लोक इंसाफ पार्टी के कार्यकर्ताओं पर चली वाटर कैनन, सिमरजीत बैंस व उनके कई साथी हिरासत के बाद रिहा
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लोक इंसाफ पार्टी के प्रधान सिमरजीत सिंह बैंस के नेतृत्व में सैकड़ों पार्टी वर्कर बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास का घेराव करने सड़क पर उतरे लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें पंजाब एमएलए होस्टल के पास ही रोक दिया। पार्टी वर्करों के विरोध और बलपूर्वक आगे बढ़ने की कोशिशों के बीच पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
इस कार्यवाही में करीब एक दर्जन पार्टी वर्करों और कुछ मीडिया कर्मियों को चोटें आईं। इस दौरान बैंस समेत कई पार्टी वर्करों की पगड़ियां भी उतर गईं। पुलिस ने बैंस और उनके कई साथियों को हिरासत में भी लिया।
पंजाब के दरियाओं के पानी की लूट रोकने और राजस्थान को जा रही पानी की कीमत वसूलने की मांग को लेकर सिमरजीत सिंह बैंस अपने पार्टी वर्करों के साथ पंजाब एमएलए हॉस्टल से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करना चाहते थे।
उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का पहले ही एलान कर रखा था। बैंस और पार्टी वर्करों ने जैसे ही एमएलए हॉस्टल से आगे बढ़ना शुरू किया, पुलिस ने सभी को घेरे में ले लिया। करीब आधे घंटे चली धक्कामुक्की के बीच पुलिस ने पहले तो वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और उसके बाद बैंस समेत कई वर्करों को हिरासत में ले लिया।
सभी को सेक्टर 34 के पुलिस थाने ले जाया गया। जहां से कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। उधर, पुलिस कार्रवाई में घायल हुए मीडिया कर्मियों को सेक्टर 16 सिविल अस्पताल ले जाया गया।
कैप्टन को मांग पत्र देना चाहते थे: बैंस
इस मौके पर सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि वे मुख्यमंत्री को पानी के मुद्दे पर मांग पत्र सौंपना चाहते थे। ताकि राजस्थान द्वारा की जा रही पंजाब के पानी की लूट को रोका जाए और राजस्थान से पानी की कीमत वसूल की जाए।
उन्होंने कहा कि वे पंजाब सरकार को पानी के मुद्दे पर जगाने आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के पास पानी पहले ही नहीं है बल्कि पंजाब का पानी राजस्थान को जा रहा है, जिसे रोका जाना चाहिए या बकाया समेत पूरा पैसा लिया जाए।