फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Know Here about Eye Fluenza

देखिए, कहीं आंखों का दुश्मन न बन जाए आई फ्लू

Tue, 26 Aug 2014 04:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 26 Aug 2014 04:19 PM IST
विज्ञापन
Know Here about Eye Fluenza

शहर में आई फ्लू काफी तेजी से फैल रहा है। पीजीआई, जीएमसीएच 32, सेक्टर 16 हास्पिटल सहित प्राइवेट क्लीनिकों की ओपीडी में आई फ्लू के पेशंट बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इस वायरस के लिए अनुकूल मौसम है।

विज्ञापन


यह व्यक्ति से व्यक्ति में फैलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आई फ्लू से घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन जब तक रहता है, तब तक आंखों में किरकिरीपन रहता है। काफी तेज दर्द होता है।
विज्ञापन


स्कूल जाने वाले बच्चों में काफी तेजी से फैलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी आंखों में तकलीफ हो तो विशेषज्ञ को जरूर दिखाएं। केमिस्ट से दवा मत लें। वे उन्हें स्टेराइड दे सकते हैं। इससे परेशानी और बढ़ जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है आई फ्लू

Know Here about Eye Fluenza

आई फ्लू के बैक्टीरिया सीधा कॉर्निया पर हमला करते हैं, जिसकी वजह से समय रहते इलाज न कराने पर आंखों की रोशनी तक जा सकती है। बारिश के इस मौसम में बरसात के तुरंत बाद तेज धूप और उमस में यह बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। आम लोगों की सोच के अनुसार यह बात सही नहीं है कि आई फ्लू होने पर उस व्यक्ति की आंखों में देखने से यह रोग फैलता है, जबकि यह है कि उस व्यक्ति के इंफेक्टेड हाथों और उसके इस्तेमाल में लाए सामान का यूज करने से यह फैलता है।

आई फ्लू हर उम्र के लोगों को हो सकता है, लेकिन इसकी चपेट में बच्चे सबसे ज्यादा आते हैं। वैसे, कई बार यह भी हो सकता है कि आई फ्लू के साथ उनको हल्का बुखार या एलर्जी या कोई सांस संबंधी स्वास्थ्य समस्या भी हो। इसे कंजंक्टिवाइटिस इंफेक्शन भी कहते हैं।

आमतौर पर यह एक एलर्जिक रिएक्शन की वजह से होता है, लेकिन कई मामलों में बैक्टीरिया का इंफेक्शन भी इसके लिए जिम्मेदार होता है। इस इन्फेक्शन की शुरुआत एक आंख से ही होती है, लेकिन जल्द ही दूसरी आंख भी इसकी चपेट में आ जाती है और समय पर इलाज नहीं करने से रेस्पेरेटरी सिस्टम पर भी इसका इफेक्ट होता है।

क्या लक्षण हैं और इलाज

Know Here about Eye Fluenza

आंखों का यह संक्रमण सफेद सतह की ऊपरी परत में होता है। इससे आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों से पानी आने लगता है। तेज जलन होती है। पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है।

आंखों में चुभन होती है और सूजन आ जाती है और तेज दर्द होता है। इस कारण आंखों में खुजली भी होती रहती है। कई बार इस इन्फेक्शन की वजह से बुखार भी आ जाता है।

यह है इलाज
आमतौर पर आई फ्लू दो से तीन दिन में ठीक हो जाता है। इसकी चपेट में आते ही तुरंत आई स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए। इसकी अनदेखी करने पर यह आंख की बाहरी परत यानी कॉर्निया में भी फैल सकता है।

कंजंक्टिवाइटिस की कई कैटिगरी हैं। बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस अपने आप ठीक हो जाता है, जबकि एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस के लिए एंटीबायोटिक ड्रॉप लेना चाहिए और वायरल कंजंक्टिवाइटिस के मरीजों को ठंडे सेक से फायदा होता है।

ऐसे करें बचाव

Know Here about Eye Fluenza

यदि बच्चे को इंफेक्शन हो जाए तो उसे स्कूल नहीं भेजना चाहिए।
यदि आफिस में किसी को इंफेक्शन हो गया है और उसके कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे पहले साफ करे।
इस रोग के मरीज आंखों पर बार-बार हाथ न लगाएं। अगर संक्रमित आंख को छुए तो हाथ को अच्छी तरह साफ करें।
संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं। उनके इस्तेमाल किए जाने वस्तुओं को मत छुए।
आंखों को बार-बार साफ व ठंडे पानी से धोना चाहिए।
इंफेक्शन होने पर काला चश्मा पहने।
इस मौसम में स्वीमिंग पूल में जाने से बचना चाहिए।
आंखों में नियमित रूप से गुलाब जल डालें और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा आंखों में न डाले।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed