सुखबीर बादल का बड़ा बयान, कहा- मुझे चुनाव लड़ना है या नहीं, यह कोर कमेटी तय करेगी
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पूर्व उप मुख्यमंत्री और शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अपने चुनाव लड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे चुनाव लड़ना है या नहीं और लड़ना है तो कहां से चुनाव लड़ना है, इस पर फैसला पार्टी की कोर कमेटी करेगी। बता दें कि इससे पहले चर्चा थी कि वह फिरोजपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। सुखबीर बादल बुधवार को श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद एसजीपीसी के सूचना केंद्र कार्यालय में मीडिया से मुखातिब हुए।
उन्होंने कहा कि मेरे पास कोई भी व्यक्तिगत राजनीतिक ताकत नहीं है कि वह अकेले किसी भी लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवार के नाम का फैसला कर सके। मेरे बारे में पार्टी जो भी निर्णय करेगी वह मुझे स्वीकार होगा। साथ ही सुखबीर ने कहा कि मुझे पार्टी ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी हुई है तो प्रधान होने के नाते मैं लोकसभा चुनाव में फ्रंट फुट पर खेलूंगा।
सुखबीर बादल ने जत्थेदार रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा द्वारा गठित शिअद (टकसाली) को शिअद (जाली) की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्हें इस बात का अंदेशा है कि वह चुनाव मैदान से हट जाएंगे। टकसालियों ने जितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं, उनमें से कौन टकसाली है, इसके बारे में खुलासा करें। पंजाब की जनता टकसालियों को नकार देगी।
असली टकसाली वह होता है, जो बुरे समय में पार्टी के साथ डट कर खड़ा हो। सुखबीर ने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की पुरानी यारी है। जब दिल्ली में आप की पहली सरकार बनी थी, तब केजरीवाल ने कांग्रेस का सहयोग लिया था।
पंजाब में सभी राजनीतिक पार्टियां अकाली-भाजपा गठबंधन से डरी हुई हैं।एक सवाल के जवाब में सुखबीर ने कहा कि बठिंडा से चुनाव मैदान में उतरे सुखपाल खैरा का वह अभिनंदन करते हैं। उनको शुभकामनाएं देते हैं।
खैरा के साथ राजनीति के मैदान में मुकाबला होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के भीतर सत्ता पाने की छटपटाहट है। इससे पहले सुखबीर बादल अपनी पत्नी व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के साथ श्री अखंड पाठ के भोग की अरदास में शामिल हुए। बादल दंपति ने श्री हरमंदिर साहिब की पवित्र परिक्रमा के दर्शन कर मुख्य भवन में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे शीश नवाकर सरबत के भले की अरदास की।