{"_id":"571db85a4f1c1ba07ea914f6","slug":"kisan-bhawan-balamkheere-sector-16-dangerous-tree-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान भवन से सेक्टर-16 के रोड पर पेड़ों पर लटकी 'मौत', बचकर चलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान भवन से सेक्टर-16 के रोड पर पेड़ों पर लटकी 'मौत', बचकर चलें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:55 AM IST
विज्ञापन
सेक्टर-35 किसान भवन चौक से सेक्टर-16 क्रिकेट ग्राउंड (22-23 की मुख्य सड़क पर)
- फोटो : amarujala
शहर के मुख्य सड़कों की हरियाली लोगों को सुकून देती है। लेकिन शहर के करीब दो किलोमीटर की मुख्य सड़क पर लगे बालमखीरे के पेड़ लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इन पेड़ों पर लगे भारी भरकम फल आते जाते वाहनों तो कभी उन पर गिर रहे हैं। कई राहगीर पेड़ों से गिर रहे फलों से घायल तक हो चुके हैं।
सेक्टर-35 किसान भवन चौक से सेक्टर-16 क्रिकेट ग्राउंड (22-23 की मुख्य सड़क पर) तक सड़क के दोनों तरफ पेड़ों पर भारी भरकम बालम खीरे लगे हुए हैं। 5 से 8 किलो के भार के इन खीरों को देखकर आने जाने वालों के दिल दहल जाते हैं। कई साइकिल सवार इन फलों के गिरने से गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। लेकिन यूटी प्रशासन और इंजीनियरिंग विभाग इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है। मामले में कई बार लोगों ने नगर निगम और प्रशासन के पास शिकायत भी की।
बालम खीरा गिरने से कई गाड़ियों को भी नुकसान हो चुका है। लेकिन सबसे अधिक जान का खतरा साइकिल चालक और दो पहिया वाहन चालकों को है। भारी भरकम बालम खीरा गिरते ही आदमी का अस्पताल पहुंचना तय है। कई नई गाड़ियों की छत पर बालम खीरा गिरने से नुकसान हो चुका है।
विज्ञापन
कोट्स ..
इस संबंध में मेरे पास अभी कोई शिकायत नहीं आई है। पहली बार इस बारे में मुझे जानकारी मिली है। अगर लोगों को बालम खीरे से दिक्कतें आ रही हैं तो मैं सोमवार को ही संबंधित अधिकारियों को इस मामले में उचित कार्रवाई के आदेश दे दूंगा।
मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर, चंडीगढ़ प्रशासन
विज्ञापन
सेक्टर-35 किसान भवन चौक से सेक्टर-16 क्रिकेट ग्राउंड (22-23 की मुख्य सड़क पर) तक सड़क के दोनों तरफ पेड़ों पर भारी भरकम बालम खीरे लगे हुए हैं। 5 से 8 किलो के भार के इन खीरों को देखकर आने जाने वालों के दिल दहल जाते हैं। कई साइकिल सवार इन फलों के गिरने से गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। लेकिन यूटी प्रशासन और इंजीनियरिंग विभाग इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है। मामले में कई बार लोगों ने नगर निगम और प्रशासन के पास शिकायत भी की।
विज्ञापन
बालम खीरा गिरने से कई गाड़ियों को भी नुकसान हो चुका है। लेकिन सबसे अधिक जान का खतरा साइकिल चालक और दो पहिया वाहन चालकों को है। भारी भरकम बालम खीरा गिरते ही आदमी का अस्पताल पहुंचना तय है। कई नई गाड़ियों की छत पर बालम खीरा गिरने से नुकसान हो चुका है।
विज्ञापन
कोट्स ..
इस संबंध में मेरे पास अभी कोई शिकायत नहीं आई है। पहली बार इस बारे में मुझे जानकारी मिली है। अगर लोगों को बालम खीरे से दिक्कतें आ रही हैं तो मैं सोमवार को ही संबंधित अधिकारियों को इस मामले में उचित कार्रवाई के आदेश दे दूंगा।
मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर, चंडीगढ़ प्रशासन