Kapurthala News: ASI को कार से कुचलकर मारने वाले तीन गैंगस्टरों को उम्रकैद, 2016 की है घटना
सरकारी वकील ने बताया कि सत्र न्यायाधीश अमरिंदर सिंह ने गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, विजय पाल और गुरबाज सिंह को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के कपूरथला जिले में छह साल पहले नाका तोड़कर भाग रहे तीन गैंगस्टरों ने एएसआई को गाड़ी से कुचलकर मारने के मामले में गुरुवार को सत्र न्यायालय ने तीनों अपराधियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसकी पुष्टि सरकारी वकील अनिल कुमार बोपाराय की। उन्होंने बताया कि सत्र न्यायाधीश अमरिंदर सिंह की अदालत ने सभी गवाहों के बयान और सुबूतों के आधार पर तीनों गैंगस्टरों को सजा सुनाया।
जानकारी के अनुसार 14 मई 2016 की दोपहर ढाई बजे तत्कालीन एसएचओ सुभानपुर सुखपाल सिंह को चौकी नडाला प्रभारी दविंदरपाल ने सूचना दी कि एक सफेद रंग की कार में सवार तीन युवक गन प्वाइंट पर दो महिलाओं से मोबाइल फोन, टॉप्स व रुपये लूटकर भागे हैं। कार सवार नाका तोड़कर अड्डा सुभानपुर की तरफ आ रहे हैं।
इस पर एसएचओ ने एएसआई मनजीत सिंह, एएसआई सुरिंदर सिंह, एएसआई निर्मल सिंह व पुलिस बल के साथ अड्डा सुभानपुर के नडाला रोड पर नाकाबंदी कर दी। इसी दौरान लूट करने वाली कार आती दिखाई दी तो एएसआई सुरिंदर सिंह व एचसी हरपाल सिंह ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो उन्होंने कार दोनों पुलिस वालों पर चढ़ा दी। इसमें सुरिंदर सिंह की मौके पर मौत हो गई, जबकि हरपाल सिंह जख्मी हो गया।
एएसआई की हत्या करने के बाद कार गांव बूटां कपूरथला की ओर भगा ले गए। उन्हें पकड़ने के लिए जिले के सभी थानों की पुलिस ने नाकाबंदी कर दी और आरोपियों की कार लार्ड कृष्णा कॉलेज की ओर जाती दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों का पीछा जारी रखा। गांव नूरपुर लुबाना के समीप आरोपियों की कार बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़ी ट्राली से जा टकराई।
इस पर आरोपी कार वहीं छोड़कर खेतों में घुस गए और पीछा कर रही पुलिस पार्टी पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में पुलिस कर्मचारियों ने भी फायरिंग की तो आरोपी गांव नुरपुर लुबाना की तरफ भागने लगे तो थाना ढिलवां के तत्कालीन एसएचओ जरनैल सिंह ने घेराबंदी की।
मगर आरोपी फायरिंग कर खेतों के रास्ते भागते गांव निजामपुर की तरफ आ गए और खेतों में छिप गए। पुलिस छानबीन में जुटी रही। इसी दौरान आरोपी एक पानी की टंकी पर चढ़ गए लेकिन जब उन्हें लगा कि उनके पास भागने का कोई रास्ता नहीं है तो उन्होंने टंकी से छलांग ला दी। इससे आरोपी जख्मी हो गए और पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
उनकी पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी तरनतारन, विजयपाल और गुरबाज सिंह निवासी खडूर साहिब तरनतारन के तौर पर हुई। इनके पास से पुलिस को कई रिवाल्वर, लूटी हुई सोने की वस्तुएं, मोबाइल और नकदी बरामद हुई थी। सरकारी वकील ने बताया कि सत्र न्यायाधीश अमरिंदर सिंह ने गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, विजय पाल और गुरबाज सिंह को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई।