जानिए बड़े नोट बंद होने से किसे लगा झटका और किसकी हुई चांदी
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तुरंत प्रभाव से 500 और 1000 के करेंसी नोट बंद होने के आदेश का सराफा कारोबार पर व्यापक असर हुआ है।
एक तरफ बड़े कारोबारियों ने मुंहमांगे दाम पर सोना बेचा, वहीं छोटे कारोबारियों के सामने ग्राहक के आर्डर का भुगतान समस्या बन गया। वहीं बाजार में आ रहे ग्राहकों को कैश की कमी के कारण माल नहीं मिल पा रहा है।
मंगलवार देर शाम आठ बजे जैसे ही पीएम मोदी ने बड़े नोट बंद करने का एलान किया, तुरंत ही कारपोरेट ज्वेलर्स के शोरूमों में सोना खरीदने वालों की तादाद बढ़ गई है।
करेंसी नोट बंद होने से सराफा कारोबार में पसरा सन्नाटा
भंडारी ज्वेलर्स के संचालक और स्वर्णकार संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल भंडारी का कहना है कि इस फरमान से छोटा कारोबारी बर्बाद हो गया। कल ही साढ़े तीस हजार पर ग्राहक का आर्डर बुक किया था, लेकिन अब बाजार में सोना 35 हजार रुपये में भी नहीं मिल रहा है।
ऐसे में ग्राहक के आर्डर का भुगतान किस तरह किया जाए। भंडारी ने कहा कि सोने के मुंह मांगे दाम लिए जा रहे हैं। जगदंबे ज्वेलर्स के संचालक शिव धीर कहते हैं कि बाजार में करेंसी की कमी के कारण लोग माल लेने नहीं आ रहे, जो आ रहे हैं, वे पुरानी करेंसी ला रहे हैं। इससे समस्या बढ़ गई है।
लुधियाना ज्वेलर्स एसोसिएशन के महासचिव मनोज ढांडा कहते हैं कि इस फरमान से ज्वेलरी कारोबार बर्बाद हो गया है। आज बाजार में दस पैसे भी काम नहीं हुआ, क्योंकि लोगों के पास पैसा ही नहीं है।