फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lockdown, Coronavirus, Trains Run for Migrant Workers from Punjab

प्रवासियों का पलायन जारी, पंजाब और चंडीगढ़ से रवाना हुई कई ट्रेनें, श्रमिकों ने ली राहत की सांस

Mon, 11 May 2020 03:34 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़/पंजाब
अमर उजाला, चंडीगढ़/पंजाब Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 11 May 2020 03:34 PM IST
विज्ञापन
Lockdown, Coronavirus, Trains Run for Migrant Workers from Punjab
स्क्रीनिंग कराते प्रवासी मजदूर - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को ट्राइसिटी से दो श्रमिक स्पेशल ट्रेन गोरखपुर (यूपी) के लिए रवाना हुईं। इनमें से एक ट्रेन चंडीगढ़ से जबकि दूसरी ट्रेन मोहाली से चलाई गई। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में फंसे श्रमिकों को लेकर यह ट्रेन अगले दिन उनके गृह राज्य पहुंच जाएंगी। चंडीगढ़ से 1188 जबकि मोहाली से 1335 श्रमिक इन ट्रेनों में बैठकर रवाना हुए। घर जाते समय सभी के चेहरे खिले हुए थे।
विज्ञापन

चंडीगढ़ से सोमवार रात 9.18 बजे श्रमिक स्पेशल ट्रेन गोरखपुर के लिए रवाना हुई। 22 कोच वाली इस ट्रेन में करीब 1188 मजदूर सवार थे।

ट्रेन को रात 8 बजे जाना था लेकिन  एक घंटे 18 मिनट की देरी से ट्रेन रवाना हुई। हालांकि स्पेशल ट्रेन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर दोपहर बाद ही खड़ी कर दी गई थी। रेलवे स्टेशन के वीवीआईपी गेट से श्रमिकों को प्लेटफार्म तक लाया जा रहा था। यहां खाने का पैकेट और पानी का बोतल देने के बाद उन्हें कोच में सीट नंबर के अनुसार बैठाया जा रहा था। हर कोच में 54 श्रमिक सवार थे। बता दें कि रेलवे स्टेशन पर आने से पहले सभी श्रमिकों की सेक्टर-43 के अंतरराज्यीय बस अड्डे पर हेल्थ स्क्रीनिंग की गई और वहीं पर उन्हें ट्रेन का टिकट दिया गया।
विज्ञापन


ट्रेन के टिकट का कोई किराया श्रमिकों से नहीं वसूला गया। उधर, मोहाली से भी सोमवार शाम को एक और विशेष रेलगाड़ी 1335 लोगों को लेेकर गोरखपुर यूपी के लिए रवाना की गई। ट्रेन में जाने वाले मुसाफिरों को कोई दिक्कत न आए, इसके लिए प्रशासन की तरफ से सारे इंतजाम किए गए थे। वहीं, प्रशासन के सीनियर अधिकारी स्टेशन पर मौजूद रहे। इससे पहले सफर में जाने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही बसों के माध्यम से लोगों को स्टेशन पहुंचाया गया। इसके बाद सभी लोगों को पैक्ड फूड वितरित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि यह पांचवीं रेलगाड़ी है, जो मोहाली जिले में फंसे श्रमिकों को उनके गृह राज्य में लेकर गई है। इससे पहले मोहाली से हरदोई (यूपी) के लिए दो गाड़ियां रवाना की गई थीं, जिनमें एक ट्रेन में 1288 जबकि दूसरी ट्रेन में 1301 लोग सवार थे। वहीं, तीसरी रेलगाड़ी 1192 को लेकर उत्तर प्रदेश के ही जिला सुल्तानपुर रवाना की गई थी जबकि चौथी रेलगाड़ी सोमवार को ही 1216 लोगों को लेकर झारखंड रवाना की गई। इस दौरान जिन बसों में उक्त लोगों को रेलवे स्टेशन तक लाया गया। उनको पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया। इसके अलावा ट्रेन में जाने वाले सभी लोगों को मास्क पहनने के आदेश थे।

चंडीगढ़ से बिहार के किशनगंज के लिए रवाना हुए 1188 श्रमिक

प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए चंडीगढ़ से बिहार के लिए लगातार सात दिनों तक श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही हैं। सोमवार को चंडीगढ़ से बिहार के लिए पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन रेलवे स्टेशन से किशनगंज के लिए रवाना हुई। यह ट्रेन चंडीगढ़ से चलने के बाद अररिया, पूर्णिया व किशनगंज में रुकेगी। इस ट्रेन से 1188 श्रमिकों को बिहार भेजा गया। दिन में दस बजे से ही श्रमिकों को बारी-बारी से स्क्रीनिंग बाद बस से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन छोड़ा गया। यह ट्रेन अपने निर्धारित समय एक घंटे सात मिनट की देरी से तीन बजकर सात मिनट पर चंडीगढ़ से रवाना हुई।

पटियाला: बिहार के 1200 लोगों को लेकर सुपौल के लिए रवाना हुई स्पेशल ट्रेन
पटियाला से सोमवार को एक विशेष ट्रेन बिहार के लिए रवाना की गई। ट्रेन में बिहार के सुपौल जिले के लोगों को भेजा गया। गौरतलब है कि इससे पहले चार स्पेशल ट्रेनों के जरिए पटियाला से उत्तर प्रदेश के लोगों को भेजा जा चुका है। यात्रियों को खाना और पानी भी दिया गया। रेलगाड़ी को रवाना करने पहुंचे मेयर संजीव शर्मा बिट्टू ने बताया कि इस ट्रेन में 1200 के करीब लोग सवार थे। यह सभी देश में लॉकडाउन की वजह से पटियाला में फंसे थे।

इनको वापस बिहार भेजने का प्रबंध पंजाब सरकार ने मुफ्त में किया। आगे बताया कि इससे पहले चार गाड़ियां यूपी के लिए भेजी जा चुकी हैं, जबकि उत्तराखंड, राजस्थान व जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी विशेष बसों से भेजा जा चुका है। डीसी कुमार अमित ने बताया कि सारे यात्रियों को मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद ही ट्रेन में बैठाया गया। 

19 बसें उत्तराखंड रवाना, 715 लोग घर भेजे

रविवार रात पटियाला के बस स्टैंड से उत्तराखंड के लिए 19 बसों को रवाना किया गया। इनमें 715 यात्रियों को उनके घरों तक वापस भेजा गया। इन यात्रियों को भेजने से पहले मेडिकल स्क्रीनिंग की गई। 

जालंधरः श्रमिक एक्सप्रेस छपरा और आजमगढ़ को रवाना
जालंधर रेलवे स्टेशन से करीब 2400 प्रवासियों को लेकर दो श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनें सोमवार को छपरा (बिहार) और आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश)को रवाना हुईं। इन पर राज्य सरकार ने 6.78 लाख रुपये और 6.42 लाख रुपये खर्च किये। सोमवार को 18वीं श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन छपरा के लिए सुबह 8 बजे और 19वीं श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन सुबह 11 बजे आजमगढ़ रवाना हुई। 

पंजाब रोडवेज की बसों से सभी प्रवासियों को पहले शहर के रेलवे स्टेशन पर पहुंचाया गया। डिप्टी कमिश्नर वरिन्दर कुमार शर्मा और पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि प्रवासियों को ट्रेनों में चढ़ाने के लिए पुख्ता प्रबंध किये गए हैं। ट्रेन में बैठने से पहले सामाजिक दूरी और साथ ही प्रत्येक व्यक्ति की मेडिकल स्क्रीनिंग का भी विशेष ध्यान रखा गया। उन्होंने बताया कि जिन प्रवासियों ने पंजाब सरकार के पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है, केवल वे ही इन रेलगाड़ियों में जा सकते हैं।

फरीदकोट में फंसे 109 लोग उत्तराखंड वापस

पंजाब में फंसे दूसरे राज्यों के लोगों को उनके अपने प्रदेशों में वापस भेजा जा रहा है। इसके तहत रविवार शाम जिला प्रशासन ने फरीदकोट में फंसे उत्तराखंड से संबंधित 109 लोगों को चार विशेष बसों के माध्यम से हरिद्वार रवाना किया। डिप्टी कमिशनर कुमार सौरभ राज ने बताया कि इन व्यक्तियों ने उत्तराखंड वापस जाने के लिए संबंधित एसडीएम दफ्तरों में आवेदन दिया था और राज्य सरकार की वेबसाइट पर पंजीकरण करवाया था। जिला प्रशासन ने इनकी थर्मल स्क्रीनिंग करवाई और मेडिकल तौर पर फिट पाए गए 109 लोगों को वापस भेजा। 

अमृतसर: 1200 प्रवासी मजदूरों को लेकर ट्रेन गोंडा रवाना

1200 मजदूरों को लेकर एक विशेष रेलगाड़ी गोंडा के लिए रवाना हो गई। अब तक अमृतसर से चार विशेष गाड़ियों से लगभग पांच हजार मजदूर अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो चुके हैं। डीसी शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने बताया कि सभी प्रवासी मजदूरों की सूची बना कर उन्हें घरों से बसों में बैठा कर स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जा रहा है। उन्हें रेलवे स्टेशन में खाने के पैकेट व पानी की बोतलें देकर बोगी में बैठाया जा रहा है। सभी मजदूरों को मास्क दिए जा रहे हैं।
 
मंडी गोबिंदगढ़ से रवाना हुए 150 प्रवासी
खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल से सुबह पांच बजे पांच सरकारी बसों के माध्यम से करीब 150 प्रवासी मजदूरों को झारखंड पहुंचाने के लिए मोहाली रेलवे स्टेशन तक बसों में ले जाया गया। एसडीएम आनंद सागर शर्मा ने बताया कि इन मजदूरों को ट्रेन के माध्यम से झारखंड सरकारी खर्च पर पहुंचाया जा रहा है। वो ही मजदूर भेजे जा रहे हैं जिन्होंने ऑनलाइन पोर्टल पर घर जाने को अप्लाई किया था। लोहा नगरी मंडी गोबिंदगढ़ में से 36 हजार प्रवासी मजदूरों ने अपने घर जाने के लिए आवेदन किया था। 

1216 श्रमिकों को लेकर मोहाली से झारखंड गई पहली ट्रेन

कोरोना महामारी के चलते लगे कर्फ्यू में जिले में फंसे झारखंड के 1216 लोगों को लेकर एक स्पेशल ट्रेन दोपहर 12 बजे मोहाली से झारखंड के लिए रवाना हुई। मोहाली स्टेशन से प्रवासियों को लेकर जाने वाली यह चौथी ट्रेन थी। इससे पहले तीन ट्रेन यूपी भेजी जा चुकी हैं। इस ट्रेन से भेजे गए 1216 लोगों में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। इस मौके पर रेलवे प्रशासनिक के तमाम सीनियर अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सामाजिक दूरी सहित अन्य सभी कोरोना से बचाव के सभी मानकों का पालन किया गया।

सभी को खाना-पानी देकर भेजा
मिली जानकारी के मुताबिक झारखंड के लिए 12 बजे ट्रेन रवाना हुई। इस दौरान अपने गृह राज्य के लिए रवाना हुए सभी लोगों को विभिन्न कलेक्शन सेंटरों से स्क्रीनिंग के बाद बसों में बैठकर रेलवे स्टेशन मोहाली पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें खाना और पानी जैसी जरूरी चीजें दी गईं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन के हिसाब से उन्हें डिब्बों में बिठाया गया। वहीं, ट्रेन में जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का रिकॉर्ड प्रशासन ने अपने पास सुरक्षित रखा है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि मोहाली में जितने भी लोग बाहरी राज्यों के फंसे हुए हैं उन्हें उनके राज्यों में पहुंचाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। जिन्होंने जिला प्रशासन की जारी की गई वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाया है उन्हें प्रशासन की तरफ से उनके राज्यों में घरों को भेजा जाएगा।  

20 दिन दूसरे राज्यों को ट्रेन से भेजे जाएंगे लोग
बता दें कि मोहाली से करीब 64 हजार बाहरी राज्यों के लोगों ने अपने राज्यों में जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसके तहत यह प्रक्रिया चल रही है। डीसी गिरीश दियालन ने पहले साफ कहा है कि अगले 20 दिन तक लोगों को ट्रेन से उनके राज्य भेजा जाएगा। इस दौरान लोगों के जाने का पूरा खर्च और खाने आदि की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाएगी। इसके अलावा बसों के माध्यम से जम्मू, कश्मीर, लेह और उत्तराखंड में लोगों को रवाना किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed