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किडनी कांड: नौकरी दिलाने के नाम पर युवती को मणिपुर से चंडीगढ़ लाने वाली महिला गिरफ्तार
Mon, 09 Sep 2019 10:35 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 09 Sep 2019 10:35 AM IST
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मणिपुर निवासी महिला को नौकरी के बहाने चंडीगढ़ लाकर उसकी किडनी निकालने की साजिश में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला की पहचान मणिपुर के इंफाल निवासी अबीम देवी (28) के रूप में हुई है। पुलिस मामले में महिला से पूछताछ करने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। जहां से महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल मुख्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।
पुलिस के अनुसार जांच में पता चला है कि जिस महिला की किडनी देनी थी, उसे खुड्डा लाहौरा में किराए पर रहने वाली अबीम देवी लेकर आई थी। अब पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में जुट गई है, जिस पर किडनी ट्रांसप्लांट होनी थी। बीते 30 अगस्त को मणिपुर निवासी एक महिला खुड्डा लाहौरा ब्रिज के पास मिली। महिला पांच दिन से भूखी थी, जिससे उसकी हालत खराब हो गई थी। उसे पीजीआई में दाखिल करवाया गया। साथ ही लोगों ने वुमन एंड चाइल्ड हेल्पलाइन को मामले की सूचना दी। इसके बाद महिला का मेडिकल करवाया गया।
महिला ने बताया कि करीब दो माह पहले उसे फ्लाइट के जरिए दो लोग नौकरी दिलवाने का झांसा देकर चंडीगढ़ ले आए थे। इसके बाद धोखा देकर उसकी किडनी को एक व्यक्ति के साथ ट्रांसप्लांट करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसकी भनक पीड़ित महिला तक को नहीं लगी। किडनी ट्रांसप्लांट को वैध दिखाने के लिए महिला के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और फिर महिला की तरफ से एफिडेविट भी तैयार करा दिया गया, जिसमें लिखा था कि वह अपनी मर्जी से किडनी डोनेट कर रही है। इसमें किडनी लेने वाले को पीड़ित महिला का पति बनाया गया। महिला के साथ उसका 5 वर्षीय बेटा भी था। घटना के बाद से मामले की जांच डीएसपी ईस्ट कृष्ण कुमार को सौंपी गई।
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पुलिस के अनुसार जांच में पता चला है कि जिस महिला की किडनी देनी थी, उसे खुड्डा लाहौरा में किराए पर रहने वाली अबीम देवी लेकर आई थी। अब पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में जुट गई है, जिस पर किडनी ट्रांसप्लांट होनी थी। बीते 30 अगस्त को मणिपुर निवासी एक महिला खुड्डा लाहौरा ब्रिज के पास मिली। महिला पांच दिन से भूखी थी, जिससे उसकी हालत खराब हो गई थी। उसे पीजीआई में दाखिल करवाया गया। साथ ही लोगों ने वुमन एंड चाइल्ड हेल्पलाइन को मामले की सूचना दी। इसके बाद महिला का मेडिकल करवाया गया।
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महिला ने बताया कि करीब दो माह पहले उसे फ्लाइट के जरिए दो लोग नौकरी दिलवाने का झांसा देकर चंडीगढ़ ले आए थे। इसके बाद धोखा देकर उसकी किडनी को एक व्यक्ति के साथ ट्रांसप्लांट करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसकी भनक पीड़ित महिला तक को नहीं लगी। किडनी ट्रांसप्लांट को वैध दिखाने के लिए महिला के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और फिर महिला की तरफ से एफिडेविट भी तैयार करा दिया गया, जिसमें लिखा था कि वह अपनी मर्जी से किडनी डोनेट कर रही है। इसमें किडनी लेने वाले को पीड़ित महिला का पति बनाया गया। महिला के साथ उसका 5 वर्षीय बेटा भी था। घटना के बाद से मामले की जांच डीएसपी ईस्ट कृष्ण कुमार को सौंपी गई।
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पुलिस को बुलवाना पड़ा मणिपुरी ट्रांसलेटर
खुड्डालाहौरा से महिला को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस जब पूछताछ के लिए महिला को थाने लाई तो पता चला कि उसे हिंदी नहीं आती। महिला से पूछताछ के लिए पुलिस ने मणिपुरी ट्रांसलेटर की खोज शुरू की। काफी मशक्कत के बाद पुलिस को मणिपुरी ट्रांसलेटर मिला। उसके बाद महिला से पूछताछ हुई। तब जाकर आरोपी महिला को पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया।
जल्द मणिपुर रवाना होगी पुलिस की एक टीम
पुलिस सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार हुई महिला से पूछताछ केबाद और पीजीआई से मिले दस्तावेजों से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जल्द पुलिस की एक टीम मणिपुर के लिए रवाना होगी। वहां जाकर ही मुख्य आरोपी और जिस व्यक्ति को किडनी दी जानी थी उसके बारे में जानकारी मिल सकेगी।
जल्द मणिपुर रवाना होगी पुलिस की एक टीम
पुलिस सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार हुई महिला से पूछताछ केबाद और पीजीआई से मिले दस्तावेजों से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जल्द पुलिस की एक टीम मणिपुर के लिए रवाना होगी। वहां जाकर ही मुख्य आरोपी और जिस व्यक्ति को किडनी दी जानी थी उसके बारे में जानकारी मिल सकेगी।