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Hindi News ›   Chandigarh ›   Know about new ministers of Haryana Kamal Gupta and Devender Singh Babli

हरियाणा मंत्रिमंडल विस्तार: जानें कौन हैं- कमल गुप्ता व देवेंद्र सिंह बबली, जिन्हें मनोहर लाल की कैबिनेट में मिली जगह

Tue, 28 Dec 2021 05:02 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 28 Dec 2021 05:02 PM IST
सार

लंबे इंतजार के बाद हरियाणा कैबिनेट का मंगलवार को विस्तार किया गया। भाजपा हाईकमान से हरी झंडी मिलने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला किया गया था। शाम चार बजे राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने दो विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

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Know about new ministers of Haryana Kamal Gupta and Devender Singh Babli
Haryana Cabinet Expansion - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मंगलवार को हरियाणा को दो नए मंत्री मिल गए हैं। भाजपा कोटे से हिसार से विधायक कमल गुप्ता ने मंत्री पद की शपथ ली। वहीं जननायक जनता पार्टी (जजपा) कोटे से देवेंद्र सिंह बबली मंत्री बने हैं। हरियाणा में अब मंत्रियों की कुल संख्या 14 हो गई है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को मिलाकर जजपा के तीन मंत्री हो गए हैं। वहीं 11 मंत्री भाजपा के हैं। नए मंत्री कमल गुप्ता संघ की पहली पसंद हैं। आइए जानते हैं नए मंत्रियों के बारे में... 

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डॉ. कमल गुप्ता:  
डॉ. कमल गुप्ता ने 2014 और 2019 विधानसभा चुनाव में हिसार सीट से भाजपा की टिकट पर जीत दर्ज कर चुके हैं। उनके पिता का नाम मनफूल सिंह है। कमल गुप्ता पेशे से डॉक्टर हैं और परास्नातक तक की पढ़ाई की है। रोहतक स्थित एमडीयू मेडिकल कॉलेज से 1980 में मास्टर ऑफ सर्जरी की। हिसार में जन्मे कमल गुप्ता 67 साल के हैं। साल 2012 में उन्हें हिसार भाजपा का जिला अध्यक्ष बनाया गया था। 1996 में भाजपा टिकट पर पहला चुनाव लड़ा लेकिन हार का सामना करना पड़ा और तीसरे स्थान पर रहे। 2014 में कांग्रेस की सावित्री जिंदल को 13646 मतों से हरा कर विधानसभा पहुंचे। 2019 में कांग्रेस के रामनिवास को हराकर विधानसभा दोबारा पहुंचे।
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देवेंद्र सिंह बबली: देवेंद्र सिंह बबली फतेहाबाद जिले की टोहाना विधानसभा से जननायक जनता पार्टी (जजपा) के विधायक हैं। पेशे से वह बिजनेसमैन हैं और बारहवीं पास हैं। आईजी कॉलेज टोहाना से परीक्षा पास की। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व विधायक सुभाष बराला को हराकर पहली बार विधायक बने हैं। किस्मत ऐसे खुली की पहली बार में मंत्री भी बन गए। देवेंद्र पहले कांग्रेस में थे लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो उन्होंने जजपा का दामन थाम लिया और टिकट लेकर चुनाव में 52302 मतों से जीत दर्ज की। प्रदेश में 2019 के चुनाव में जीत का यह दूसरा बड़ा अंतर। देवेंद्र बबली कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर के करीबी रहे। 
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समाजसेवी से मंत्री बनने तक सफर
इससे पहले वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में बबली ने आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और उन्हें करीब 39 हजार वोट मिले थे।देवेंद्र बबली समाजसेवी हैं। वे लंबे समय से क्षेत्र में अपनी सामाजिक संस्था के माध्यम से नेत्र जांच शिविर, गरीब कन्याओं का विवाह, युवाओं के लिए खेल प्रतियोगिताएं समेत समाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करवाते आ रहे हैं। देवेंद्र बबली टोहाना के गांव बिढाईखेड़ा के रहने वाले हैं। इनके पिता का नाम दिलबाग सिंह और माता का नाम शारदा देवी हैं। देवेंद्र बबली स्वतंत्रता सेनानी परिवार से संबंध रखते हैं और वे अपने दादा को अपना प्रेरणास्त्रोत मानते हैं। इनके दादा कैप्टन उमराव सिंह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में कैप्टन थे।

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