फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   le corbusier constructed heritage may distroy

धराशायी होने की कगार पर ली कार्बूजिए की धरोहर

Tue, 14 Jul 2015 04:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 14 Jul 2015 04:00 PM IST
विज्ञापन
le corbusier constructed heritage may distroy

सेक्टर-10 स्थित डिजाइन इंस्टीट्यूट की हेरिटेज बिल्डिंग धराशायी होने के कगार पर है। इस बिल्डिंग में एंट्री करते ही हर तरफ बदहाली का आलम दिखता है। हैरत की बात है कि चंडीगढ़ प्रशासन का दफ्तर भी यहां से चंद कदमों की दूरी पर है और इस रास्ते से अकसर अफसरों की आवाजाही होती है।

विज्ञापन


इसके बावजूद इस धरोहर को संभालने की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। यह बिल्डिंग ली कार्बूजिए के निर्देशन में डिजाइन की गई है, जो शहर के लिए बड़े गर्व की बात है। लेकिन, बिल्डिंग की हालात देखकर ऐसा लगता है, जैसे वर्षो से साफ-सफाई भी न हुई हो।
विज्ञापन


इस बिल्डिंग में प्रवेश करते ही कैंपस का नजारा किसी डंपिंग ग्राउंड से कम नहीं लगता। इस बिल्डिंग में इस समय पंजाब और हरियाणा के सरकारी कार्यालय हैं, जबकि कभी इसे आर्ट के प्रमोशन के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इस बिल्डिंग के कैंपस में लोहे के बने मेन गेट टूट चुके हैं। एंट्री गेट के ऊपर लगे शीशे तक टूटे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, कैंपस में चारों तरफ कबाड़ भरा पड़ा है और बिल्डिंग की दीवारों पर पौधे उग गए हैं। इतना ही नहीं, कैंपस के अंदर बने बाथरूम का एक हिस्सा कभी भी गिर सकता है। चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित डिजाइन इंस्टीट्यूट की इमारत में ही पंजाब और हरियाणा सरकार के कार्यालय हैं।


वे इनका इस्तेमाल कबाड़घर की तरह कर रहे हैं। इन चित्रों में से एक पंजाब के कंट्रोलर ऑफ स्टोर्स के दफ्तर का हाल दिखा रहा है तो दूसरा हरियाणा के सूचना, जनसंपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य निदेशालय है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed