{"_id":"92efda41789743af5292f120dfabeaa2","slug":"kidney-5","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिलिए, मिसाल बनकर उभरीं इन 8 महिलाओं से ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिलिए, मिसाल बनकर उभरीं इन 8 महिलाओं से
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 12 Mar 2014 02:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व किडनी दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय महिला सप्ताह के उपलक्ष्य पर आईवी हॉस्पिटल की ओर से आठ महिला डोनर को सम्मानित किया गया।
अस्पताल की गुर्दा रोग विभाग की डायरेक्टर डॉ. राका कौशल के मुताबिक आंकड़े बताते हैं कि महिलाएं किडनी दान करने में पुरुषों से आगे हैं। ऐसा वह परिवार की रक्षा के लिए करती हैं।
आईवी हास्पिटल के रीनल साइंसेज विभाग के आंकड़ों से पता चला है कि 85 प्रतिशत मामलों में महिलाओं ने ही किडनी दान करने में पहल की। इनमें मां, पत्नी और बहन आदि शामिल हैं।
आईवी हास्पिटल में यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. अविनाश श्रीवास्तव ने बताया कि किडनी दान करने के बाद भी महिलाएं स्वस्थ शिशु को जन्म दे सकती हैं, क्योंकि डोनर सर्जरी से रिप्रोडक्टिव अंगों पर असर नहीं पड़ता है।
विज्ञापन
अब तो नई लेप्रोस्कोपिक विधि से सर्जरी की जाती है, जिसके चलते आपरेशन के बाद दर्द कम होता है। साथ ही अब अस्पताल में कम रहना पड़ता है, मरीज जल्द काम पर लौट सकता है और इससे त्वचा पर निशान भी नहीं रहते।
रीनल साइंसेज विभाग के ऑपरेशंस मैनेजर संतोष सिंह ने किडनी संबंधी रोगों से बचाव के टिप्स देते हुए कहा कि फिट और सक्रिय रहें, वजन पर नियंत्रण रखें, ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराते रहें, ब्लड शुगर को काबू में रखें, धूम्रपान छोड़ दें, संतुलित आहार लें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न खाएं।
विज्ञापन
अस्पताल की गुर्दा रोग विभाग की डायरेक्टर डॉ. राका कौशल के मुताबिक आंकड़े बताते हैं कि महिलाएं किडनी दान करने में पुरुषों से आगे हैं। ऐसा वह परिवार की रक्षा के लिए करती हैं।
आईवी हास्पिटल के रीनल साइंसेज विभाग के आंकड़ों से पता चला है कि 85 प्रतिशत मामलों में महिलाओं ने ही किडनी दान करने में पहल की। इनमें मां, पत्नी और बहन आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
आईवी हास्पिटल में यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. अविनाश श्रीवास्तव ने बताया कि किडनी दान करने के बाद भी महिलाएं स्वस्थ शिशु को जन्म दे सकती हैं, क्योंकि डोनर सर्जरी से रिप्रोडक्टिव अंगों पर असर नहीं पड़ता है।
विज्ञापन
अब तो नई लेप्रोस्कोपिक विधि से सर्जरी की जाती है, जिसके चलते आपरेशन के बाद दर्द कम होता है। साथ ही अब अस्पताल में कम रहना पड़ता है, मरीज जल्द काम पर लौट सकता है और इससे त्वचा पर निशान भी नहीं रहते।
रीनल साइंसेज विभाग के ऑपरेशंस मैनेजर संतोष सिंह ने किडनी संबंधी रोगों से बचाव के टिप्स देते हुए कहा कि फिट और सक्रिय रहें, वजन पर नियंत्रण रखें, ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराते रहें, ब्लड शुगर को काबू में रखें, धूम्रपान छोड़ दें, संतुलित आहार लें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न खाएं।