फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Kisan Andolan: Farmers Tractor march in Several Places Of Punjab

पंजाब : कई जिलों में किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च, संगरूर में महिलाओं व बच्चों की रैली

Thu, 07 Jan 2021 08:14 PM IST
ajay kumar अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब
अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब Published by: ajay kumar Updated Thu, 07 Jan 2021 08:14 PM IST
विज्ञापन
Kisan Andolan: Farmers Tractor march in Several Places Of Punjab
मंडी गोबिंदगढ़ में किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

दिल्ली सीमा के अलावा पंजाब में भी कई स्थानों पर किसान संगठनों ने ट्रैक्टर रैली निकाली। कृषि कानूनों के विरोध में गुरुवार को मंडी गोबिंदगढ़ के बस स्टैंड पर ट्रैक्टर पर रैली निकाली गई। सर्व सांझी एक्शन कमेटी के प्रयास से निकाली गई एक रैली में भारतीय किसान यूनियन पंजाब के प्रधान राजिंदर सिंह बैनीपाल भी शामिल हुए। 

विज्ञापन


स्वतंत्र दीप सिंह बडगुजरां ने कहा कि केंद्र सरकार यह मत सोचे कि दिल्ली में कुछ किसान आंदोलन कर रहे हैं। पंजाब का बच्चा-बच्चा इन कानूनों का विरोधी है। केंद्र ने कानून वापस ना लिए तो संघर्ष और भी तेज किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन पंजाब के प्रधान राजिंदर सिंह बैनीपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने कहा कि अगर किसान विरोधी कानून वापस न लिए गए तो गणतंत्र दिवस पर भारतीय किसान यूनियन का झंडा फहराया जाएगा। किसान आंदोलन तेज करने की राह पर चल पड़े हैं। कुर्बानी भी देनी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


बरनाला में किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च
कृषि कानूनों के विरोध में किसान 100 दिनों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। आंदोलन में बरनाला के नौ किसान जान गंवा चुके हैं। इसे देखते हुए गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन पंजाब के आह्वान पर अनाज मंडी से सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। गुरुवार दोपहर निकाला गया ट्रैक्टर मार्च बस स्टैंड रोड, मीट मार्केट, सदर बाजार से होते हुए रेलवे स्टेशन पर समाप्त हुआ। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार ने काले कानून रद्द न किए तो संघर्ष तेज किया जाएगा। वहीं ट्रैक्टर मार्च के कारण बस स्टैंड रोड सदर बाजार में जाम लग गया। तीन घंटे लोग जाम में फंसे रहे। 

अबोहर : किसान मजदूर कमेटी ने फूंका सरकार का पुतला

तीनों कृषि कानून रद्द करने, पे कमीशन की रिपोर्ट लागू करने और सरकारी विभागों के निजीकरण के विरोध में किसान मजदूर मुलाजिम तालमेल संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने केंद्र व प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। नई सड़क स्थित प्रजापति दक्ष चौक के पास पुतला फूंकते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने नए कृषि कानून लागू कर किसानों के साथ धोखा किया है। वहीं कोरोना की आड़ में लेबर कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधन किए जा रहे हैं। इसके अलावा पक्की भर्ती बंद कर ठेके पर भर्ती कर बेरोजगारों का शोषण किया जा रहा है। इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। 

संगरूर : महिलाओं और बच्चों ने निकाली रोष रैली
खनौरी के नजदीकी गांव चट्ठा गोबिंदपुरा में महिलाओं और बच्चों ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष रैली निकालते हुए कृषि कानूनों को तुरंत वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली है। इसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। किसान विरोधी काले कानूनों को वापस करवाकर ही दम लिया जाएगा। केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को जल्द वापस न लिया तो यह संघर्ष और तेज किया जाएगा।



पठानकोट : यूथ कांग्रेस ने फूंका प्रधानमंत्री का पुतला
पठानकोट-अमृतसर हाईवे स्थित अड्डा कोटली मुगलां में यूथ कांग्रेस ने कृषि कानूनों के विरोध में हलका प्रधान कुलजीत सैनी की अध्यक्षता में पीएम का पुतला फूंका। इसमें पूर्व मंत्री रमन भल्ला विशेष तौर पर पहुंचे। कुलजीत सैनी ने कहा कि जो काले कानून केंद्र सरकार ने पारित किए हैं। उनके विरोध में कई महीनों से किसान जगह-जगह आंदोलन कर रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। कड़ाके की ठंड में दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों का साथ देने बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में वहां पहुंचे हैं। कई किसान जान गंवा चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed