लेजर वैली में बनेगा शहर का पहला स्कल्पचर पार्क, जानिए क्या होंगी खासियतें
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जिस लेजर वैली में अभी धूल और मिट्टी उड़ती रहती है। अब यहां शहर का पहला स्कल्पचर पार्क बनेगा। स्कल्पचर पार्क के लिए इंजीनियरिंग विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस अलग तरह के पार्क में गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट्स में रखे नामी आर्टिस्ट के स्कल्पचर प्रदर्शित किए जाएंगे।
पर्यटक और शहरवासी वॉक करते हुए इन स्कल्पचर को देख सकेंगे। स्कल्पचर के साथ ही आर्टिस्ट की प्रोफाइल भी लिखी होगी। पार्क में ही एक खुला मंच भी होगा। जहां कोई भी अपनी कला का प्रदर्शन कर सकेगा। इस मंच को ओपन आर्ट गैलरी नाम दिया गया है।
लेजर वैली में अभी धूल-मिट्टी का अंबार रहता है। रोज गार्डन से लेजर वैली में दाखिल होते ही लोगों को अव्यवस्था के कारण असहजता का अनुभव होता है। स्कल्पचर पार्क के जरिए वैली को खूबसूरत आकार दिया जाएगा। गवर्नमेंट आर्ट कॉलेज के सामने ही यह पार्क डेवलप होगा।
पार्क में अलग-अलग तरह के स्कल्पचर होंगे प्रदर्शित
अभी शहर में अलग-अलग जगह इक्का-दुक्का स्कल्पचर लगाए तो गए हैं लेकिन कोई पार्क नहीं है। चंडीगढ़ ललित कला अकादमी नियमित अंतराल के बाद पत्थरों को तराश कर उन्हें खूबसूरत स्कल्पचर का आकार देने की वर्कशॉप लगाती रहती है। इस अकादमी में कलाकारों की इस अनूठी कला को खूब सराहा जाता है।
लेकिन बाद में यह स्कल्पचर अनदेखी का शिकार हो जाते हैं। अब इनमें से चुनिंदा अच्छे स्कल्पचर इस पार्क में लगाए जाएंगे। पार्क की डेवलपमेंट के लिए होम कम कल्चरल सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल ने आर्किटेक्ट और इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की मीटिंग भी बुलाई है।
नए साल के पहले सप्ताह में होने वाली इस मीटिंग में पार्क की रूपरेखा तैयार होगी। पार्क के बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि पार्क में केवल स्कल्पचर ही नहीं लगेंगे बल्कि इसमें घास उगाई जाएगी और लैंडस्केपिंग भी होगी। ऐसा भी नहीं है कि फिर लेजर वैली में कार्निवल जैसे कार्यक्रम नहीं होंगे। यह सभी चीजें पहले की तरह ही होती रहेंगी। बल्कि यह पार्क इन कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाएगा।