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गर्मी में ज्यादा नहाओगे तो बीमार हो जाओगे

Tue, 10 Jun 2014 03:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 10 Jun 2014 03:27 PM IST
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Less Bathing in Summers to be Safe from Diseases

गर्मियों में स्वीमिंग पूल में नहाने से लोगों की त्वचा बीमार हो रही है। बढ़ते तापमान व गर्मी से निजात पाने के लिए लोग सुबह-शाम बच्चों के साथ स्वीमिंग क्लास ज्वाइन करते हैं।

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आजकल लोगों में स्वीमिंग का खुमार इस कदर छाया हुआ है कि इससे त्वचा को होने वाले नुकसान का उन्हें अंदेशा भी नहीं है। इसका नतीजा बच्चे टीनियां क्रुरीस और टीनियां पेडिस जैसे फंगल स्किन इंफेक्शन का शिकार हो रहे हैं।
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शहर के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों का आंकड़ा इसका गवाह है। आंकड़ों पर गौर करें तो रोजाना 50-60 केस अस्पतालों में स्वीमिंग की वजह से फंगल स्किन इंफेक्शन के पहुंच रहे हैं।

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क्या है? कारण और नुकसान

Less Bathing in Summers to be Safe from Diseases

- पानी में क्लोरीन की मात्रा का ज्यादा होना
- किसी बच्चे को स्किन इंफेक्शन हुआ तो एक से दूसरे को फैल सकता है

क्लोरीन की मात्रा ज्यादा होने से क्या है नुकसान
त्वचा और बालों में प्रोटीन है। यदि इसके साथ क्लोरीन ज्यादा मात्रा में मिलता है तो दोनों की बाइंडिंग को ब्रेक डाउन कर देता है। जिसकी वजह से बाल रूखे व बेजान हो जाते हैं और स्किन में ड्राइनेस व रैश आ जाता है। ऐसे एक्जीमा होने की संभावना बढ़ जाती है।

इन बातों का रखें ध्यान

- स्वीमिंग पुल में उतरने से पहले बैक्टीरियल शॉप से नहाना चाहिए
- स्वीमिंग के बाद भी बैक्टीरियल शॉप से नहाना चाहिए
- बैक्टीरियल शॉप से नहाने के बाद मॉसचराइजिंग क्रीम जरूर लगाए
- स्वीमिंग के पहले मेकअप रिमुव करना चाहिए
- स्वीमिंग कैप पहनना न भूलें
- वाटर प्रूफ सन स्किन लोशन व सन ग्लास का इस्तेमाल करें

स्वीमिंग अथॉरिटी रखें इन बातों का ध्यान

Less Bathing in Summers to be Safe from Diseases

- प्वाइंट फाइव मीलीग्राम प्रति लीटर
- पानी का पीएच वैल्यू 6.8-7.8 होना चाहिए
- कोई बच्चा फंगल इंफेक्शन से पीड़ित है तो अन्य बच्चों से दूर रखें

डॉक्टरों ने जारी की गाइड लाइन  
नेशनल स्किन हास्पिटल के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि पिछले साल शहर के स्वीमिंग पुलों के बाहर एक गाइड लाइन लगवाया था। ताकि लोगों में अवेयरनेस रहे।
टीनियां पेडिस के लक्षण
- पैरों में अंगुलियों के बीच, सफेद छिलका निकलना, लाल होना, स्किन उतरना, खुजली होना कुछ केस में पानी के छाले का होना
- यदि इस स्किन से पीड़ित व्यक्ति स्वीमिंग पुल के किनारे लगे पानी में चलता है वहीं दूसरा व्यक्ति वही से गुजरता है तो उसे टीनियां पेडिस फैक्ल सकता है।

ये कहना है स्किन स्पेशलिस्ट का

Less Bathing in Summers to be Safe from Diseases

स्वीमिंग पुल के अथॉरिटी को ध्यान देना चाहिए कि पानी में क्लोरीन की मात्रा ज्यादा न हो। इसके अलावा किसी बच्चे को फंगल स्किन इंफेक्शन हुआ है तो उसे स्वीमिंग करने वाले बच्चों से दूर रखें। रोजाना इसके 20-25 केस आ रहे है।
-डॉ. विकाश शर्मा, स्किन स्पेशलिस्ट

स्वीमिंग पुल में पानी में क्लोरीन की मात्रा ज्यादा होने की वजह से फंगल इंफेक्शन के मामले आ रहे हैं। इनसे बचाव के लिए सावधानी जरूरी है।
-डॉ. राजीव कौड़ा, स्किन स्पेशलिस्ट

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