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Coronavirus in Chandigarh: संक्रमित प्रोफेसर जनरल वार्ड में शिफ्ट, तीन मरीज होंगे डिस्चार्ज
Thu, 16 Apr 2020 10:42 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 16 Apr 2020 10:42 AM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : ANI
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पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कोरोना संक्रमित पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर की हालत में काफी सुधार है। इसलिए उन्हें बुधवार को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। हालांकि उन्हें अभी भी सांस लेने में दिक्कत है, लेकिन स्थिति पहले से बेहतर है।
वेंटीलेटर हटाने के बाद उन्हें जरूरत पड़ने पर ही ऑक्सीजन दी जा रही है। पीजीआई प्रवक्ता के मुताबिक, प्रोफेसर की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। उन्हें जल्द ही हॉस्पिटल से छुट्टी भी दी जा सकती है। जबकि तीन अन्य मरीज भी वीरवार को डिस्चार्ज होंगे। प्रोफेसर की कोरोना पॉजिटिव बच्ची की हालत भी ठीक है।
नहीं आया कोई नया केस चंडीगढ़ में
बुधवार को भी कोरोना पॉजिटिव कोई नया केस नहीं आया है। शहर में अब तक 21 पॉजिटिव केसों में से नौ ठीक होकर घर जा चुके हैं। वहीं अब तक 319 मरीजों के सैंपलों की जांच में से 293 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। चार मरीजों की रिपोर्ट आने का इंतजार है।
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कोरोना के डर से मृतक का कराया टेस्ट
वहीं सेक्टर 37 में 60 साल के बुजुर्ग की डायबिटीज, हाइपरटेंशन और उसे पैरालाइसिस का अटैक पड़ने पर उसके परिवार के लोग मंगलवार सुबह जीएमएसएच-16 इमरजेंसी में लेकर आए थे। लेकिन वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बताया कि मरीज ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
लिहाजा उन्हें ब्रॉड डेड घोषित कर दिया था लेकिन परिवार के लोगों द्वारा कोरोना का संदेह होने पर मृत बुजुर्ग का कोरोना टेस्ट करने को कहा। इस पर हेल्थ डिपाटर्मेंट ने उनका सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है अभी तक उक्त डेडबाडी के सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है।
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वेंटीलेटर हटाने के बाद उन्हें जरूरत पड़ने पर ही ऑक्सीजन दी जा रही है। पीजीआई प्रवक्ता के मुताबिक, प्रोफेसर की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। उन्हें जल्द ही हॉस्पिटल से छुट्टी भी दी जा सकती है। जबकि तीन अन्य मरीज भी वीरवार को डिस्चार्ज होंगे। प्रोफेसर की कोरोना पॉजिटिव बच्ची की हालत भी ठीक है।
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नहीं आया कोई नया केस चंडीगढ़ में
बुधवार को भी कोरोना पॉजिटिव कोई नया केस नहीं आया है। शहर में अब तक 21 पॉजिटिव केसों में से नौ ठीक होकर घर जा चुके हैं। वहीं अब तक 319 मरीजों के सैंपलों की जांच में से 293 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। चार मरीजों की रिपोर्ट आने का इंतजार है।
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कोरोना के डर से मृतक का कराया टेस्ट
वहीं सेक्टर 37 में 60 साल के बुजुर्ग की डायबिटीज, हाइपरटेंशन और उसे पैरालाइसिस का अटैक पड़ने पर उसके परिवार के लोग मंगलवार सुबह जीएमएसएच-16 इमरजेंसी में लेकर आए थे। लेकिन वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बताया कि मरीज ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
लिहाजा उन्हें ब्रॉड डेड घोषित कर दिया था लेकिन परिवार के लोगों द्वारा कोरोना का संदेह होने पर मृत बुजुर्ग का कोरोना टेस्ट करने को कहा। इस पर हेल्थ डिपाटर्मेंट ने उनका सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है अभी तक उक्त डेडबाडी के सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है।
चंडीगढ़ अब कोरोना हॉटस्पॉट, 20 अप्रैल के बाद नहीं मिलेगी कोई छूट
केंद्र सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चंडीगढ़ को रेड जोन में डाल दिया है। साथ ही शहर को कोरोना का हॉटस्पॉट घोषित कर दिया है। अब शहर में सख्ती और बढ़ जाएगी। इतना ही नहीं 20 अप्रैल के बाद शहरवासियों को किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी। हालांकि अभी सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे के बीच लोग पैदल जाकर खरीददारी कर रहे हैं। वर्तमान की सभी आगे भी छूट जारी रहेगी। कोरोना के वर्तमान में रेड जोन घोषित होने के बाद शहर के लिए अगले 14 दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने विभिन्न पैमानों के आधार पर चंडीगढ़ को रेड जोन घोषित किया है। अब केंद्र सरकार रोजाना शहर की स्थिति पर निगरानी करेगा और अगर अगले 14 दिन तक कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया तो शहर को ऑरेंज जोन घोषित किया जाएगा। इसके बाद शहरवासियों को कुछ छूट दी जा सकती है। इसके बाद 14 दिनों तक फिर नजर रखी जाएगी और उसमें भी कोई नया केस नहीं आता है तो शहर को ग्रीन जोन घोषित कर दिया जाएगा।
ट्राइसिटी में न फैल जाए संक्रमण इसलिए रेड जोन घोषित
रेड जोन सबसे खतरनाक है। कोरोना का संक्रमण ट्राइसिटी में न फैले इसलिए रेड जोन घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि शहर में कोरोना की चपेट में कई लोग आ चुके हैं और संक्रमण के बढ़ने या यहां से कहीं दूसरी जगह संक्रमण के बढ़ने की आशंका काफी अधिक है। चंडीगढ़ पंचकूला और मोहाली से घिरा हुआ है। प्रशासक भी कई बार इस बात को कह चुके हैं। इसलिए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला की तरफ से जारी किए गए मूवमेंट पास को कम करने के भी आदेश जारी किए गए हैं।
अब आगे क्या
चंडीगढ़ के रेड जोन में आने के बाद लोगों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी जाएगी। लोगों को घरों से बाहर निकलने की छूट पर आने वाले दिनों में विचार किया जाएगा। हालांकि जो छूट अभी प्रशासन की तरफ दिए जा रहे हैं, वह जारी रहेंगे। यानी अनिवार्य चीजों की खरीददारी के लिए लोग सुबह 11 बजे से तीन बजे के बीच पैदल मार्केट जा सकेंगे। जरूरी चीजों की सप्लाई का जिम्मा प्रशासन अपने हाथ में ले सकता है। लोगों पर बेहद सख्त पहरा लगाया जाएगा और इसकी अवहेलना करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने विभिन्न पैमानों के आधार पर चंडीगढ़ को रेड जोन घोषित किया है। अब केंद्र सरकार रोजाना शहर की स्थिति पर निगरानी करेगा और अगर अगले 14 दिन तक कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया तो शहर को ऑरेंज जोन घोषित किया जाएगा। इसके बाद शहरवासियों को कुछ छूट दी जा सकती है। इसके बाद 14 दिनों तक फिर नजर रखी जाएगी और उसमें भी कोई नया केस नहीं आता है तो शहर को ग्रीन जोन घोषित कर दिया जाएगा।
ट्राइसिटी में न फैल जाए संक्रमण इसलिए रेड जोन घोषित
रेड जोन सबसे खतरनाक है। कोरोना का संक्रमण ट्राइसिटी में न फैले इसलिए रेड जोन घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि शहर में कोरोना की चपेट में कई लोग आ चुके हैं और संक्रमण के बढ़ने या यहां से कहीं दूसरी जगह संक्रमण के बढ़ने की आशंका काफी अधिक है। चंडीगढ़ पंचकूला और मोहाली से घिरा हुआ है। प्रशासक भी कई बार इस बात को कह चुके हैं। इसलिए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला की तरफ से जारी किए गए मूवमेंट पास को कम करने के भी आदेश जारी किए गए हैं।
अब आगे क्या
चंडीगढ़ के रेड जोन में आने के बाद लोगों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी जाएगी। लोगों को घरों से बाहर निकलने की छूट पर आने वाले दिनों में विचार किया जाएगा। हालांकि जो छूट अभी प्रशासन की तरफ दिए जा रहे हैं, वह जारी रहेंगे। यानी अनिवार्य चीजों की खरीददारी के लिए लोग सुबह 11 बजे से तीन बजे के बीच पैदल मार्केट जा सकेंगे। जरूरी चीजों की सप्लाई का जिम्मा प्रशासन अपने हाथ में ले सकता है। लोगों पर बेहद सख्त पहरा लगाया जाएगा और इसकी अवहेलना करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।