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सुबह शरीर अकड़े तो समझिए ये बीमारी है आपको
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 25 Jun 2014 01:31 PM IST
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पटियाला की निरपत एक स्कूल टीचर हैं। अचानक उन्होंने महसूस किया कि हर सुबह उठने पर उनका सारा शरीर बुरी तरह अकड़ा रहता है। वह हाथ या पांव ठीक से फैला नहीं पाती थीं।
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उंगुलियों में जख्म होने लगे और पानी रिसने लगा। पहले नजदीकी डॉक्टर से संपर्क किया तो वहां से उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया। जांच में पता चला कि निरपत को स्क्लेरोडरमा नामक बीमारी ने चपेट में ले लिया है। इसके उनकी चमड़ी कड़क हो जाती है।
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पीजीआई के डॉक्टरों ने बताया कि यदि निरमत ने देर कर दी तो उसका पूरा शरीर इस गंभीर बीमारी की गिरफ्त में आ जाता। आम तौर पर स्क्लेरोडरमा होने के बाद शरीर का कोई न कोई अंग प्रभावित हो जाता है। खास तौर पर लंग्स, किडनी और हार्ट सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। पीजीआई में अब तक स्क्लेरोडरमा के 500 मरीज रजिस्टर्ड हो चुके हैं।
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डॉक्टरों का कहना है कि इस रीजन में इसके करीब एक हजार मरीज होंगे। हिमाचल से सबसे ज्यादा मरीज आते हैं, लेकिन अब तक ऐसी कोई स्टडी सामने नहीं आई है, जो यह साबित करे कि स्क्लेरोडरमा होने के ठंडी जगह में ज्यादा चांस हैं।
पीजीआई के इंटरनल मेडिसिन के एचओडी डॉ. सुरजीत सिंह, डॉ. अमन शर्मा, डॉ. शेफाली खन्ना शर्मा ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 26 जून को पीजीआई इस सिलसिले में एक अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है।
इसमें मरीजों को कुछ जरूरी बातों को विस्तार से बताया जाएगा। ताकि वे बेहतर जिंदगी जी सके। ओपीडी में भीड़ होने के कारण मरीजों को समझाने में दिक्कत आती है। 26 जून को मरीजों को एक बुकलेट भी बांटी जाएगी। यह बुक हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी में होगी।
क्यों होता है अब तक कारण पता नहीं
इस गंभीर बीमारी के कारणों के बारे में अब तक पता नहीं चल पाया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह एक आटो इम्यून डिसीज है। इसमें इम्यून सिस्टम ओवर एक्टिव हो जाता है और शरीर के कई सेल को डैमेज करने लगता है। दवा शुरू होने पर यह ठहर जाता है, वरना धीरे-धीरे यह शरीर के अन्य अंगों को भी नष्ट कर देता है।
इस बीमारी को बढ़ने से रोकने के लिए मरीज को लगातार ब्लड प्रेशर, ब्लड-यूरिन टेस्ट, लंग्स फंक्शन टेस्ट और अन्य टेस्ट रेगुलर कराते रहने चाहिए। यह अक्सर 35 साल की उम्र के आसपास के लोगों को होता है। बच्चों में भी कुछ केस पाए गए हैं, लेकिन उनकी संख्या काफी कम है। इस बीमारी के महिलाओं में होने के चांस ज्यादा होते हैं।
ये होते हैं लक्षण
त्वचा में सख्ती आना
मुंह खोलने में परेशानी
हार्ट बार-बार दिक्कतें बढ़ा रही हो
लगातार तनाव बढ़ रहा हो
ब्लड प्रेशर जल्दी-जल्दी बढ़ना
घुटनों में दर्द होना
किडनी की क्षमता कम होना