चंडीगढ़ स्थापना दिवस: इन वजहों से चंडीगढ़ है बेहद खास, देशभर में पेश की खास मिसाल
सिटी ब्यूटीफुल से स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ते चंडीगढ़ ने अपनी खूबसूरती को और संवारा है। सुखना लेक और रॉक गार्डन के अलावा कुछ अन्य पर्यटक स्थल विकसित किए गए हैं, जो सैलानियों को अपनी तरह खींच रहे हैं। इनमें से बर्ड पार्क पर्यावरण प्रेमियों को एक सुखद अहसास करवा रहा है। यहां पक्षियों की अनेकों प्रजतियां स्थानीय पर्यटकों के वीकएंड को खुशनुमा बना रहीं हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ के स्कूल न केवल विरासत बल्कि भारतीय शिक्षा पद्धति की मिसाल हैं। यहां कुल 113 स्कूल हैं, जिनमें से आठ विरासत केंद्र हैं। इनकी खासियत की बात करें तो देशभर में चंडीगढ़ के स्कूलों की इमारतें आधुनिक वास्तुकला पर आधारित हैं। इसमें प्रशासन की ओर से सात नए स्कूल बनाने पर काम चल रहा है।
शहर की स्थापना के वक्त इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि यहां की आबादी को सभी तरह की सुविधाएं मिल पाएं। नई पीढ़ी को शिक्षा के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। इसलिए शुरू से हर सेक्टर के मध्य में स्कूल बनाने की जगह दी गई। वहीं, उच्च शिक्षा में चंडीगढ़ उत्तरी राज्यों का केंद्र है, जहां पंजाब यूनिवर्सिटी, आर्ट्स कॉलेज, पेक आदि संस्थानों में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और जम्मू समेत पूरे देश से विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं।
स्कूलों में आधुनिक वास्तुकला का प्रयोग किया गया है। समावेशी शिक्षा के तहत सभी स्कूलों में रैंप बने हैं। भारतीय शिक्षा पद्धति के अनुसार खुले में पढ़ाने की प्रवृत्ति से प्रभावित होकर स्कूलों में ओपन स्पेस और बड़ी-बड़ी कक्षाएं बनाई गई हैं। सेक्टर-18 का गर्ल्स स्कूल में ओपन थिएटर के साथ कक्षा के बारह ओपन स्पेस डिजाइन किए गए हैं। 60-70 के दशक में प्लान किए स्कूल आज भी विद्यार्थियों की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करते हैं। यहां ओपन थियेटर, बड़े मैदान, कॉरिडोर की सुविधाएं हैं। विरासत स्कूलों में जीएमएसएसएस-10, गवर्नमेंट स्कूल-15, जीएमएसएसएस-16, जीजीएमएसएसएस-18, जीएमएचएस-19, जीएमएसएसएस-21, जीजेएमएस-22, जीएमएसएसएस-23। इसके अलावा शिक्षकों के प्रयास से यहां कई चीजों की पहल हुई, जैसे विज्ञान और गणित पार्क, हरबेरियम लैब और डोम थिएटर।
सभी स्कूलों में बच्चों को दे रखे हैं टैब और कंप्यूटर
शहर के सभी स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी के तहत टैब और कंप्यूटर वितरित किए हैं। बच्चों को तकनीकी से जोड़ने के लिए ग्यारहवीं और बारहवीं में आर्टिफिशियल कोर्स पढ़ाए जा रहे हैं। इसके अलावा सत्र 2023-24 में ईडब्ल्यूएस दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए विभाग ने दाखिले की प्रक्रिया केंद्रीकृत कर सफलतापूर्वक ऑनलाइन मोड में पूरा किया है।
सैलानियों को लुभा रहे नए पर्यटन स्थल
सिटी ब्यूटीफुल से स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ते चंडीगढ़ ने अपनी खूबसूरती को और संवारा है। सुखना लेक और रॉक गार्डन के अलावा कुछ अन्य पर्यटक स्थल विकसित किए गए हैं, जो सैलानियों को अपनी तरह खींच रहे हैं। इनमें से बर्ड पार्क पर्यावरण प्रेमियों को एक सुखद अहसास करवा रहा है। यहां पक्षियों की अनेकों प्रजतियां स्थानीय पर्यटकों के वीकएंड को खुशनुमा बना रहीं हैं। वहीं, सेक्टर-18 की प्रेस बिल्डिंग को वायुसेना के विरासत केंद्र का रूप दिया गया है।
मध्यमार्ग पर लगा सेना का लड़ाकू विमान यहां से गुजरने वाले पर्यटकों को खुद ब खुद आकर्षित कर लेता है। विरासत केंद्र के अंदर जाते ही भारतीय वायुसेना की शौर्यगाथा देख लोगों को सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। सेक्टर-17 की पुरानी रंगत भी लौटने लगी है। मल्टीलेवल पार्किंग से जहां सेक्टर-17 में वाहन पार्किंग की टेंशन खत्म हो गई है, वहीं इसका नया स्वरूप भी शहरवासियों को खूब भा रहा है। इसके अलावा रोज गार्डन आने वाले पर्यटक नवनिर्मित अंडरपास से होते हुए आसानी से सेक्टर-17 पहुंचते हैं। अंडरपास में शाम के समय लाइव म्यूजिक, पेंटिंग प्रदर्शनी, डांस कार्यक्रम होते हैं, जिसका नजारा देखने लायक होता है। वहीं, सेक्टर-17 स्थित अर्बन पार्क की शोभा अब तिरंगे के साथ और भी बढ़ गई है।
चंडीगढ़ को मिला नया सचिवालय भवन
इस वर्ष चंडीगढ़ प्रशासन को सेक्टर 9-डी में यूटी सचिवालय का नया भवन मिला। इसका क्षेत्रफल 2.63 एकड़ और कवर क्षेत्र 214816 वर्ग फीट है। इस भवन में भूतल और छह मंजिल हैं। नए भवन के शुरू होने से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ इससे जुड़े कर्मचारी भी एक ही छत के नीचे काम करने लगे हैं। अक्तूबर 2022 के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसका उद्घाटन किया था। सचिवालय की नई इमारत करीब 78 करोड़ रुपये की लागत में बनकर तैयार हुई है। पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने दिसंबर 2018 में निर्माण कार्य शुरू कराया था।
पूरा शहर सीसीटीवी कैमरे की जद में
सेक्टर- 17 में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के चालू होने के साथ ही शहर में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) का उपयोग शुरू कर दिया गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसका उद्घाटन किया था। शहर में लगे 2189 सीसीटीवी कैमरों से यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों के ऑनलाइन चालान किए जा रहे हैं। उद्घाटन के पहले ही दिन 215 वाहनों के चालान किए गए थे। इनमें से 200 वाहनों के तेजरफ्तार और 15 वाहनों के लालबत्ती पर नियम तोड़ने के चालान हुए। सेंटर में 15 अधिकारियों के नेतृत्व में एक टीम 24 घंटे कैमरों से पूरे शहर की निगरानी कर रही है। सेंटर में बनी 60 फीट की वॉल स्क्रीन पर इन कैमरों से पूरे शहर पर आसानी से नजर रखी जा रही है।
धनास लेक में लगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा सोलर पैनल
सुखना लेक के बाद धनास लेक को भी पर्यटकों के लिहाज से विकसित किया गया है। यहां वन विभाग की ओर से उत्तर भारत का सबसे बड़ा तैरता हुआ सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। लेक पर 500 किलोवाट का फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाया गया है। सौर ऊर्जा का बेहतर उपयोग करने के उद्देश्य से वन विभाग जमीन और छतों के साथ-साथ पानी पर भी सोलर प्लांट लगाकर योजना का लाभ लेना चाहता है।
इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में चंडीगढ़ सबसे आगे
ईवी अपनाने में चंडीगढ़ देशभर में नंबर-एक है। सितंबर 2023 में शहर में बिके कुल वाहनों में 15 फीसदी इलेक्ट्रिक थे, जबकि इसी महीने राष्ट्रीय औसत सिर्फ छह फीसदी थी। कई राज्यों में ईवी को अपनाने की दर दो फीसदी तो किसी राज्य में तीन फीसदी है। शहर के लोग सबसे ज्यादा तेजी से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीद रहे हैं। वहीं, अब तक जितने भी सवारी वाले तीन पहिया वाहन बिक रहे हैं, सभी इलेक्ट्रिक हैं। आंकड़ों के अनुसार, शहर में ईवी अपनाने की दर करीब 15 फीसदी से अधिक है।
डैशबोर्ड ने शहर में हर महीने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में वर्ष 2030 तक नौ गुना वृद्धि का अनुमान लगाया है। हालांकि, यह बढ़ भी सकता है, क्योंकि जैसे-जैसे बैटरियों के दाम कम होंगे। ईवी सस्ते होंगे और लोग ज्यादा संख्या में ईवी की तरफ रुख करेंगे। अनुमान है कि शहर में 2030 तक हर माह बिकने वाले ईवी की संख्या 5224 तक पहुंच सकती है। हालांकि ईवी नीति का शहर में विरोध भी हो रहा है क्योंकि पेट्रोल-डीजल वाहनों का कोटा तय करने से वाहन डीलरों और लोगों को काफी मुसीबत झेलनी पड़ रही है। दो बार राहत के बावजूद अब अगले पांच माह के लिए दोपहिया पेट्रोल वाहनों का कोटा खत्म हो गया है। इससे लोग परेशान हैं। ऐसे में इस दिवाली दोपहिया पेट्रोल वाहन नहीं पंजीकृत होंगे।
स्कूली शिक्षा में चंडीगढ़ देशभर में अव्वल
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने परफॉर्मिंग ग्रेडिंग इंडेक्स-2.0 (पीजीआई-2.0) 2021-22 की रिपोर्ट 07 जुलाई 2023 को जारी की थी। इसमें चंडीगढ़ और पंजाब ने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाने में चंडीगढ़ और पंजाब सबसे आगे हैं। छह मापकों और 73 सूचकों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में 1000 में से चंडीगढ़ ने 659 और पंजाब ने 647.4 अंक प्राप्त किए थे। एक्सेस मापक में अर्थात शिक्षा उपलब्ध कराने में 68.6 अंक प्राप्त कर चंडीगढ़ दूसरे ग्रेड और 62.1 अंक लेकर पंजाब तीसरे ग्रेड पर रहा है।
पीयू और पेक ने युवाओं को शिक्षा के साथ स्टार्टअप में दी पहचान
पंजाब यूनिवर्सिटी और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज शहर के साथ देश के युवाओं को उच्च शिक्षा सहित स्टार्टअप और अनुसंधान में नई पहचान दे रहे हैं। दोनों संस्थानों में इनोवेशन सेंटर की स्थापना की गई है, जहां पर पीयू और पेक के साथ शहर के स्कूलों को भी स्टार्टअप और शोध के लिए मंच मुहैया करवाया जा रहा है। इसके साथ ही स्कूली छात्रों को टेक्नोलॉजी में निपुण करने के लिए भी पीयू और पेक की तरह से स्कूलों का सहयोग किया जा रहा है। इसमें दोनों संस्थानों की ओर से युवाओं को मेंटर उपलब्ध करवाए जाते हैं, जो उनकी टेक्नोलॉजी डेवलप करने और नई शोध में मदद करते हैं।