Chandigarh Players in IPL: पूरा परिवार जुड़ा था हॉकी से, मनन का मन रमा क्रिकेट में
पंजाब किंग्स से खेल रहे 19 साल के राज अंगद बावा ऑल राउंडर हैं। सेक्टर 50 निवासी उनके पिता सुखविंदर बावा शहर में क्रिकेट कोच हैं और शहर के कई युवा क्रिकेट खिलाड़ियों को क्रिकेट की ट्रेंनिंग देते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इस बार आईपीएल में चंडीगढ़ के कई खिलाड़ी अपना खेल दिखा रहे हैं। इनमें शामिल खिलाड़ी लगातार अपनी मेहनत से इस मुकाम पर पहुंचे हैं। पंचकूला के रहने वाले मनन वोहरा के दादा वाईपी वोहरा पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी थे। परिवार से अन्य सदस्य भी हॉकी से जुड़े रहे। मनन सचिन तेंदुलर को अपना आदर्श मानते थे। परिवार हॉकी से जुड़ा था लेकिन मनन को क्रिकेट से लगाव था। ऐसे में किसी एक खेल का चुनना कठिन था।
दादा ने मनन का क्रिकेट में अधिक रुझान देखते हुए क्रिकेट में डाला। वे पंजाब की अंडर 16, 19, 23 टीमों में खेले। रणजी में पंजाब की ओर से खेले। इसके बाद वर्ष 2013 में पंजाब किंग्स टीम के सदस्य बने। 28 साल के मनन वोहरा बीए फाइनल में हैं। वे आईपीएल में लखनऊ सुपर जाइंट्स में दांए हाथ के बल्लेबाज के तौर पर खेलते हैं। मनन के पिता संजीव वोहरा ने बताया कि बेटे को क्रिकेटर बनने का शौक था। शुरुआती क्रिकेट जीएनपीएस 36 अकादमी से सीखा। इसके बाद पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने मनन को क्रिकेट की कोचिंग दी। पंचकूला के घर में छत पर नेट्स लगाकर रात को लाइटों में कड़ा अभ्यास किया।
युवराज को अपना आदर्श मानते हैं राजअंगद
पंजाब किंग्स से खेल रहे 19 साल के राज अंगद बावा ऑल राउंडर हैं। सेक्टर 50 निवासी उनके पिता सुखविंदर बावा शहर में क्रिकेट कोच हैं और शहर के कई युवा क्रिकेट खिलाड़ियों को क्रिकेट की ट्रेंनिंग देते हैं। पिता से प्रभावित होकर राज अंगद क्रिकेट के मैदान में उतरा। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर अंडर 19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम में चयन हुआ और टीम को विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसी प्रदर्शन के आधार पर आईपीएल 2022 की नीलामी में पंजाब किंग्स ने अपनी टीम में शामिल किया। बावा के पिता ने बताया कि राज अंगद बावा शुरू से सिक्सर किंग युवराज सिंह के खेल से प्रभावित रहा है। उसी की तरह बनने का उसमें जुनून था। बेटे की ललक देखकर उसे क्रिकेटर बनाने का फैसला लिया और उसने भी कड़ी मेहनत की। उम्मीद है कि वह पंजाब किंग्स के भरोसे पर खरा उतरेगा।
रमनदीप सिंह
चंडीगढ़ के सेक्टर 55 के रहने वाले रमनदीप सिंह को बचपन से क्रिकेट से लगाव रहा। शुरुआत गली मोहल्ले में क्रिकेट खेलने से हुई। इसके बाद वर्ष पंजाब टीम के इंटर स्टेट टी-20 टूर्नामेंट से डेब्यू किया। वर्ष 2019 में पंजाब के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में शिरकत की। पंजाब क्रिकेट टीम के सदस्य बने। इसके बाद आईपीएल में मुंबई इंडियंस टीम के सदस्य बने। अभी वे मुंबई इंडियंस से खेल रहे हैं। उनके पिता हरदेव सिंह ने बताया कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइक्लिस्ट रहे है। इसके साथ नेशनल रिकार्ड भी बना चुके है। बेटे का झुकाव क्रिकेट की ओर था। इसलिए उसे किकेट में आगे बढ़ाया। उसने कड़ी मेहनत की ओर आज वह आईपीएल में खेल रहा हैं।
अर्शदीप सिंह
23 साल के अर्शदीप मोहाली के पास खरड़ में रहते हैं। क्रिकेट खेलने का जुनून था। इसके लिए रोजाना साइकिल पर खरड़ से चंडीगढ़ सेक्टर 36 स्थित जीएनपीए स्कूल की क्रिकेट अकादमी में अभ्यास के लिए आते थे। यहां पर गेंदबाजी की कोचिंग ली और बेहतर प्रदर्शन कर लगातार आगे बढ़ते रहे। वर्ष 2018 में पंजाब के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में डेब्यू किया। वर्ष 2018 में अंडर 19 वर्ल्ड कप टीम के लिए भारतीय टीम में चुने गए। इसी वर्ष आईपीएल की पंजाब किंग्स टीम ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। उनके पिता दर्शन सिंह ने बताया कि वह खुद क्रिकेट से लगाव रखते हैं। पंजाब में डिस्ट्रिक्ट लेवल तक बतौर गेंदबाज के तौर पर क्रिकेट खेले। आज भी हर सप्ताह शनिवार और रविवार को अपने सर्कल में क्रिकेट खेलते है। बेटे को भी मुझे देखते हुए क्रिकेट से लगाव हो गया और मैंने उसे क्रिकेटर बनाने के लिए प्रोत्साहन दिया। उसने मेहनत शुरू की और आज वह आईपीएल खेल रहा है। मां बलजीत कौर ने कहा कि मेरी इच्छा है वह जल्द ही भारतीय टीम की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरे।
शुभमन गिल
22 साल के शुभमन गिल पंजाब के फाजिल्का के रहने वाले है। फिलहाल वे गुजरात टाइटंस से खेल रहे हैं। बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए मां पिता शुभमन को लेकर मोहाली में बस गए। पंजाब की ओर से घरेलू क्रिकेट से शुरुआत की। इसके बाद 2018 में अंडर 19 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में शामिल हो गए। जल्द ही बेहतर प्रदर्शन के आधार पर न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय सीनियर टीम में शामिल किए गए। उनके पिता लखविंदर सिंह ने बताया कि फाजिल्का से जो सपना लेकर मोहाली आए थे वह पूरा हुआ। बेटे को भारतीय जर्सी में देखने में देश के हर मां बाप का सपना होता है। आज पूरे परिवार को बेटे पर गर्व है। मां कीरत ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने में बेटे की कड़ी मेहनत है। उसने गर्मी और सर्दी में बिना रूके क्रिकेट का का अभ्यास किया।
सिद्धार्थ कौल
सनराईजर्स हैदराबाद में बतौर गेंदबाज शामिल सिद्धार्थ कौल के पिता तेज कौल स्पोर्ट्स ऑथरिटी ऑफ इंडिया से क्रिकेट कोच के पद से रिटायर हुए। उन्हें देखते हुए क्रिकेट से लगव हो गया। वर्ष 2008 में अंडर 19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे। पंजाब की घरेलू टीम से खेलते हुए रणजी ट्राफी में हिस्सा लिया। इसके बाद आईपीएल में कोलकाता नाईट राइर्ड्स टीम ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। उनका परिवार जीरकपुर में रहता है। उनकी मां सध्या कौल ने बताया कि सिद्धार्थ कौल के पिता क्रिकेट से जुड़े रहे हैं। क्रिकेट की कोचिंग देते रहे और बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। कॉलेज में क्रिकेट खेलते हुए भी बेहतर प्रदर्शन किया। हमेशा से ही गेंदबाज बनना चाहता था। आज वह बेहतर कर रहा हैं, सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के लिए वह बेहतर प्रदर्शन का प्रयास करता रहेग।
हरप्रीत बराड़
पंजाब किंग्स के ऑलराउंडर 26 साल के हरप्रीत बराड़ मूल रूप से मोगा के रहने वाले है। अब मौजूदा समय में जीरकपुर में रहते है। इन्होंने 9 वर्ष की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। पहले लोकर अकादमी में खेलते रहे। इसके बाद सेक्टर 28 में क्रिकेट सेंटर से कोचिंग ली। पंजाब की घरेलू टीम में शामिल हुए। पंजाब के लिए अंडर 23 में खेलते हुए घरेलू सीजन में 56 विकेट चटका डाले। इसके बाद सीधे आईपीएल की पंजाब किंग्स टीम में एंट्री की। उनके पिता मोहिंदर सिंह ने बताया कि उनका बेटा हमेशा से ही क्रिकेटर बनना चाहता था। टीवी स्क्रीन पर भारतीय टीम के क्रिकेटर सितारों को देखते हुए उसमें क्रिकेटर बनने की ललक जागी। बेटे के कहने पर उसे क्रिकेट अकादमी में दाखिल किया। इसके बाद वह खुद मेहनत से आगे बढ़ता रहा। आईपीएल में अगर वह बेहतर प्रदर्शन करता है परिवार को सबसे अधिक खुशी होगी।