फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Level of pollution increased in the air of Haryana

हरियाणा में सांस लेने लायक हवा नहीं, सोनीपत-बहादुरगढ़ में सबसे जहरीली, यहां भी बचके निकलें

Mon, 24 Dec 2018 09:28 AM IST
खुशबू गोयल अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 24 Dec 2018 09:28 AM IST
विज्ञापन
Level of pollution increased in the air of Haryana
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI

सर्दी के सीजन में बढ़ते कोहरे के साथ हरियाणा की हवा भी जहरीली होती जा रही है। स्थिति यह है कि प्रदेश में प्रदूषण का स्तर पराली जलाने के समय से भी ऊपर चला गया है। इस समय एक भी जिला ऐसा नहीं बचा है, जहां की हवा सांस लेने लायक हो। सबसे ज्यादा जहरीली सोनीपत की हवा है। वहीं बहादुरगढ़, गुरुग्राम और रोहतक के हालात भी काफी खराब हैं। अन्य जिलों के मुकाबले महेंद्रगढ़ और पंचकूला में हवा का स्तर थोड़ा बेहतर है। 

विज्ञापन


सर्दी के इस सीजन में दो दिन से कोहरा बढ़ा है, रविवार को और दिनों के मुकाबले ज्यादा रहा। इसका बड़ा असर हवा की गुणवत्ता पर पड़ा है जो अचानक से पूरी तरह खराब हो गई है। जहां तीन दिन पहले तक एक्यूआई सामान्य तौर पर 375 तक चल रहा था, वह अचानक 500 पार कर गया है। यही कारण है कि प्रदेश में रविवार को सबसे ज्यादा प्रदूषण सोनीपत में रहा, जहां का एक्यूआई 502 था। 
विज्ञापन


वहीं महेंद्रगढ़ में अन्य जिलों के मुकाबले सबसे कम एक्यूआई 311 रहा। अधिकतर जिलों में एक्यूआई 400 के आसपास या उससे ज्यादा रहा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी कहते हैं कि इस समय प्रदूषण पराली जलाने वाले समय से ज्यादा है, क्योंकि उस समय अधिकतर जिलों में 350-400 तक एक्यूआई था।   

विज्ञापन
विज्ञापन

यह है प्रदूषण बढ़ने का कारण

Level of pollution increased in the air of Haryana
सांकेतिक तस्वीर
इस समय हवा नहीं चल रही है और कोहरा भी काफी आ गया है। जिससे प्रदूषण के कण भारी हो जाते हैं जो ऊपर नहीं जा पाते है। वह कण नीचे होने के कारण प्रदूषण बढ़ गया है, जबकि हवा चलने पर वह उसके साथ ऊपर चले जाते हैं जो प्रदूषण को कम करता है। - संदीप सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी

सांस और गले के रोग बढ़ने के साथ हार्टअटैक का खतरा
सिविल अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. संदीप गहलावत ने बताया कि जिस तरह कोहरा आने से प्रदूषण बढ़ा है, उससे सांस और गले के रोग लोगों को परेशान करेंगे। सांस के रोगियों को हार्टअटैक का खतरा होता है। कोहरा ज्यादा होने पर बाहर निकलने से बचें और किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो मास्क लगाकर या मुंह पर कपड़ा बांधकर बाहर निकला जाए।

पांच जिलों में सबसे ज्यादा प्रदूषण
जिला                   एक्यूआई
सोनीपत                 502
बहादुरगढ़, झज्जर       500
गुरुग्राम                  497
रोहतक                   462

इन जिलों में कम प्रदूषण
महेंद्रगढ़                311
पंचकूला                313
सिरसा                  334
अंबाला                 339
फतेहाबाद              343
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed