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मार्च में बोर्ड की परीक्षाएं लेकिन 23 स्कूलों में हेड मास्टर्स ही नहीं, कैसे होगी पढ़ाई?

Sat, 03 Feb 2018 09:17 PM IST
रूबी सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
रूबी सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 03 Feb 2018 09:17 PM IST
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Lack of head masters in 23 schools, chandigarh government schools
Chandigarh Government Schools - फोटो : File Photo
राइट टू एजुकेशन एक्ट। यह एक्ट भले ही शिक्षा विभाग निभाने के दावे कर रहा हो, लेकिन संबंधित विभाग की अधूरी योजना के चलते यह राइट विद्यार्थियों को बिन शिक्षक ज्ञान के तौर पर ही मिल रहा है। हैरानी की बात है कि सिटी के 115 सरकारी स्कूल में से 23 हाई एवं मिडिल स्कूल में हेड मास्टर्स ही नहीं हैं। कुछ सरकारी स्कूलों में लेक्चरर के 70 पद खाली हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग यूटी की ओर से इन पदों को भरने के लिए कोई पुख्ता योजना तक तैयार नहीं की जा रही है। 
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गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-39 सी, गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल सेक्टर-7 सी, गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल सेक्टर-22 सी, गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल सेक्टर-34, गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल सेक्टर-36, गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल सेक्टर -41ए सहित ऐसे करीब 23 स्कूल हैं जिनमें हेड के पद खाली हैं। हालांकि कुछ स्कूल में इनका चार्ज अन्य शिक्षकों को दिया गया है, लेकिन यह सभी अस्थायी तौर पर अपनी ड्यूटी संभाल रहे हैं।
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लेक्चरर के 70 पद भी हैं खाली 
यूटी के सरकारी स्कूल में करीब लेक्चरर के 70 पद खाली हैं। सरकारी प्राइमरी विंग में पढ़ने वाले बच्चों के लिए शिक्षकों की भारी कमी है। सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक सभी विद्यार्थियों को एक ही अध्यापक पढ़ा रहा है। इस समय सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षाओं में 50 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन अध्यापकों की संख्या सिर्फ 800 है। ऐसे में एक अध्यापक के पास 62 से अधिक विद्यार्थी हैं। एक क्लास में इतने बच्चों को पढ़ाना शिक्षकों के लिए मुश्किल हो रहा है। अध्यापक न होने से बच्चे भी परेशान हैं। सरकारी स्कूलों में अप्रैल 2017 तक कुल 1100 जेबीटी अध्यापक थे, जिसमें मई में करीब 250 अध्यापक हरियाणा चले गए थे।
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वहीं, 11वीं और 12वीं कक्षाओं को भी टीजीटी शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं। विभाग से शिक्षकों के पद को भरने एवं प्रमोशन का मुद्दा यूटी कैडर एजुकेशनल इंप्लाइज यूनियन के प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज की ओर से उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को विभाग की ओर से प्रमोट कर इन पद को भरा जा सकता है।
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