{"_id":"65d9301778c2decc1f03e853","slug":"kisan-andolan-farmers-are-setting-up-a-permanent-permanent-place-on-shambhu-border-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kisan Andolan : शंभू बॉर्डर पर किसान लगा रहे पक्का मोर्चा, सिंघू सीमा की तर्ज पर स्थायी ठिकाना बनाने में जुटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kisan Andolan : शंभू बॉर्डर पर किसान लगा रहे पक्का मोर्चा, सिंघू सीमा की तर्ज पर स्थायी ठिकाना बनाने में जुटे
Sat, 24 Feb 2024 05:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा
रिंपी गुप्ता/सुदेश तनेजा, पटियाला/राजपुरा
रिंपी गुप्ता/सुदेश तनेजा, पटियाला/राजपुरा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 24 Feb 2024 05:24 AM IST
सार
पीछे हटने के बजाय अब उन्होंने यहां सिंघु बॉर्डर की तर्ज पर पक्का मोर्चा लगाना शुरू कर दिया है। किसान लोहे के एंगल से स्थायी हट बना रहे हैं। शुक्रवार शाम लोहे के पिलर लगाकर बड़े-बड़े हट तैयार कर उनमें बेड लगाए गए।
विज्ञापन
किसान आंदोलन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
शंभू और खनौरी बाॅर्डर किसान लगातार डटे हुए हैं। पीछे हटने के बजाय अब उन्होंने यहां सिंघु बॉर्डर की तर्ज पर पक्का मोर्चा लगाना शुरू कर दिया है। किसान लोहे के एंगल से स्थायी हट बना रहे हैं। शुक्रवार शाम लोहे के पिलर लगाकर बड़े-बड़े हट तैयार कर उनमें बेड लगाए गए। शंभू बाॅर्डर से करीब 25 प्रतिशत लोग व ट्रैक्टर-ट्राॅलियां वापस चली गई हैं।
विज्ञापन
हालांकि, किसानों का कहना है कि इन्हें खनौरी शिफ्ट किया गया है। किसान-मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय प्रधान मनजीत सिंह घुमाणा ने बताया कि ट्रैक्टर ट्राॅलियों में कमी नहीं है। कुछ किसान खनौरी बाॅर्डर पर नौजवान की मौत होने पर वहां गए हैं, जो शनिवार का आ जाएंगे। शुक्रवार को दिनभर माहौल शांतिपूर्ण रहा। न तो किसान आगे बढ़े और न ही हरियाणा पुलिस की तरफ से कोई हरकत हुई।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि वह अपने नेताओं के अगले एक्शन के इंतजार में हैं। तब तक वह शंभू बॉर्डर पर डटे रहेंगे। भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के प्रधान रणजीत सिंह सवाजपुर ने कहा कि पहले आंदोलन में भी किसान करीब 13 महीने तक दिल्ली के बाॅर्डरों पर बैठे रहे थे। इस बार हरियाणा सरकार की ओर से किसानों को शंभू व खनौरी बॉर्डरों से आगे जाने नहीं दिया जा रहा था, तो नौजवानों की जान खतरे में डाली नहीं जा सकती है। उन्होंने साफ किया कि किसानों का पीछे हटने का कोई इरादा नहीं है।
विज्ञापन
वहीं, किसान नाजर सिंह ने कहा कि किसान नेता इस समय शुभकरण की मौत के चलते आगे के एक्शन के बारे में फैसला लेने को बैठक नहीं कर पा रहे हैं। सभी किसान एकजुट हैं और पहले की तरह ही शंभू बॉर्डर पर डटे रहेंगे। इशारा मिलते ही पहले की तरह नौजवान जुट जाएंगे। किसान अवतार सिंह ने कहा कि पोकलेन, जेसीबी मशीनों के किराये पड़ रहे थे, इसलिए इन्हें हाल की घड़ी में वापस भेजा जा रहा है।
आज बैठक में होगा अगली रणनीति पर फैसला
किसान-मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय प्रधान मनजीत सिंह घुमाणा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से दोबारा बात करने के लिए बुलाने व किसान नेताओं की ओर से कोई स्पष्ट जवाब न देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम बात करने के लिए तैयार हैं, जब तक मोदी सरकार किसानों की मांगों को पूरा नहीं करती, किसान वापस जाने वाले नहीं।
किसान नेता जसबीर सिंह जस्सी ने भी बताया कि सभी किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच करने के लिए पूरे जोश के साथ शंभू बाॅर्डर पर डटे हैं। शनिवार को बैठक के बाद जो भी हमारे किसान नेता फैसला लेंगे हम वैसा ही करेंगे।