लोकसभा 2019: इनेलो को लगा एक और झटका, विधायक रणबीर गंगवा ने थामा भाजपा का दामन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव से पहले होली पर इनेलो को एक और झटका लग गया है। पिछले दिनों इनेलो के दो पूर्व विधायक भाजपा में जाने के बाद अब एक मौजूदा विधायक रणबीर गंगवा भी भाजपा में चले गए हैं। भाजपा मुख्यालय में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, प्रदेश प्रभारी डा. अनिल जैन, लोकसभा सह प्रभारी विश्वास सारंग, भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला की मौजूदगी में गंगवा को भाजपा ज्वाइन करवाई गई।
रणबीर गंगवा नलवा हलके से विधायक हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उन्हें सदस्यता पर्ची देकर सदस्यता ग्रहण करवाई। वर्ष 2008 में परिसीमन उपरांत नलवा विधानसभा अस्तित्व में आई थी, जिसमें पश्चिमी हिसार, आदमपुर के कुछ गांव व हांसी हलके के कुछ गांवों को शामिल किया गया था। कांग्रेस के दिग्गज नेता चौधरी भजनलाल का घर भी इसी विधानसभा का हिस्सा है। वर्ष 2014 के चुनाव में गंगवा गांव निवासी रणबीर सिंह प्रजापत इनेलो की टिकट पर हजकां के चंद्रमोहन को हराकर विधायक बने थे।
रणबीर गंगवा ने इस दौरान भाजपा की सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की परंपरा में भी विश्वास जताया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भाजपा सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी बनी है, क्योंकि वह अपने काडर और प्रत्येक कार्यकर्त्ता को पूरा मान-सम्मान देती है। इसी कड़ी में गंगवा को भी भरपूर सम्मान दिया जाएगा।
भाजपा में शामिल हुए विधायक रणबीर गंगवा ने कहा कि इनेलो में विभाजन के बाद से ही क्षेत्र में आमजन की सेवा करना उनके लिए मुश्किल हो रहा था। अपने क्षेत्र के लोगों की भलाई के लिए उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया है।
राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं गंगवा
नलवा से 2009 और 2014 दोनों चुनाव में अपनी पार्टी के राज्यसभा सदस्य रणबीर सिंह गंगवा पर दांव लगाते हुए टिकट दी थी। 2010 में राज्यसभा सदस्य बने रणबीर गंगवा ने विधानसभा में चुनाव लड़ने के लिए संसद से इस्तीफा दे दिया था। पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में रणबीर सिंह गंगवा प्रजापति के इनेलो छोड़कर चले जाने की चर्चाएं चली हुई थी। जींद उपचुनाव में इनेलो की हार के बाद ये संभावनाएं और बलवती होती जा रही थी। लेकिन अब गंगवा भाजपा का हिस्सा बन गए हैं।