किसानों का फैसला- अब टावरों को नहीं करेंगे क्षतिग्रस्त, जियो सिम पोर्ट करवाने को गठित करेंगे कमेटी
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पंजाब में किसान संगठनों ने फैसला लिया है कि वह जियो के मोबाइल टावरों और कारपोरेट घरानों की किसी भी संपत्ति को नुकसान नही पहुंचाएंगे। किसान अब एक युवा कमेटी का गठन करेंगे, जो गांव-गांव जाकर लोगों को जियो के सिम अन्य कंपनियों में पोर्ट करवाने को कहेगी। इस संबंध में मंगलवार को मोगा में किसान संगठनों के नेताओं ने एक बैठक भी की।
बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि 31 दिसंबर तक वह युवा किसान कमेटी का गठन कर देंगे। कमेटी में डेढ़ सौ से अधिक सदस्य शामिल होंगे। ये लोग गांवों में जाकर लोगों से जियो का बहिष्कार करने और पहले से चल रहे जियो के सिम को अन्य कंपनी में पोर्ट करवाने की अपील करेंगे।
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शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा संघर्ष
भारत नौजवान सभा के नेता कर्मजीत सिंह कोटकपूरा ने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि आंदोलन के दौरान किसान कोई ऐसा कदम उठाएं जिससे बहाना मिल सके कि किसान माहौल खराब कर रहे हैं। किसान ऐसा हरगिज नहीं करेंगे। अब पंजाब भर में कारपोरेट घरानों की किसी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन होगा। यदि कोई व्यक्ति या किसान किसी टावर को नुकसान पहुंचाता है तो उसका वह खुद जिम्मेदार होगा।
मोगा से पांच हजार ट्रैक्टरों का काफिला जाएगा दिल्ली
किसान नेताओं ने कहा कि 31 दिसंबर को टिकरी व कुंडली बॉर्डर से दिल्ली के लिए किसान संगठनों के आह्वान पर ट्रैक्टर मार्च किया जाएगा। इसमें 50 हजार से अधिक ट्रैक्टर लेकर किसान मार्च करेंगे। ट्रैक्टर मार्च में शामिल होने मोगा से 5000 ट्रैक्टर टिकरी और कुंडली बॉर्डर पहुंचेंगे। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि अगर पंजाब पुलिस इस आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार का अड़ंगा डालती है तो पुलिस को किसान विरोधी समझा जाएगा।
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जियो के टावरों के पास तैनात की पुलिस
कुछ किसानों ने एकता नगर में लगे जियो के मोबाइल टावर का कनेक्शन काट दिया था। वहां के जेनरेटर को उखाड़कर करीब तीन सौ मीटर दूर रख दिया गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चार किसानों को हिरासत में लिया था। एक घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। पुलिस को अंदेशा है कि किसानों की आड़ में शरारती तत्व टावर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस कारण एकता नगर समेत शहर के अन्य जियो टावरों के पास पुलिस तैनात कर दी गई है।