पंजाब: पराली न जलाने पर गांव को मिले थे राष्ट्रीय अवार्ड, किसानों के समर्थन में लौटाने का एलान
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किसानों के समर्थन में मोगा के गांव रंसीह कलां की पंचायत ने केंद्र सरकार से मिले दो राष्ट्रीय पुरस्कार व 18 लाख की इनामी राशि को वापस करने का फैसला लिया है। गांव की पंचायत दिल्ली बॉर्डर पर मंगलवार को दोनों राष्ट्रीय पुरस्कार किसान संगठनों को सुपुर्द करेगी और कानूनी प्रक्रिया से 18 लाख की इनामी राशि को भी केंद्र सरकार को लौटाया जाएगा।
गांव रंसीह कलां की पंचायत अक्सर ही चर्चा का विषय रही है। गांव में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने समेत तालाब को झील का रूप देने, पार्क बनाने, पराली न जलाने को लेकर राज्य भर में पहला गांव बनकर सामने आने और सूखे व गीले कूड़े का सही निपटारा करने वाला राज्य का पहला गांव है।
पंचायत राज्य और केंद्र सरकार से प्रशंसा बटोर चुकी है। दो माह पहले ही कोविड महामारी के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पंचायत को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार और दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया था। इन दोनों पुरस्कारों के साथ पंचायत को 18 लाख रुपये की इनाम राशि भी बैंक खाते में भेजी गई थी। अब पंचायत ने गांववासियों को भरोसे में लेकर किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए पुरस्कार व इनामी राशि लौटाने का फैसला लिया है। वहीं पंचायत के इस फैसले का गांववासियों ने स्वागत किया है।
पराली न जलाने वाला पहला गांव था रंसीह कलां
गांव रंसीह कलां की पंचायत ने घोषणा की थी कि पंचायत अपने स्तर पर पराली न जलाने वाले किसानों को पांच सौ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देगी। इस पर गांव के सभी किसानों ने पराली को आग न लगाते हुए सीधी बिजाई शुरू की। इस तरह गांव राज्यभर में पराली न जलाने वाला पहला गांव बना।
इसके अलावा सूखे कूड़े व प्लास्टिक कचरे के बदले गांव वासियों को गुड़, चावल व शक्कर देने जैसे कार्यों के चलते हमेशा से गांव रंसीह कलां की पंचायत चर्चा में रही है। वर्ष 2018 में सरपंच प्रीतइंद्र पाल सिंह मिंटू को गांववासियों ने बिना चुनाव सर्वसम्मति से सरपंच चुना था।
मंगलवार को किसान संगठनों को सुपुर्द करेंगे पुरस्कार
रंसीह कलां के सरपंच प्रीतइंद्रपाल सिंह मिंटू ने कहा कि वह मंगलवार को अपनी टीम के साथ दिल्ली कूच करेंगे। इस दौरान वह किसान संगठनों के दरबार में पेश होकर अपने दोनों राष्ट्रीय पुरस्कार सुपुर्द करेंगे और बैंक खाते के जरिये उन्हें मिली 18 लाख की इनामी राशि को कानूनी प्रक्रिया से ही केंद्र सरकार को वापस लौटा देंगे।
पंजाबियत पर सब कुछ कर देंगे कुर्बान : मिंटू
सरपंच प्रीतइंद्र पाल सिंह मिंटू ने बताया कि 18 लाख की इनामी राशि वापस करने का फैसला उन्होंने सोच समझकर लिया है। कुछ लोगों की सोच है कि पंचायतों के पास विकास के लिए पैसा नहीं है। उनकी पंचायत ने केंद्र से मिले 18 लाख लौटाने का फैसला ले लिया है लेकिन वह बताना चाहते हैं कि दोनों पुरस्कार व 18 लाख इनामी राशि उन्होंने अपने अच्छे कामों की वजह से हासिल किए थे और भविष्य में वह और भी ऐसे कई पुरस्कार व इनाम अपने नाम करते रहेंगे, मगर पंजाबियत और किसानी को बचाने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।