पंजाबः लोकसभा चुनाव 2019 में पहले शिअद को लगा बड़ा झटका, जेजे सिंह का इस्तीफा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनरल सिंह ने अकाली दल से इस्तीफा देने के साथ-साथ शिअद एक्ससर्विसमैन विंग के प्रेसीडेंट के ओहदे से भी इस्तीफा दे दिया है। जनरल सिंह ने पंजाब के लोगों के नाम दिए संदेश में लिखा है कि उन्होंने बेहद भारी मन से शिअद और शिअद एक्स सर्विसमैन विंग के प्रेसीडेंट पद से इस्तीफा दिया है। साथ ही लिखा है कि वह अकाली लीडरशिप की पिछले कुछ वर्षों के दौरान रही गतिविधियों से नाखुश थे। जिनकी वजह से अकाली दल के खिलाफ काफी रोष प्रदर्शन, रोष मार्च व धरने हो रहे थे। इन सारे प्रदर्शनों ने टीवी व सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरी हैं।
भविष्य की योजना के बारे में उन्होंने कहा कि वह लोगों व देश की सेवा करना चाहते हैं और उनके इस फैसले से इस निश्चय पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कहा कि उनके लिए राजनीतिक विकल्प खुले रहेंगे। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके जनरल सिंह ने 2017 में पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले शिअद ज्वॉइन किया था। उन्हें पटियाला शहरी हलके से कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा गया था।
वह चुनाव हार गए थे। उस समय उन्हें पैराशूट उम्मीदवार बताकर स्थानीय अकाली लीडरों ने भी अंदरखाते जनरल सिंह का काफी विरोध किया था। जनरल सिंह पहले सिख अधिकारी थे, जो आर्मी चीफ बने। उन्होंने 1965 और 1971 के युद्ध लड़े। कारगिल में भी पाकिस्तानी घुसपैठियों को हराने में उनका रोल रहा। उन्होंने आर्मी के 22वें चीफ के तौर पर 31 जनवरी 2005 से 30 सितंबर 2007 तक सेवाएं दीं।