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ताज में लिट्रेचर फेस्ट का शानदार आगाज

Fri, 08 Nov 2013 10:01 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 08 Nov 2013 10:01 AM IST
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litrature fest in chandigarh
साहित्य, साहित्यकार और आलोचक का जमावड़ा चंडीगढ़ के होटल ताज में लग गया है। जी हां, यहां साहित्यकार और आलोचक जुटे हैं साहित्य पर मंथन और अपने लेखन को निखारने के लिए। कार्यक्रम का आगाज हुआ पैनल डिस्कशन ग्रेट राइटिंग और ग्रेट क्रिटिसिज्म से।
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पैनलिस्टों में विश्व प्रसिद्ध आलोचक एम असाऊद्दीन, लेखक किरन नगरकर, शिक्षाविद् राणा नायर, फेस्टिवल डायरेक्टर अल्ताफ टायरवाला, लेखक विश्वज्योति घोष, आलोचक निरुपमा दत्त और गिरिराज किराडू शामिल रहे।
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चंडीगढ़ लिट्रेचर फेस्टिवल के पैनल डिस्कशन के उद्घाटन सत्र में साहित्य और आलोचना पर चर्चा हुई। आलोचक एम असाऊद्दीन ने कहा कि आलोचना सलीके से हो तो यह नवीनतम किताबों और लेखनी को तीखा बनाती है।
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यह लेखनी को निखारती है। अब किताबें ज्यादा छप रही हैं। इससे साहित्य को नया आयाम मिल रहा है। ऐसे में पाठको की मुश्किल है कि क्या पढ़े, क्या न पढ़े।

आलोचक गिरिराज किराडू ने कहा कि किताबों की समीक्षा दो खंडों में की हो रही है। एक कामर्शियल रिव्यू और दूसरा गंभीर रिव्यू। उनके अनुसार कुछ ऐसे आलोचक है जो अपने शब्दों की समीक्षा से मनोरंजन करवाते हैं।

आलोचना के प्रभाव पर उन्होंने कहा किताब लिखने से पहले आलोचक लेखक के दिमाग का आकलन कर सकता है।

होटल ताज में शाम के समय भूपिंदर कौर, राजवंती मान, चंद्रत्रिखा, अरविंदर कौर, बिट्टू संधू, तारिक मोहम्मद शाम, गिरिराज किराडू, माधव कौशिक और  निरुपमा दत्त ने अपनी कविताओं और लेखन से दर्शकों का मनोरंजन किया।

दर्शकों के लिए प्रतियोगिताएं
इस फेस्ट में दर्शकों के लिए कई प्रतियोगिताएं होंगी। इसमें गेस द बुक, रीडिंग सेशन, आर्ट एंड राइटिंग के कंपीटिशन होंगे। फेस्टिवल के दौरान आस्कर नामांकित निर्देशिका दीपा मेहता की मिडनाइट्स फिल्म की स्क्रीनिंग की जाएगी। यह सलमान रश्दी के बुकर प्राइज नोवेल से प्रेरित है। शुक्रवार को दीपा मेहता यहां मौजूद होंगी।

अदब फाउंडेशन के चेयरमैन मितुल दीक्षित ने उद्घाटन सत्र में कहा कि यह आयोजन साहित्य को और आगे ले जाने में सहायक होगा।

फेस्टिवल डायरेक्टर अल्ताफ टायरवाला ने कहा कि फेस्टिवल में 13 एकल किताबों को रखा गया है जिनका विश्लेषण होगा। देश के शीर्ष 13 आलोचकों को इसके लिए आमंत्रित किया गया है।

अदब फाउंडेशन के वाइस चेयरमैन माधव कौशिक ने बताया कि बुक कल्चर को ओर अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।
 
यह होगा आज
शुक्रवार को लेखक महमूद शाम की लिखी किताब ‘मंजिलें- द डेस्टिनेशंस’ पर निरुपमा दत्त की आलोचना शामिल होगी। इसी के साथ विश्वज्योति घोष की लिखी ‘दिस साइड देट साइड : रिस्ट्रोयइंग पार्टिशन’ पर गिरिराज किराडू और सिद्वार्थ चौधरी की लिखी पुस्तक ‘डे स्कालर’ पर तृषा गुप्ता आलोचना करेंगी।


इसी सत्र में ही किरन नगरकर द्वारा लिखित कुकोल्ड पर जैरी पिंटो की आलोचना सुनने को मिलेगी । शनिवार और रविवार को घनचक्कर और बीए पास फिल्में दिखाई जाएंगी।
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