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आंदोलन में किसान की अचानक तबीयत बिगड़ी, अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में मौत
Wed, 02 Dec 2020 06:55 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 02 Dec 2020 06:55 PM IST
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गुरजंट सिंह की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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दिल्ली सीमा पर चल रहे किसानों के आंदोलन में पंजाब के एक और किसान की मौत हो गई। अचानक तबीयत बिगड़ने से 55 वर्षीय किसान नेता गुरजंट सिंह पुत्र राम सिंह का निधन हो गया। वह पंजाब के मानसा जिले के बछोआना के रहने वाले थे। वह भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां से जुड़े थे। गुरजंट सिंह किसान आंदोलनों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे और अपने गांव के किसान नेता भी थे।
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इस संबंध में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के राज्य उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह दयालपुरा और मानसा के अध्यक्ष राम सिंह भैणीवाघा ने बताया कि गुरजंट सिंह गांव बछोआना के रहने वाले थे। पिछले दिनों वह कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन में शामिल हुए और खनौरी बॉर्डर से होते हुए दिल्ली पहुंचे थे।
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26 नवंबर को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद गंभीर हालत में उन्हें बहादुरगढ़ लाया गया। इसके बाद उन्हें हिसार और फिर टोहाना इलाज के लिए रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतक का बुढलाडा के गांव बछोआना में गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन में किसान अपनी जान गंवा रहे हैं लेकिन मोदी सरकार को इसकी कोई फिक्र नहीं है। उन्होंने मांग की है कि आंदोलन में शहीद होने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
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