{"_id":"592157d24f1c1b272f8b4571","slug":"learn-sketing-in-summer-vacations-in-chandigarh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सीखिए स्पीड और बैलेंस का ये खेल, इसमें आप कैरियर भी बना सकते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीखिए स्पीड और बैलेंस का ये खेल, इसमें आप कैरियर भी बना सकते हैं
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 22 May 2017 09:14 AM IST
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स्केटिंग
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गर्मी की छुट्टियां होने जा रही हैं तो इस बार आपके लिए सुनहरा मौका है, स्पीड और बैलेंस का ये खेल सीखने का। इसमें आप कैरियर भी बना सकते हैं। स्केटिंग के पहियों पर तेजी से चलते हुए कदमों की बदौलत युवा इस खेल में परचम लहरा सकते हैं। ट्राइसिटी में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जिन्होंने देश में ही नही विदेशों में भी सफलता के झंडे गाड़े हैं।
अगर आप युवा है तो स्केटिंग को अपने कैरियर की तरह चुन सकते है। सिटी ब्युटीफुल ओर आसपास स्केटिंग के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है। इनमें सेक्टर-10 स्थित स्केटिंग रिंक शामिल हैं। साथ ही कई स्कूलों में भी शानदार रिंक बने है। जहां पर रोजाना कई युवा घंटों अभ्यास करते हैं। स्कूल-कॉलेजों में गर्मी की छुट्टियां शुरू होने वाली है। बच्चे अपनी रुचि के अनुसार खेलों में हिस्सा ले सकते हैं।
क्या है स्केटिंग रिंक
स्केटिंग रिंक दो तरह के होते है। पहला स्पीड स्केटिंग ट्रैक। यह 200 मीटर का होता है। इसमें 200, 300 और 500 मीटर की रेस होती है। दूसरा रोलर हॉकी रिंक। जिसमें रोलर हॉकी के मुकाबलों का आयोजन किया जाता है।
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अगर आप युवा है तो स्केटिंग को अपने कैरियर की तरह चुन सकते है। सिटी ब्युटीफुल ओर आसपास स्केटिंग के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है। इनमें सेक्टर-10 स्थित स्केटिंग रिंक शामिल हैं। साथ ही कई स्कूलों में भी शानदार रिंक बने है। जहां पर रोजाना कई युवा घंटों अभ्यास करते हैं। स्कूल-कॉलेजों में गर्मी की छुट्टियां शुरू होने वाली है। बच्चे अपनी रुचि के अनुसार खेलों में हिस्सा ले सकते हैं।
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क्या है स्केटिंग रिंक
स्केटिंग रिंक दो तरह के होते है। पहला स्पीड स्केटिंग ट्रैक। यह 200 मीटर का होता है। इसमें 200, 300 और 500 मीटर की रेस होती है। दूसरा रोलर हॉकी रिंक। जिसमें रोलर हॉकी के मुकाबलों का आयोजन किया जाता है।
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खेल के नियम
स्केटिंग
स्केटिंग रेस के दौरान खिलाड़ियों की टाइमिंग चेक होती है। बेस्ट टाइमिंग निकालने वाला विजेता होता है। वहीं, रोलर हॉकी में हर टीम में 10 खिलाड़ी होते हैं। इनमें से 5 प्लेइंग होते है। मैच 45 मिनट का होता है। इसमें 5 मिनट की ब्रेक दी जाती है। अधिक गोल दागने वाली टीम विजेता होती है।
यहां खेला जाता है स्केटिंग
सेक्टर 10 में स्केटिंग रिंक बना हुआ है। केबीडीएवी स्कूल, सेक्टर 7 में रिंक रेस और रोलर हॉकी के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है। पंचकूला में भी रोलिंग टाइगर्स की स्केटिंग एकेडमी है।
कितनी फीस
सेक्टर- 10 स्थित स्केटिंग रिंक में स्टूडेंट 400 रुपये और नॉन स्टूडेंट 800 रुपये देकर पूरे साल का कार्ड बनवाकर खेल सकते है। वहीं अन्य जगहों पर स्केटिंग रिंक में 700 से लेकर 1000 रुपये की फीस रखी गई है। सेक्टर- 7 स्थित केबीडीएवी स्कूल में स्थित अकादमी में स्टूडेंट 700 रुपये और नॉन स्टूडेंट 1000 रुपये फीस देकर स्केटिंग सीख सकते हैं।
एक बेहतरीन स्केटर बनने के लिए खिलाड़ी का शरीर लचीला होना चाहिए। बच्चा तेजी से इस खेल को सीखने में कामयाब होगा।
- सर्बजीत सिंह मांगट, कोच
यहां खेला जाता है स्केटिंग
सेक्टर 10 में स्केटिंग रिंक बना हुआ है। केबीडीएवी स्कूल, सेक्टर 7 में रिंक रेस और रोलर हॉकी के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है। पंचकूला में भी रोलिंग टाइगर्स की स्केटिंग एकेडमी है।
कितनी फीस
सेक्टर- 10 स्थित स्केटिंग रिंक में स्टूडेंट 400 रुपये और नॉन स्टूडेंट 800 रुपये देकर पूरे साल का कार्ड बनवाकर खेल सकते है। वहीं अन्य जगहों पर स्केटिंग रिंक में 700 से लेकर 1000 रुपये की फीस रखी गई है। सेक्टर- 7 स्थित केबीडीएवी स्कूल में स्थित अकादमी में स्टूडेंट 700 रुपये और नॉन स्टूडेंट 1000 रुपये फीस देकर स्केटिंग सीख सकते हैं।
एक बेहतरीन स्केटर बनने के लिए खिलाड़ी का शरीर लचीला होना चाहिए। बच्चा तेजी से इस खेल को सीखने में कामयाब होगा।
- सर्बजीत सिंह मांगट, कोच