फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Kidnaping - rape guilty 10-year jail

किडनैपिंग-रेप के दोषी को 10 साल कैद

Fri, 28 Mar 2014 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला Updated Fri, 28 Mar 2014 01:40 AM IST
विज्ञापन
Kidnaping - rape guilty 10-year jail
नाबालिग को किडनैप कर दुराचार करने के दोषी को कोर्ट ने 10 साल कारावास व चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन


आरोपी को 30 जनवरी को दोषी करार दिया गया था, लेकिन इसके बाद उसने कोर्ट में नाबालिग होने का प्रमाण पत्र दे दिया। इस प्रमाण पत्र पर फिर से केस चल पड़ा, जो अब गलत पाया गया।

अब कोर्ट ने बिहार के चीफ सेक्रेटरी को आदेश दिए हैं कि मधुबनी के गांव कुंवर के पंचायत सेक्रेटरी व अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए, क्योंकि दोषी वहीं का रहने वाला है और वहीं से जन्म प्रमाण पत्र लाया था।
विज्ञापन


किडनैपिंग का यह मामला पिंजौर थाने में 22 अप्रैल 2013 को दर्ज हुआ था।

आरोप था कि साजन नाम का युवक शादी का झांसा देकर 22 अप्रैल को लड़की का किडनैप कर लिया था। पिंजौर थाने में मामला दर्ज होने के बाद तलाश शुरू हुई तो पता चला कि दोनों नेपाल बार्डर के साथ लगते बिहार के एक गांव में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने दोनों को वहां से लाकर पंचकूला कोर्ट में पेश किया, जहां लड़की ने साजन पर दुराचार के आरोप लगाए। उसका मेडिकल हुआ तो पता चला कि वह सात सप्ताह के गर्भ से है। इसके बाद दुराचार की धारा भी पहले के केस में जोड़ दी गई।

लड़की के परिजनों ने डिस्ट्रिक लीगल सर्विस अथॉरिटी (डीएलएसए) से मदद मांगी। इसके बाद कोर्ट ने गर्भपात कराने की मंजूरी दी। अब कोर्ट ने साजन को आईपीसी की धारा 363 (किडनैपिंग), 376 (रेप) व प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्सुअल आफेंस एक्ट की धारा चार (यौन उत्पीड़न) के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।


आवेदन से पहले ही बन गया प्रमाण पत्र

डीएलएसए के पैनल एडवोकेट मनबीर राठी ने बताया कि साजन की तरफ से कोर्ट में उम्र का प्रमाण पत्र दिया गया, जिसमें उसे नाबालिग बताया गया था।

20 सितंबर 2013 प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख है, जबकि इसके लिए आवेदन करने की तारीख 2 नवंबर 2013 है। इतना ही नहीं, एक ही दिन में वेरिफिकेशन कर प्रमाण पत्र भी बना दिया गया।

इसी आधार पर कोर्ट ने बिहार के चीफ सेक्रेटरी को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed