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पंजाबः आंदोलन की आड़ में हो रही लूटपाट, किसान संगठनों को अब हिंसा की आशंका
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 04 Jun 2018 10:40 AM IST
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किसान आंदोलन
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पंजाब में किसान संगठनों की दस दिवसीय हड़ताल की आड़ में कुछ लोगों ने लूटपाट शुरू कर दी है। वहीं संगठनों को हिंसा होने की आशंका है। मानसा में रविवार सुबह रिलायंस कंपनी का फल और सब्जी से भरा ट्रक रोककर जबरदस्ती खाली करवाकर लूट लिया गया। इसकी कीमत सात लाख रुपये बताई जा रही है। वहीं अबोहर में श्रीगंगानगर रोड़ पर कुछ लोगों ने प्याज की बोरियों से लदा ट्रक रुकवा लिया और बोरियां उतारकर अपने घरों में ले गए।
भाकियू नेता मलूक सिंह ने कहा कि ट्रक लूटने वालों से उनकी जत्थेबंदी का कोई संबंध नहीं है। किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन को सूचित करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान किसानों ने अपने नाकों की सूची भी पुलिस को सौंपी। फाजिल्का में अबोहर रोड पर शनिवार की देर शाम नाका लगाकर खड़े किसानों ने एक परिवार की गाड़ी पर हमला कर दिया। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत नगर थाना प्रभारी से की है।
रविवार सुबह नकाबपोश युवक कई दुकानों से दूध के भरे ड्रम लूटकर फरार हो गए। सरदूलगढ़ में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद न करने का फैसला किया तो किसान नेताओं ने सब्जी मंडी में धरना लगा दिया। माहौल को तनावपूर्ण होते देख डीएसपी सरदूलगढ़ संजीव गोयल व थाना इंचार्ज हरविंदर सरां ने पहुंचकर मामला शांत करवाया। मानसा में किसान जत्थेबंदियों ने दूध सप्लाई करने वाले लोगों से दूध छीनकर सड़क पर बहा दिया।
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जलालाबाद में किसान यूनियनों ने मंडी के सामने एकत्रित होकर चारे की ट्रालियों और सब्जियों को रोका, वहीं गांवों से शहर दूध ला रहे दोधियों को रोकर दूध कब्जे में लिया गया। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोधी यूनियन ने एकत्रित होकर मुख्य मार्ग को जाम करके रोष धरना दिया।
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भाकियू नेता मलूक सिंह ने कहा कि ट्रक लूटने वालों से उनकी जत्थेबंदी का कोई संबंध नहीं है। किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन को सूचित करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान किसानों ने अपने नाकों की सूची भी पुलिस को सौंपी। फाजिल्का में अबोहर रोड पर शनिवार की देर शाम नाका लगाकर खड़े किसानों ने एक परिवार की गाड़ी पर हमला कर दिया। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत नगर थाना प्रभारी से की है।
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रविवार सुबह नकाबपोश युवक कई दुकानों से दूध के भरे ड्रम लूटकर फरार हो गए। सरदूलगढ़ में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद न करने का फैसला किया तो किसान नेताओं ने सब्जी मंडी में धरना लगा दिया। माहौल को तनावपूर्ण होते देख डीएसपी सरदूलगढ़ संजीव गोयल व थाना इंचार्ज हरविंदर सरां ने पहुंचकर मामला शांत करवाया। मानसा में किसान जत्थेबंदियों ने दूध सप्लाई करने वाले लोगों से दूध छीनकर सड़क पर बहा दिया।
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जलालाबाद में किसान यूनियनों ने मंडी के सामने एकत्रित होकर चारे की ट्रालियों और सब्जियों को रोका, वहीं गांवों से शहर दूध ला रहे दोधियों को रोकर दूध कब्जे में लिया गया। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोधी यूनियन ने एकत्रित होकर मुख्य मार्ग को जाम करके रोष धरना दिया।
फाजिल्का रोड पर कार सवारों से मारपीट कर छीने मोबाइल
किसान आंदोलन
किसान संगठनों की पहली जून से शुरू की गई दस दिवसीय देशव्यापी हड़ताल में कुछ अराजकतत्व शामिल हो गए हैं। यह लोग यूनियन की सहमति के बिना सड़कों पर नाके लगाकर लोगों से लूटपाट कर रहे हैं। श्रीगंगानगर रोड़ पर इन लोगों ने शनिवार की रात प्याज की बोरियों से लदा ट्रक रुकवा लिया और कई बोरियां उतार कर अअपने घरों को ले गए।
इसकी सूचना मिलते ही किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन को सूचित करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान किसानों ने अपने नाकों की सूची भी पुलिस को सौंपी। रविवार सुबह फाजिल्का रोड पर गांव डंगरखेड़ा से कुछ शहरी लोग दूध व सब्जियां खरीद कर कार से अबोहर आ रहे थे। ओवरब्रिज के पास किसानों के रूप में नाका लगाए लोगों ने इन्हें रोक लिया और दूध व सब्जियां छीनकर मारपीट की।
विरोध करने पर कार सवारों के मोबाइल भी छीन लिए। शनिवार को भी इसी स्थान पर गांव निहालखेड़ा निवासी कोऑपरेटिव सोसायटी के इंस्पेक्टर महेन्द्र कुमार से मारपीट कर उसकी कार के शीशे तोड़ दिए गए थे। इससे पूर्व शनिवार रात गांव सैदांवाली के सामने किसानों के रूप में खड़े अराजकतत्वों ने कई लोगों से मारपीट की और प्याज से भरा ट्रक रोककर उसमें से बोरियां उतार ले गए।
नकाबपोशों ने शहर में दूध भरे ड्रम लूटे
अबोहर में रविवार सुबह नकाबपोश युवक कई दुकानों से दूध के भरे ड्रम लूटकर फरार हो गए। दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन से इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गली नंबर 6 पटेल पार्क निवासी डेयरी संचालक आशु मुंजाल ने बताया कि रविवार सुबह करीब 6 बजे उनका कर्मचारी कैन में दूध लेकर घरों में देने जा रहा था। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवकों ने कर्मचारी से मारपीट करते हुए उससे दूध की भरी कैनियां छीन ली।
इसके बाद इन्हीं युवकों ने चानन स्वीट हाउस के गोदाम से दूध का भरा हुआ ड्रम लूट लिया। इसके अलावा मलोट रोड स्थित शिव डेयरी, श्याम विहार के सामने यादव टी स्टॉल से दूध के भरे हुए ड्रम उठा लिए। मुंजाल ने पुलिस को शिकायत दी है। चानन स्वीट हाऊस के गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पता चला है कि आरोपी नकाबपोश आसपास के गांवों के दोधी हैं। बाइक के नंबर से इनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
इसकी सूचना मिलते ही किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन को सूचित करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान किसानों ने अपने नाकों की सूची भी पुलिस को सौंपी। रविवार सुबह फाजिल्का रोड पर गांव डंगरखेड़ा से कुछ शहरी लोग दूध व सब्जियां खरीद कर कार से अबोहर आ रहे थे। ओवरब्रिज के पास किसानों के रूप में नाका लगाए लोगों ने इन्हें रोक लिया और दूध व सब्जियां छीनकर मारपीट की।
विरोध करने पर कार सवारों के मोबाइल भी छीन लिए। शनिवार को भी इसी स्थान पर गांव निहालखेड़ा निवासी कोऑपरेटिव सोसायटी के इंस्पेक्टर महेन्द्र कुमार से मारपीट कर उसकी कार के शीशे तोड़ दिए गए थे। इससे पूर्व शनिवार रात गांव सैदांवाली के सामने किसानों के रूप में खड़े अराजकतत्वों ने कई लोगों से मारपीट की और प्याज से भरा ट्रक रोककर उसमें से बोरियां उतार ले गए।
नकाबपोशों ने शहर में दूध भरे ड्रम लूटे
अबोहर में रविवार सुबह नकाबपोश युवक कई दुकानों से दूध के भरे ड्रम लूटकर फरार हो गए। दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन से इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गली नंबर 6 पटेल पार्क निवासी डेयरी संचालक आशु मुंजाल ने बताया कि रविवार सुबह करीब 6 बजे उनका कर्मचारी कैन में दूध लेकर घरों में देने जा रहा था। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवकों ने कर्मचारी से मारपीट करते हुए उससे दूध की भरी कैनियां छीन ली।
इसके बाद इन्हीं युवकों ने चानन स्वीट हाउस के गोदाम से दूध का भरा हुआ ड्रम लूट लिया। इसके अलावा मलोट रोड स्थित शिव डेयरी, श्याम विहार के सामने यादव टी स्टॉल से दूध के भरे हुए ड्रम उठा लिए। मुंजाल ने पुलिस को शिकायत दी है। चानन स्वीट हाऊस के गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पता चला है कि आरोपी नकाबपोश आसपास के गांवों के दोधी हैं। बाइक के नंबर से इनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
किसान संगठनों को हिंसा की आशंका
किसान आंदोलन
तीन दिन से शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों को अब इस बात की आशंका है कि कोई शरारती तत्व माहौल न खराब कर दे। पहली बार हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कोई हिंसा न हो जाए। पूरा कर्ज माफ करने और स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशें लागू करने समेत कई मांगों को लेकर देश के 172 किसान संगठनों का आंदोलन रविवार को तीसरे दिन में दाखिल हो गया। पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आंदोलन के बावजूद न तो कोई ट्रेन रोकी गईं और न ही कोई सड़क।
आंदोलन में शामिल किसान संगठन इसे अपनी बड़ी जीत मान कर चल रहे हैं। क्योंकि फल, दूध, सब्जी की किल्लत लगातार बढ़ रही है। अगर ऐसा ही रहा तो सरकार दबाव में आ सकती है। ऐसे में किसान संगठनों को यह आशंका है कि शरारती तत्व इस आंदोलन को हिंसक न बना दें। भारतीय किसान यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पहली बार देश में ऐसा अहिंसक आंदोलन हुआ है कि सरकार कुछ नहीं कर सकती। इसलिए अब सारा जोर इस बात पर लगा हुआ है कि कहीं भी किसी तरह की हिंसा न हो ताकि सरकारों को मौका मिल जाए। इसके लिए सभी गांवों में टीमें तैनात की गई हैं।
राजेवाल ने कहा कि गांवों में शनिवार को टीमें भेज कर लोगों को जागरूक किया गया था कि वे फल, सब्जी, दूध सड़कों पर न फेंके। उसे गुरद्वारों या अस्पतालों में भेजें, या फिर गरीबों में बांट दे। उसका काफी असर हुआ है, रविवार को पंजाब और हरियाणा में कहीं भी दूध, सब्जी सड़कों पर नहीं फेंका गया। देश के दूसरे हिस्सों से जरूर ऐसी खबरें आई हैं, वहां भी अपील की जा रही है। किसानों से कहा गया है कि अगर कोई भी गांव में दूध, सब्जी खरीदने आता है तो उसकी आवभगत करें और उसे सामान बेचें।
आंदोलन में शामिल किसान संगठन इसे अपनी बड़ी जीत मान कर चल रहे हैं। क्योंकि फल, दूध, सब्जी की किल्लत लगातार बढ़ रही है। अगर ऐसा ही रहा तो सरकार दबाव में आ सकती है। ऐसे में किसान संगठनों को यह आशंका है कि शरारती तत्व इस आंदोलन को हिंसक न बना दें। भारतीय किसान यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पहली बार देश में ऐसा अहिंसक आंदोलन हुआ है कि सरकार कुछ नहीं कर सकती। इसलिए अब सारा जोर इस बात पर लगा हुआ है कि कहीं भी किसी तरह की हिंसा न हो ताकि सरकारों को मौका मिल जाए। इसके लिए सभी गांवों में टीमें तैनात की गई हैं।
राजेवाल ने कहा कि गांवों में शनिवार को टीमें भेज कर लोगों को जागरूक किया गया था कि वे फल, सब्जी, दूध सड़कों पर न फेंके। उसे गुरद्वारों या अस्पतालों में भेजें, या फिर गरीबों में बांट दे। उसका काफी असर हुआ है, रविवार को पंजाब और हरियाणा में कहीं भी दूध, सब्जी सड़कों पर नहीं फेंका गया। देश के दूसरे हिस्सों से जरूर ऐसी खबरें आई हैं, वहां भी अपील की जा रही है। किसानों से कहा गया है कि अगर कोई भी गांव में दूध, सब्जी खरीदने आता है तो उसकी आवभगत करें और उसे सामान बेचें।