टैक्सी में यात्रा करने से पहले सावधान, जरूर पढ़ लें यह खबर...जेब करनी पड़ेगी ज्यादा ढीली
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टैक्सी से यात्रा करने वाले लोगों पर नए साल में महंगाई की मार पड़ने वाली है। नगर निगम ने शहर के टैक्सी स्टैंड की लाइसेंस फीस को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। निगम की बैठक में यह फैसला लिया गया। अभी शहर में जगहों के हिसाब से टैक्सी स्टैंड की फीस वसूली जा रही है। इसके साथ ही सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि हर साल दस प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।
शहर में इस समय 61 टैक्सी स्टैंड हैं, जबकि 14 टैक्सी स्टैंड अवैध रूप से चल रहे हैं। निगम की ओर से इन टैक्सी स्टैंड की लाइसेंस फीस 15,000, 20,000 और 25,000 रुपये प्रस्तावित की गई थी, लेकिन कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला और अकाली पार्षद हरदीप सिंह ने सदन में इसका विरोध किया और इसे कम करने की मांग की। इस पर फैसला लिया गया कि निगम की ओर से टैक्सी स्टैंड से पहले ली जाने वाली फीस को दोगुना किया जाए। इस बात पर भी सहमति बनी कि लाइसेंस फीस में अब हर साल दस प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।
इस तरह तय है रेट
अभी निगम इन टैक्सी स्टेंड से जगह के हिसाब से 1500 स्क्वायर फुट के 6494 रुपये, 1500 से 2500 स्क्वायर फुट के 9296 रुपये और 2500 स्क्वायर फुट से अधिक जगह के लिए 12734 रुपये लेता है। अब निगम ने इन्हें ही दोगुना कर दिया है। बताते चलें कि टैक्सी स्टैंड का अलॉटमेंट पीरियड समाप्त हो चुका है। नगर निगम के रिकार्ड के मुताबिक इस समय शहर भर में कुल 61 टैक्सी स्टैंड हैं, जिनमें से 54 टैक्सी स्टैंड चालकों ने निगम को 31 मार्च 2018 तक की बकाया फीस जमा करवा दी थी।
अलॉटमेंट की प्रक्रिया ई-टेंडरिंग का हो रहा विरोध
पुराने टैक्सी स्टैंड ऑपरेटरों के लिए निगम ने बीते कुछ समय पहले इनके अलॉटमेंट की प्रक्रिया ई-टेंडरिंग के जरिये करने का फैसला लिया गया था। इसका टैक्सी स्टैंड चालकों ने विरोध करना शुरू कर दिया था। टैक्सी स्टैंड चालकों का कहना है कि वह लंबे समय से यहां बैठे हैं। शहर भर में इन चालकों ने निगम के कहने पर फेबरिक स्ट्रक्चर द्वारा अपने ऑफिस का निर्माण भी करवाया हुआ है। इस पर इन लोगों ने खुद पैसा खर्च किया है।