करने के लिए शनिवार को ऐलान कर दिया है। नागेंद्र भड़ाना ने राज्यसभा चुनाव के दौरान भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कर चुके हैं। जबकि जींद से इनेलो विधायक डा. हरी चंद मिड्ढा के निधन के बाद उनके सुपुत्र कृष्ण मिड्ढा उपचुनाव से पहले ही भाजपा का दामन थाम चुके हैं।
बताया जाता है कि दो अन्य विधायक भी दुष्यंत के कट्टर समर्थक हैं। ऐसे में अगर विधायकों का इस्तीफा हुआ तो इनेलो विधायकों की विधानसभा में संख्या कांग्रेस से कम हो जाएगी। मौजूदा घटनाक्रम के बाद इनेलो विधायकों में असमंजस की स्थिति है। सूत्र बताते हैं कि 5 नवंबर को तिहाड़ जेल से अजय चौटाला के बाहर आने के बाद नैना चौटाला सहित कई विधायक पार्टी को अलविदा कह सकते हैं।
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इनेलो विधायक नागेंद्र भड़ाना का नाम मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भाजपा खेमे में शामिल करने के लिए शनिवार को ऐलान कर दिया है। नागेंद्र भड़ाना ने राज्यसभा चुनाव के दौरान भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कर चुके हैं। जबकि जींद से इनेलो विधायक डा. हरी चंद मिड्ढा के निधन के बाद उनके सुपुत्र कृष्ण मिड्ढा उपचुनाव से पहले ही भाजपा का दामन थाम चुके हैं।
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बताया जाता है कि दो अन्य विधायक भी दुष्यंत के कट्टर समर्थक हैं। ऐसे में अगर विधायकों का इस्तीफा हुआ तो इनेलो विधायकों की विधानसभा में संख्या कांग्रेस से कम हो जाएगी। मौजूदा घटनाक्रम के बाद इनेलो विधायकों में असमंजस की स्थिति है। सूत्र बताते हैं कि 5 नवंबर को तिहाड़ जेल से अजय चौटाला के बाहर आने के बाद नैना चौटाला सहित कई विधायक पार्टी को अलविदा कह सकते हैं।
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यह है वर्तमान स्थिति
om prakash chautala
90 विधायकों वाली हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 47 विधायक हैं। 19 विधायकों के साथ अभय चौटाला नेता प्रतिपक्ष हैं। जबकि कांग्रेस के 17 विधायक हैं। पांच विधायक निर्दलीय हैं, जो कि भाजपा के साथ हैं। बसपा के एक विधायक पहले ही भाजपा को समर्थन दे चुके हैं। सदन में शिरोमणि अकाली दल का भी एक विधायक है। कुछ समय पहले तक अकाली दल ने इनेलो को समर्थन दे रखा था लेकिन एसवाईएल के मुद्दे पर इनेलो व अकाली दल अलग हो चुके हैं।
नैना के नाम पर है सेक्टर तीन का इनेलो कार्यालय
चौटाला परिवार में चल रहे घमासान के बीच विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला को चंडीगढ़ स्थित पार्टी का प्रदेश मुख्यालय भी खाली करना पड़ सकता है। पार्टी का प्रदेश मुख्यालय डबवाली से विधायक नैना सिंह चौटाला के सरकारी फ्लैट में चल रहा है। दुष्यंत और दिग्विजय सिंह चौटाला को इनेलो से निष्कासित करने के बाद अब कार्यालय खाली करने जैसे हालात भी बनते दिख रहे हैं। हालांकि अभी तक नैना चौटाला की ओर से ऐसा कुछ नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रदेश मुख्यालय से अधिकांश जरूरी कागजात और सामान को शिफ्ट करने की शुरुआत हो चुकी है।
नैना के नाम पर है सेक्टर तीन का इनेलो कार्यालय
चौटाला परिवार में चल रहे घमासान के बीच विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला को चंडीगढ़ स्थित पार्टी का प्रदेश मुख्यालय भी खाली करना पड़ सकता है। पार्टी का प्रदेश मुख्यालय डबवाली से विधायक नैना सिंह चौटाला के सरकारी फ्लैट में चल रहा है। दुष्यंत और दिग्विजय सिंह चौटाला को इनेलो से निष्कासित करने के बाद अब कार्यालय खाली करने जैसे हालात भी बनते दिख रहे हैं। हालांकि अभी तक नैना चौटाला की ओर से ऐसा कुछ नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रदेश मुख्यालय से अधिकांश जरूरी कागजात और सामान को शिफ्ट करने की शुरुआत हो चुकी है।