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खेर, धवन और जैन गुट चाहता है कि टंडन लड़ें विधानसभा चुनाव, बस ये नहीं चाहते!
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 04 Jan 2017 01:02 AM IST
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- फोटो : File Photo
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हाईकमान ने भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन पर दबाव बना रखा है कि वह पंजाब के राजपुरा से विधानसभा चुनाव लड़ें, जबकि सांसद किरण खेर, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन गुट भी यही चाहता है, ताकि टंडन हमेशा के लिए चंडीगढ़ की राजनीति से बाहर हो जाएं।
ऐसा करके ढाई साल बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में टंडन शहर से टिकट के दावेदारों की रेस से बाहर हो जाएंगे। इस समय पार्टी हाईकमान नगर निगम चुनाव में भाजपा की जीत से काफी खुश भी है। जबकि टंडन गुट ऐसा नहीं चाहता है। टंडन गुट का कहना है कि पिछले 10 साल से संजय टंडन ने चंडीगढ़ में पार्टी को मजबूत करने के लिए काम किया है। ऐसे में उन्हें अब पंजाब नहीं भेजना चाहिए। टंडन गुट अगले लोकसभा चुनाव में उनको टिकट का प्रबल दावेदार मान रहा है।
पिछले लोकसभा चुनाव में भी टंडन और धवन ही दावेदार थे, लेकिन इन दोनों की लड़ाई का फायदा किरण खेर को मिला था। पार्टी ने खेर को टिकट दे दी थी। भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन भी हाईकमान को राजपुरा से टिकट के लिए इंकार कर चुके हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने राजपुरा में सर्वे करवाया है, जिसमें टंडन का नाम सबसे ऊपर है। चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भी पार्टी ने सर्वे में सबसे ऊपर रहने वालों को ही टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था।
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ऐसा करके ढाई साल बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में टंडन शहर से टिकट के दावेदारों की रेस से बाहर हो जाएंगे। इस समय पार्टी हाईकमान नगर निगम चुनाव में भाजपा की जीत से काफी खुश भी है। जबकि टंडन गुट ऐसा नहीं चाहता है। टंडन गुट का कहना है कि पिछले 10 साल से संजय टंडन ने चंडीगढ़ में पार्टी को मजबूत करने के लिए काम किया है। ऐसे में उन्हें अब पंजाब नहीं भेजना चाहिए। टंडन गुट अगले लोकसभा चुनाव में उनको टिकट का प्रबल दावेदार मान रहा है।
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पिछले लोकसभा चुनाव में भी टंडन और धवन ही दावेदार थे, लेकिन इन दोनों की लड़ाई का फायदा किरण खेर को मिला था। पार्टी ने खेर को टिकट दे दी थी। भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन भी हाईकमान को राजपुरा से टिकट के लिए इंकार कर चुके हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने राजपुरा में सर्वे करवाया है, जिसमें टंडन का नाम सबसे ऊपर है। चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भी पार्टी ने सर्वे में सबसे ऊपर रहने वालों को ही टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था।
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सूद ने अध्यक्ष बनने से किया इंकार
50 से कम आयु का बनेगा भाजपा का नया अध्यक्ष
मेयर चुनाव के बाद भाजपा के नए अध्यक्ष की भी घोषणा कर दी जाएगी। संगठन मंत्री प्रभात झा ने स्थानीय इकाई से कहा है कि 50 साल से कम आयु के नेताओं पर ही अध्यक्ष पद के लिए विचार किया जाएगा। हाईकमान ने ऐसे नेताओं के नामों की सूची मांगी है, जिन्हें नया अध्यक्ष बनाया जा सके। अध्यक्ष बनवाने के लिए सांसद किरण खेर, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन एकजुट हैं।
यह तीनों किसी एक नाम पर सहमति बनाने के लिए तय है, ऐसे में इस मामले में टंडन गुट अकेला पड़ गया है। सभी गुट अपने समर्थक को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाकर अगले लोकसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार करना चाहता है। अगले लोकसभा चुनाव के लिए सांसद की टिकट लेने के लिए अभी से लड़ाई शुरू हो चुकी है। इसलिए सांसद किरण खेर शहर में ज्यादा से ज्यादा काम करवा रही हैं। सांसद की टिकट मिलने पर प्रदेश अध्यक्ष की भी अहम भूमिका रहती है, क्योंकि जिसे अध्यक्ष का समर्थन होता है उसे माना जाता है कि संगठन भी उसके साथ है।
सूद ने अध्यक्ष बनने से किया इंकार
नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए अरुण सूद, सतिंदर सिंह, देवेश मोदगिल, सौरभ जोशी, शक्तिदेव शाली, चंद्रशेखर को दावेदार बताया जा रहा है। टंडन अरुण सूद को नया अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, लेकिन अरुण सूद ने अध्यक्ष बनने से मना कर दिया है। सूद चाहते हैं कि अगले साल वह फिर से मेयर बने। इसलिए अब टंडन गुट चंद्रशेखर के लिए लाबिंग कर रहा है, जबकि सांसद किरण खेर और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन सतिंदर सिंह को नया अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। जबकि पूर्व सांसद सत्यपाल जैन देवेश मोदगिल को नया अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं।
मेयर चुनाव के बाद भाजपा के नए अध्यक्ष की भी घोषणा कर दी जाएगी। संगठन मंत्री प्रभात झा ने स्थानीय इकाई से कहा है कि 50 साल से कम आयु के नेताओं पर ही अध्यक्ष पद के लिए विचार किया जाएगा। हाईकमान ने ऐसे नेताओं के नामों की सूची मांगी है, जिन्हें नया अध्यक्ष बनाया जा सके। अध्यक्ष बनवाने के लिए सांसद किरण खेर, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन एकजुट हैं।
यह तीनों किसी एक नाम पर सहमति बनाने के लिए तय है, ऐसे में इस मामले में टंडन गुट अकेला पड़ गया है। सभी गुट अपने समर्थक को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाकर अगले लोकसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार करना चाहता है। अगले लोकसभा चुनाव के लिए सांसद की टिकट लेने के लिए अभी से लड़ाई शुरू हो चुकी है। इसलिए सांसद किरण खेर शहर में ज्यादा से ज्यादा काम करवा रही हैं। सांसद की टिकट मिलने पर प्रदेश अध्यक्ष की भी अहम भूमिका रहती है, क्योंकि जिसे अध्यक्ष का समर्थन होता है उसे माना जाता है कि संगठन भी उसके साथ है।
सूद ने अध्यक्ष बनने से किया इंकार
नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए अरुण सूद, सतिंदर सिंह, देवेश मोदगिल, सौरभ जोशी, शक्तिदेव शाली, चंद्रशेखर को दावेदार बताया जा रहा है। टंडन अरुण सूद को नया अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, लेकिन अरुण सूद ने अध्यक्ष बनने से मना कर दिया है। सूद चाहते हैं कि अगले साल वह फिर से मेयर बने। इसलिए अब टंडन गुट चंद्रशेखर के लिए लाबिंग कर रहा है, जबकि सांसद किरण खेर और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन सतिंदर सिंह को नया अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। जबकि पूर्व सांसद सत्यपाल जैन देवेश मोदगिल को नया अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं।