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जानिए, कैसे बचें अस्थमा के अटैक से
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 07 May 2014 02:02 PM IST
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देश में अस्थमा से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन थोड़ा सी सावधानी से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। रात और सुबह के समय अस्थमा का अटैक होने के अधिक चांस होते हैं।
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यह जानकारी पंजाब यूनिवर्सिटी में वर्ल्ड अस्थमा डे पर पीजीआई में अस्थमा एक्सपर्ट डा.दिगंबर बेहरा ने दी। पीयू के हेल्थ सेंटर की ओर से अस्थमा डे पर गोल्डन जुबली हाल में विशेष लेक्चर आयोजित किया गया।
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पीयू फैकल्टी, स्टूडेंट और अन्य कर्मचारी अस्थमा के बारे में फैली भ्रांतियां और इसके इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन पीयू हेल्थ सेंटर के चीफ मेडिकल ऑफिसर डा.देवेंद्र धवन की अगुवाई में हुआ।
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कार्यक्रम में पीयू डीएसडब्ल्यू प्रो.नंदिता सिंह, प्रो.विजय लक्ष्मी शर्मा, प्रो.किरनप्रीत कौर, डा.लतिका शर्मा और डा.राकेश खुल्लर भी मौजूद थे।
डा.बेहरा ने बताया कि अस्थमा की रीनिटिस एलर्जी से अस्थमा 20 से 30 फीसदी तक होता है। जबकि ब्रोनिकल अस्थमा के मरीजों की संख्या 2 से 5 फीसदी होती है।
उन्होंने बताया कि अस्थमा के जीवाणू खाने, तंबाकू, बिल्ली, कुत्ते, कोक्रोच आदि से अधिक फैलते हैं। घरों में पेट की सफाई का विशेष ध्यान रखने की जरुरत है।