फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Kisan Andolan: People Of 36 Countries Join Farmer Leaders webinar Against Farm Laws

किसानों का डिजिटल अभियान, पांच घंटे तक पांच नेताओं ने कृषि कानूनों के नुकसान गिनाए, 36 देशों से लोग जुड़े

Fri, 25 Dec 2020 01:59 AM IST
ajay kumar अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 25 Dec 2020 01:59 AM IST
सार

  • पंजाब के पांच किसान नेताओं ने वेबिनार करके कृषि कानूनों पर देश व विदेश के दस हजार लोगों के सवालों के जवाब दिए
  • सरकार पर बातचीत के नाम पर धोखा देने का आरोप लगाया, कहा- अगर सही एजेंडे पर प्रस्ताव मिलता तो बात जरूर होगी

विज्ञापन
Kisan Andolan: People Of 36 Countries Join Farmer Leaders webinar Against Farm Laws
सिंघु बॉर्डर पर जुटे किसान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसानों ने जहां 28 दिनों से आंदोलन छेड़ा हुआ है तो सरकार भी कृषि कानूनों के समर्थन में अभियान चला रही है। उसका ही जवाब देने के लिए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समानांतर अभियान शुरू कर दिया है। जिसकी शुरुआत वेबिनार से हुई है और कुंडली बॉर्डर से पांच घंटे तक पांच किसान नेताओं ने कानूनों के नुकसान बताए तो सरकार के अभियान के बाद लोगों के मन में उठे सवालों का जवाब दिया। 

विज्ञापन


किसानों के लिए सबसे बड़ी बात यह रही कि इस वेबिनार से भारत समेत 36 देशों से दस हजार लोग जुड़े। हालांकि उनमें अधिकतर वहां रहने वाले भारतीय थे और वह किसानों का समर्थन कर रहे है। किसान नेताओं ने सभी के सवालों के जवाब देने के साथ ही सरकार पर बातचीत के नाम पर धोखा देने का आरोप लगाया और यह भी साफ किया कि अगर सही एजेंडे पर प्रस्ताव मिलता है तो वह बात जरूर करेंगे।  
विज्ञापन



कृषि कानून रद्द कराने के लिए किसान नेशनल हाईवे 44 के कुंडली बॉर्डर पर धरना देकर बैठे हुए है। सरकार से कई दौर की बातचीत के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला तो सरकार ने कृषि कानूनों के समर्थन में अपना अभियान शुरू कर दिया था। जिसमें सभाएं करने के साथ ही कुछ किसान संगठनों से लगातार मुलाकात कर रहे है और यह कहा जा रहा है कि वह किसान कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे है। इनके अलावा भाजपा के जनप्रतिनिधि लगातार कृषि कानूनों के समर्थन में कार्यक्रम भी कर रहे है। जिससे लोगों के मन में सवाल खड़े होने लगे कि आखिर किसान या सरकार में कौन सही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इसको देखते हुए ही किसानों में नाराजगी बढ़नी शुरू हुई और किसानों ने सरकार के समानांतर अभियान शुरू करने की योजना बनाई। जिसमें गांव-गांव जाकर कृषि कानूनों का नुकसान बताने का फैसला किया गया तो गुरुद्वारों के लाउडस्पीकर से इस बारे में बताने की बात कही गई। इसके तहत ही सबसे पहले कृषि कानूनों के नुकसान बताने के साथ ही लोगों के सवालों का जवाब देने के लिए पहली बार वेबिनार किया गया।

वेबिनार में दस हजार लोग जुड़े और उनका जवाब देने के लिए कीर्ति किसान यूनियन के उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह दीपसिंहवाला, भाकियू सिधुपुर के सूबा प्रधान जगजीत सिंह दल्लेवाल, भाकियू राजेवाल के सूबा प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल, ऑल इंडिया किसान फेडरेशन के अध्यक्ष प्रेम सिंह भंगू, भाकियू दोआबा के सूबा प्रधान सरदार मंजीत सिंह राय मौजूद रहे। इन सभी ने करीब पांच घंटे तक लोगों के सवालों के जवाब दिए और उनके मन में उठने वाली हर शंका को दूर करने का प्रयास किया। इन पांच घंटे में अधिकतर लोगों ने सरकार के रुख व रणनीति को लेकर सवाल किए तो किसानों का समर्थन करने की बात भी कही। 

भारत समेत 36 देशों से लोग जुड़े
संयुक्त किसान मोर्चा के आईटी हेड बलजीत सिंह के अनुसार वेबिनार में जहां अपने देश के लोग जुड़े, वहीं अन्य 35 देशों से लोगों ने जुड़कर सवाल पूछे है। इनमें ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, कनाडा, चीन, डेनमार्क, फ्रांस, फिनलैंड, एसटोनिया, जॉर्जिया, जर्मनी, आयरलैंड, इजरायल, इटली, जापान, जार्डन, कजाखिस्तान, कुवैत, मलेशिया, न्यूजीलैंड, नाइजीरिया, नार्वे, ओमान, फिलिपींस, पुर्तगाल, कतर, रसियन फेडरेशन, सिंगापुर, स्पेन, स्वीडन, स्विटजरलैंड, यूएई, यूके, यूएस से रजिस्ट्रेशन कराए गए और वेबिनार में शामिल होकर सवाल पूछे। 

सरकार कर रही धोखा, सही एजेंडे पर प्रस्ताव भेजे
किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल व बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि सरकार बातचीत के नाम पर लगातार धोखा कर रही है। सरकार को लग रहा है कि इस तरह से बार-बार पुराना प्रस्ताव भेजकर आंदोलन लंबा खिंचने से किसान परेशान हो जाएंगे। लेकिन यह सरकार की गलतफहमी है, क्योंकि इससे आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है और किसान लगातार जुड़ते जा रहे है। इसलिए सरकार सही एजेंडे पर प्रस्ताव भेजे तो हम बातचीत के लिए जरूर जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed