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कोठी प्रकरण : दास बोला- सिंगला के भरोसे में बना था गवाह
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चंडीगढ़। सेक्टर-37 की करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में 12 समन के बाद बुधवार को जिला अदालत में गवाह पीके दास की गवाही हुई। पीके दास ने अदालत को बताया कि वह शराब कारोबारी अरविंद सिंगला को जानता था और उस पर विश्वास कर कोठी के सौदे में शामिल हुआ।
अरविंद सिंगला के कहने पर ही वह कोठी की जीपीए और सेल डीड में गवाह बना था। इसके साथ ही उसने यह भी साफ कर दिया कि वह कोठी के मालिक राहुल मेहता को नहीं जानता है और न ही उसको कभी देखा था। पीके दास ने अदालत को बताया कि अरविंद सिंगला ने उसे कहा था कि वह इस कोठी को खरीद रहा है और केवल दस्तावेजों को ट्रांसफर करते समय उसे गवाह बनना है। सफाई देते पीके दास ने कहा कि अगर उसे इस कोठी के विवादित होने का पता होता तो वह कभी इस डील में शामिल नहीं होता। उसने अदालत को यह भी बताया कि उसके सामने ही आरोपी मनीष गुप्ता ने अरविंद सिंगला को 95 लाख रुपये से भरा बैग दिया था। अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।
ये है मामला
मामले के अनुसार सेक्टर-37 की कोठी नंबर 340 के मालिक राहुल मेहता को इस मामले के आरोपियों ने पहले प्रताड़ित किया फिर उसकी कोठी हथियाने के लिए एक साजिश रची गई। कई दस्तावेजों पर उसके जाली हस्ताक्षर करवा लिए गए। झूठे कागजात तैयार करने के साथ कोठी की ट्रांसफर के लिए उसका हमशक्ल भी तैयार कर लिया गया। फिर आरोपियों ने राहुल को गुजरात के एक आश्रम में छोड़ दिया। उसकी गैरमौजूदगी में आरोपियों ने पहले तो उसकी कोठी अपने नाम करवाया फिर किसी और को बेच दिया। इस मामले में पुलिस ने संजीव महाजन, अरविंद सिंगला, सतपाल डागर, मनीष गुप्ता, सौरभ गुप्ता, खलिंदर सिंह कादियान, गुरप्रीत सिंह, अशोक अरोड़ा, दलजीत सिंह उर्फ रूबल, शेखर और पूर्व इंस्पेक्टर राजदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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अरविंद सिंगला के कहने पर ही वह कोठी की जीपीए और सेल डीड में गवाह बना था। इसके साथ ही उसने यह भी साफ कर दिया कि वह कोठी के मालिक राहुल मेहता को नहीं जानता है और न ही उसको कभी देखा था। पीके दास ने अदालत को बताया कि अरविंद सिंगला ने उसे कहा था कि वह इस कोठी को खरीद रहा है और केवल दस्तावेजों को ट्रांसफर करते समय उसे गवाह बनना है। सफाई देते पीके दास ने कहा कि अगर उसे इस कोठी के विवादित होने का पता होता तो वह कभी इस डील में शामिल नहीं होता। उसने अदालत को यह भी बताया कि उसके सामने ही आरोपी मनीष गुप्ता ने अरविंद सिंगला को 95 लाख रुपये से भरा बैग दिया था। अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।
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ये है मामला
मामले के अनुसार सेक्टर-37 की कोठी नंबर 340 के मालिक राहुल मेहता को इस मामले के आरोपियों ने पहले प्रताड़ित किया फिर उसकी कोठी हथियाने के लिए एक साजिश रची गई। कई दस्तावेजों पर उसके जाली हस्ताक्षर करवा लिए गए। झूठे कागजात तैयार करने के साथ कोठी की ट्रांसफर के लिए उसका हमशक्ल भी तैयार कर लिया गया। फिर आरोपियों ने राहुल को गुजरात के एक आश्रम में छोड़ दिया। उसकी गैरमौजूदगी में आरोपियों ने पहले तो उसकी कोठी अपने नाम करवाया फिर किसी और को बेच दिया। इस मामले में पुलिस ने संजीव महाजन, अरविंद सिंगला, सतपाल डागर, मनीष गुप्ता, सौरभ गुप्ता, खलिंदर सिंह कादियान, गुरप्रीत सिंह, अशोक अरोड़ा, दलजीत सिंह उर्फ रूबल, शेखर और पूर्व इंस्पेक्टर राजदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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