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चंडीगढ़ में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल: PGI, जीएमसीएच-32 में मरीजों का इलाज ठप, सेक्टर-17 में जताया रोष

Wed, 14 Aug 2024 10:42 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Wed, 14 Aug 2024 10:42 PM IST
सार

चंडीगढ़ में डॉक्टरों की हड़ताल लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। शहर के तमाम सभी बड़े अस्पतालों में मरीजों का इलाज ठप हो गया है। लोग बिना इलाज लौट रहे हैं। 

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Kolkata rape murder case resident doctors strike in Chandigarh patients trouble in PGI GMCH 32
हड़ताल पर पीजीआई के डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोलकाता घटना के विरोध में पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। पीजीआई के साथ जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 के रेजिडेंट डॉक्टरों ने न्याय की लड़ाई में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने सुबह से जगह-जगह एकत्र होकर प्रदर्शन, पैदल यात्रा और धरना दिया। वहीं, शाम को सेक्टर-17 स्थित प्लाजा में एकत्र होकर न्याय की मांग की। उनका कहना है कि यह एक डॉक्टर की नहीं देश की बेटी की हत्या है, जो पढ़ तो गई लेकिन बच नहीं सकी।

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डॉक्टरों की हड़ताल के चलते भी हजारों मरीजों को इलाज नहीं मिल पाया। पीजीआई में तीन दिनों में ओपीडी से लगभग 15 से 18 हजार मरीज बिना इलाज के लौटे हैं। बुधवार को ओपीडी में 5158 मरीजों का पंजीकरण हुआ। ये सभी फॉलोअप और इमरजेंसी वाले मरीज थे, जबकि 71 मरीजों की सर्जरी हुई और 75 मरीज भर्ती किए गए। हालांकि, भर्ती मरीजों का इलाज प्रभावित रहा। जिन मरीजों को सर्जरी की डेट दी गई है, वे भी हड़ताल खत्म होने की आस लगाए हुए हैं क्योंकि उनकी सर्जरी टाल दी गई है।रेजिडेंट डॉक्टरों के समर्थन में फैकेल्टी एसोसिएशन के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नर्सेज एसोसिएशन, पीएचडी स्टूडेंट्स एसोसिएशन, फिजियोथैरेपिस्ट एसोसिएशन और पीजीआई टेक्नीशियन एसोसिएशन आ गई है।
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जीएमसीएच 32 में भी व्यवस्था ध्वस्त
पीजीआई की तरह जीएमसीएच 32 में भी बुधवार की सुबह से ही रेजिडेंट डॉक्टरों ने वैकल्पिक सेवाएं ठप कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बारिश के बीच वे प्रदर्शन करते दिखे। वहीं कॉलेज परिसर में मानव शृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे ज्यादातर मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा क्योंकि वहां भी फैकेल्टी ने सीमित संख्या में ही मरीज देखे। वहां भी इलेक्टिव सर्जरी और ओपीडी से भर्ती रोक दी गई है।
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जांच रिपोर्ट की संख्या हजारों में पहुंची
रेजिडेंट डॉक्टरों के काम पर न लौटने से पीजीआई में पेंडिंग जांच रिपोर्ट की संख्या हजारों में पहुंच गई है। जांच के बाद भी मरीजों को रिपोर्ट न मिलने से उनका इलाज बाधित हो रहा है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि वे भी डॉक्टरों को समर्थन कर रहे हैं क्योंकि ये सिर्फ एक डॉक्टर की नहीं देश की बेटी की हत्या है इसलिए सुरक्षा और न्याय के मुद्दे पर सरकार को डॉक्टरों का साथ देना चाहिए। उनकी मांग पूरी कर इसे जल्द से जल्द खत्म करने का प्रयास होना चाहिए।

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