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किशोर की यादों ने जीत लिया दिल
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चंडीगढ़। नजरों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया.. बांहों में बांहें डाल के खिलने का मौसम आ गया.. शुभाषीस और संचिता चक्रवर्ती ने बाल भवन में किशोर दा और लता मंगेशकर का यह सुपरहिट गीत पेश किया तो श्रोता रोमांचित हो गए। मौका था नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर पटियाला और ट्राइसिटी कल्चरल एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘सुनहरी यादें’ का। इस सांस्कृतिक संध्या का आयोजन लीजेंड किशोर कुमार की याद में किया गया। बाल भवन के नवरंग थियेटर में आयोजित इस कार्यक्रम में एनजेडसीसी के अध्यक्ष सौभाग्य वर्धन चीफ गेस्ट रहे। ट्राइसिटी कल्चरल एसोसिएशन के शांतनु मित्रा ने परंपरागत ढंग से द्वीप प्रज्जवलित करके इवेंट की शुरुआत की। होस्ट प्रमोद सिन्हा और राजश्री ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौकेपर सत्रह गायकों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
इस अवसर पर पीयूषा मित्रा ने जिंदगी प्यार का गीत है, इसे हर दिल को गाना पड़ेगा.. गीत पेश कर समा बांध दिया। इसके बाद शुभाषीस शर्मा और सुचेता मुखर्जी ने आंखों में हमने आपके सपने सजाए हैं.. गीत से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। दीपांकर दास ने मेरे नैना सावन भादो फिर भी मेरा मन प्यासा गाया। इसके बाद कुमार सामंत और पियोषा मित्रा ने हवा के साथ साथ घटा के संग संग ओ साथी चल.. गीत पेश कर श्रोताओं को गुनगुनाने पर मजबूर कर दिया। शुभाषीस शर्मा ने हम बेवफा हरगिज न थे गीत को खूबसूरत ढंग से पेश किया। इसके बाद अरूप मुखर्जी ने अपनों में बेगाना गीत गाया।
इस अवसर पर आशीष डे ने फिल्म नमक हलाल का सुप्रसिद्ध गीत पग घुंघरू बांध मीरा नाची थी.. पेश कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। भंवरे की गुंजन गीत को डॉ. संगीता चौधरी ने अपनी खूबसूरत आवाज में चार चांद लगा दिए। इसके बाद संचिता चक्रवर्ती और शुभाषीष ने मोहब्बत बड़े काम की चीज है.. गीत पेश कर माहौल को रोमांचक बना दिया। दीपांकर और उनकी साथी ने जीवन के हर मोड़ पर.. गीत गाकर सभी का दिल जीत लिया। इस मौके पर सत्पा, सुचेता, संचिता दीपांकर और आशीष ने हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें.. गीत पेश कर श्रोताओं को सराबोर कर दिया।
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इस अवसर पर पीयूषा मित्रा ने जिंदगी प्यार का गीत है, इसे हर दिल को गाना पड़ेगा.. गीत पेश कर समा बांध दिया। इसके बाद शुभाषीस शर्मा और सुचेता मुखर्जी ने आंखों में हमने आपके सपने सजाए हैं.. गीत से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। दीपांकर दास ने मेरे नैना सावन भादो फिर भी मेरा मन प्यासा गाया। इसके बाद कुमार सामंत और पियोषा मित्रा ने हवा के साथ साथ घटा के संग संग ओ साथी चल.. गीत पेश कर श्रोताओं को गुनगुनाने पर मजबूर कर दिया। शुभाषीस शर्मा ने हम बेवफा हरगिज न थे गीत को खूबसूरत ढंग से पेश किया। इसके बाद अरूप मुखर्जी ने अपनों में बेगाना गीत गाया।
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इस अवसर पर आशीष डे ने फिल्म नमक हलाल का सुप्रसिद्ध गीत पग घुंघरू बांध मीरा नाची थी.. पेश कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। भंवरे की गुंजन गीत को डॉ. संगीता चौधरी ने अपनी खूबसूरत आवाज में चार चांद लगा दिए। इसके बाद संचिता चक्रवर्ती और शुभाषीष ने मोहब्बत बड़े काम की चीज है.. गीत पेश कर माहौल को रोमांचक बना दिया। दीपांकर और उनकी साथी ने जीवन के हर मोड़ पर.. गीत गाकर सभी का दिल जीत लिया। इस मौके पर सत्पा, सुचेता, संचिता दीपांकर और आशीष ने हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें.. गीत पेश कर श्रोताओं को सराबोर कर दिया।
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