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लॉकडाउनः पंजाब सरकार ने रियल एस्टेट के लिए किए कई ऐलान, होगा करोड़ों के राजस्व का नुकसान
Sat, 23 May 2020 10:14 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 23 May 2020 10:14 AM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : SELF
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोविड-19 के कारण चुनौतियों से घिरे रियल एस्टेट क्षेत्र को राहत देने के कई ऐलान किए हैं। इसके तहत सभी अलॉटियों को प्लाटों /प्रोजेक्टों के निर्माण की तय अवधि में छह महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। भले ही यह अलॉटमेंट प्राईवेट हो या राज्य के शहरी क्षेत्रों की सरकारी संस्थाओं द्वारा बोली या ड्रा के जरिए की गई हो।
यह प्रोत्साहन पैकेज अलॉटियों और डेवलपरों दोनों पर लागू होगा। इसका उद्देश्य इन दोनों को तत्काल राहत मुहैया करवाने के साथ-साथ हाऊसिंग क्षेत्र में आई रुकावटों को दूर करना है। यह राहत राज्य की शहरी विकास प्राधिकरणों पर लागू की गई है और यह 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2020 तक लागू रहेगी।
केंद्र के प्रोत्साहन से ज्यादा दी राहत
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह ज़रूरी राहत उपाय आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा तय किये गए कुछ प्रोत्साहनों के अलावा हैं, जिसमें नीलामी की संपत्तियों के मामलों में किश्तों की अदायगी की कानूनी मोहलत में छह महीने का विस्तार करना शामिल है।
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फीस वसूली पर भी लगाई रोक
मुख्यमंत्री ने सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि वे 1अप्रैल से आगामी 30 सितंबर की अवधि के लिए नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस /विस्तार फीस /लाइसेंस नवीनीकरण फीस न लें । इससे एक करोड़ से अधिक राजस्व का नुकसान होगा। इस राहत के तहत मेगा प्रोजेक्टों की मंजूरियां और पीएपीआरए के अंतर्गत जारी लाइसेंसों में बिना फीस छह महीनों का विस्तार हो जाएगा।
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यह प्रोत्साहन पैकेज अलॉटियों और डेवलपरों दोनों पर लागू होगा। इसका उद्देश्य इन दोनों को तत्काल राहत मुहैया करवाने के साथ-साथ हाऊसिंग क्षेत्र में आई रुकावटों को दूर करना है। यह राहत राज्य की शहरी विकास प्राधिकरणों पर लागू की गई है और यह 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2020 तक लागू रहेगी।
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केंद्र के प्रोत्साहन से ज्यादा दी राहत
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह ज़रूरी राहत उपाय आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा तय किये गए कुछ प्रोत्साहनों के अलावा हैं, जिसमें नीलामी की संपत्तियों के मामलों में किश्तों की अदायगी की कानूनी मोहलत में छह महीने का विस्तार करना शामिल है।
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फीस वसूली पर भी लगाई रोक
मुख्यमंत्री ने सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि वे 1अप्रैल से आगामी 30 सितंबर की अवधि के लिए नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस /विस्तार फीस /लाइसेंस नवीनीकरण फीस न लें । इससे एक करोड़ से अधिक राजस्व का नुकसान होगा। इस राहत के तहत मेगा प्रोजेक्टों की मंजूरियां और पीएपीआरए के अंतर्गत जारी लाइसेंसों में बिना फीस छह महीनों का विस्तार हो जाएगा।
नीलामी की बकाया किश्तों पर भी राहत
मुख्यमंत्री ने एक और रियायत देते हुए 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच संपत्तियों की रहती नीलामी की किश्तों (समेत ब्याज) को बकाया किश्तों के साथ स्कीम की ब्याज दर से जोड़कर अदा करने की अनुमति दे दी है। इसके बाद बकाया राशि पर स्कीम का ब्याज वसूला जाएगा। यह विशेष राहत 28 नवंबर, 2019 की आम माफी (एमनेस्टी) नीति के अंतर्गत सामाजिक ढांचा /लाइसेंस फीस /बाहरी विकास फीस की अदायगी, जो 15 सितम्बर, 2020 ( समेत 31 मार्च 2020 तक बकाया) के लिए जमा करवाए पोस्ट डेटेड चेकों द्वारा भी ली जा सकती है।
नक्शा पास होने पर देना होगा ईडीसी
कैप्टन ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की तरफ से नक्शा पास होने के अनुसार ईडीसी की चरणबद्ध अदायगी के प्रस्ताव पर भी सहमति दे दी। हालांकि भुगतान योग्य ईडीसी की दर नक्शा पास होने की मंजूरी के समय लागू होगी।
करोड़ों के राजस्व के नुकसान की संभावना
मुख्यमंत्री ने रियल इस्टेट को निर्माण में छह माह की छूट तो दी ही है, साथ ही कई तरह की फीस भी माफ करने की घोषणा की है। इससे राज्य सरकार को करोड़ों के राजस्व के नुकसान की संभावना है। निर्माण की समय सीमा में छह माह की वृद्धि के कारण आने वाली वित्तीय मुश्किलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि विकास प्राधिकरणों को निर्माण न होने (नॉन-कंस्ट्रक्शन) की फीस के तौर पर सालाना 35 करोड़ रुपये की वसूली होती थी। लेकिन इस विशेष राहत से सभी अथॉरिटि को करीब 17 -18 करोड़ रुपये कम फीस प्राप्त होगी।
नक्शा पास होने पर देना होगा ईडीसी
कैप्टन ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की तरफ से नक्शा पास होने के अनुसार ईडीसी की चरणबद्ध अदायगी के प्रस्ताव पर भी सहमति दे दी। हालांकि भुगतान योग्य ईडीसी की दर नक्शा पास होने की मंजूरी के समय लागू होगी।
करोड़ों के राजस्व के नुकसान की संभावना
मुख्यमंत्री ने रियल इस्टेट को निर्माण में छह माह की छूट तो दी ही है, साथ ही कई तरह की फीस भी माफ करने की घोषणा की है। इससे राज्य सरकार को करोड़ों के राजस्व के नुकसान की संभावना है। निर्माण की समय सीमा में छह माह की वृद्धि के कारण आने वाली वित्तीय मुश्किलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि विकास प्राधिकरणों को निर्माण न होने (नॉन-कंस्ट्रक्शन) की फीस के तौर पर सालाना 35 करोड़ रुपये की वसूली होती थी। लेकिन इस विशेष राहत से सभी अथॉरिटि को करीब 17 -18 करोड़ रुपये कम फीस प्राप्त होगी।